रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार भाई और बहन के अटूट रिश्ते का जश्न मनाने का सबसे खास अवसर होता है। इस खास दिन पर बहनें सुंदर परिधान पहनकर सजती हैं और अपने हाथों में मनमोहक मेहंदी रचाती हैं। मेहंदी से सजी हथेलियां त्योहार के उत्साह और पूरे रूप की सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं। हालांकि, कई बार काफी समय देने के बाद भी मेहंदी का रंग हल्का रह जाता है, जिससे निराशा महसूस होना स्वाभाविक है। हालांकि बाजार में रंग गहरा करने वाले रासायनिक उत्पाद मौजूद हैं, लेकिन वे हर त्वचा के लिए सुरक्षित नहीं होते। ऐसे में रसोई में मौजूद आसान और प्राकृतिक घरेलू नुस्खे आजमाकर मेहंदी का रंग बिना किसी दुष्प्रभाव के गहरा बनाया जा सकता है।
सरसों का तेल और पानी से परहेज
जब हाथों पर लगी मेहंदी पूरी तरह सूख जाए, तो उसे पानी से धोने के बजाय अपने हाथों से धीरे-धीरे खुरचकर निकालें। मेहंदी की पपड़ी हटने के बाद अपनी हथेलियों पर सरसों के तेल की कुछ बूंदें लें और हल्के हाथों से मालिश करते हुए फैलाएं। सरसों के तेल की तासीर गर्म होती है, जो मेहंदी के रंग को निखारने और उसे गहरा करने में मदद करती है। इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मेहंदी हटाने के तुरंत बाद हाथों पर पानी लगाने से बचें, क्योंकि पानी लगने से रंग पक्का होने की प्रक्रिया रुक जाती है।
लौंग के धुएं की गर्माहट देने का तरीका
मेहंदी के रंग को डार्क करने के लिए लौंग के धुएं की गर्माहट लेना एक बहुत पुराना और असरदार घरेलू उपाय माना जाता है। इस विधि के लिए किसी छोटे पैन या तवे पर कुछ लौंग रखकर उन्हें गर्म करें। जब लौंग से धुआं निकलने लगे, तो अपनी हथेलियों को सुरक्षित दूरी पर रखकर उस धुएं की भाप लगने दें। यह गर्माहट मेहंदी के प्राकृतिक रंजक को सक्रिय करने में मदद करती है। इस दौरान पूरी सावधानी बरतें और अपने हाथों को गर्म तवे या तेज धुएं के बहुत पास न ले जाएं, ताकि त्वचा को जलने से बचाया जा सके।
नींबू और चीनी का सिरप इस्तेमाल करने के नियम
मेहंदी को ज्यादा देर तक नमी देकर त्वचा में रंग सोखने की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए एक छोटी कटोरी में ताजे नींबू का रस और थोड़ी सी चीनी मिलाकर घोल तैयार कर लें। जब हाथों की मेहंदी सूखने लगे, तो कॉटन यानी रुई के फहे की मदद से इस मिश्रण को मेहंदी पर हल्के से लगाएं। इसे रगड़कर लगाने की गलती न करें, वरना डिजाइन खराब हो सकती है। नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड की वजह से संवेदनशील त्वचा पर जलन हो सकती है, इसलिए इस्तेमाल से पहले थोड़ा सा पैच टेस्ट जरूर कर लें।
चाय या कॉफी के पानी से पेस्ट तैयार करना
मेहंदी का गहरा रंग पाने की तैयारी उसके पेस्ट को घोलते समय ही शुरू की जा सकती है। मेहंदी का पाउडर घोलते समय साधारण पानी की जगह गाढ़ी चाय या उबली हुई कॉफी के पानी का इस्तेमाल करना एक बेहद लोकप्रिय तरीका है। चाय और कॉफी में पाए जाने वाले प्राकृतिक टैनिन मेहंदी के रंग को अधिक गाढ़ा और गहरा बनाने में मदद करते हैं, जिससे मेहंदी रचने के बाद हाथों पर बहुत ही आकर्षक और गहरा रंग आता है।
अचार का तेल और जरूरी सावधानियां
कई लोग मेहंदी हटाने के बाद हथेलियों पर अचार का तेल लगाने की सलाह भी देते हैं। अचार के तेल में मौजूद मसाले और तेल त्वचा में गर्माहट पैदा करते हैं, जिससे मेहंदी का रंग गहरा दिखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अचार में मिले तीखे मसालों और खटास के कारण यह तरीका संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए जलन पैदा कर सकता है। इसलिए अचार के तेल का प्रयोग करने से पहले त्वचा पर पैच टेस्ट करना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी तरह के स्किन रिएक्शन से बचा जा सके।



















