भारतीय रसोइयों में गुड़ का उपयोग बेहद आम है। चाय, लड्डू, खीर और तरह-तरह की मिठाइयां तैयार करने से लेकर भोजन के बाद पाचन के लिए इसका एक छोटा टुकड़ा खाने का चलन कई घरों में देखा जाता है। हालांकि, भीलवाड़ा सहित देश के कई हिस्सों में बारिश और उमस भरे मौसम के दौरान एक आम समस्या सामने आती है। घर में रखा हुआ गुड़ कुछ ही दिनों में नरम पड़ने लगता है, उसकी ऊपरी परत पर चिपचिपाहट बढ़ जाती है और वह पिघलता हुआ दिखने लगता है। सही देखरेख और सही स्टोरेज तकनीक अपनाकर इसे पूरे मानसून के दौरान बिल्कुल सुरक्षित और ताजा रखा जा सकता है।
गुड़ के गीले होने का वैज्ञानिक कारण और उमस का असर
गुड़ के जल्दी खराब या गीले होने के पीछे उसका खास प्राकृतिक गुण जिम्मेदार होता है। गुड़ में हवा में मौजूद नमी को तेजी से सोखने की प्रवृत्ति होती है। जब भी मानसून या उमस के मौसम में गुड़ खुले माहौल के संपर्क में आता है, तो वह वातावरण से नमी खींचना शुरू कर देता है। इस प्रक्रिया के कारण सख्त से सख्त गुड़ का टुकड़ा धीरे-धीरे ढीला और चिपचिपा होने लगता है। यदि नमी का स्तर बहुत अधिक हो, तो गुड़ की बाहरी सतह पिघलकर चाशनी या सिरप की तरह बहने लगती है। यही वजह है कि बिना किसी सुरक्षा या ढीली पैकेजिंग में रखा गुड़ बहुत जल्दी इस्तेमाल के लायक नहीं रहता।
एयरटाइट जार और सही जगह का चुनाव
गुड़ को नमी के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए सबसे बुनियादी नियम यह है कि उसे खुली हवा के संपर्क में आने ही न दिया जाए। किसी भी बाजारू पैकेट को खोलने के तुरंत बाद गुड़ को एक मजबूत एयरटाइट कंटेनर में स्थानांतरित कर देना चाहिए। डिब्बे का ढक्कन ऐसा होना चाहिए जो बर्तन को पूरी तरह से सील कर दे ताकि बाहरी नमी अंदर प्रवेश न कर सके। इसके लिए कांच के जार या अच्छी गुणवत्ता वाले ढक्कन वाले एयरटाइट डिब्बे सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। कंटेनर के साथ-साथ उसे रखने का स्थान भी बेहद महत्वपूर्ण है। गुड़ के डिब्बे को हमेशा घर की किसी ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखना चाहिए ताकि तापमान में उतार-चढ़ाव का उस पर असर न पड़े।
फ्रिज में गुड़ रखने की गलती से क्यों बचना चाहिए
कई लोग गुड़ को नमी और पिघलने से बचाने के लिए रेफ्रिजरेटर में रख देते हैं, लेकिन रसोई विशेषज्ञों के अनुसार यह तरीका सही नहीं माना जाता। फ्रिज के अंदर का अत्यधिक कम तापमान गुड़ को बहुत ज्यादा सख्त बना देता है। इसके चलते जब आपको इस्तेमाल के लिए थोड़ा सा गुड़ चाहिए होता है, तो उसे तोड़ना या काटना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, जब फ्रिज से गुड़ के ठंडे बर्तन को बाहर सामान्य कमरे के तापमान में निकाला जाता है, तो उस पर नमी की बूंदें जमने लगती हैं। यह जमी हुई नमी बाहर आते ही गुड़ की सतह को पहले से भी अधिक चिपचिपा बना देती है। इसलिए गुड़ को सूखी जगह पर सामान्य तापमान में एयरटाइट डिब्बे के अंदर रखना ही सबसे मुफीद उपाय है।
बड़े टुकड़े को जिप बैग में लंबे समय तक स्टोर करने का तरीका
यदि आपने बाजार से गुड़ का कोई बड़ा ढेला या टुकड़ा खरीदा है, तो उसे एक साथ रखने के बजाय अपनी जरूरत के मुताबिक छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लेना समझदारी होती है। लंबे समय तक गुड़ को सुरक्षित रखने के लिए एक दोहरा सुरक्षा चक्र अपनाना चाहिए। सबसे पहले छोटे टुकड़ों को एक सील बंद होने वाले जिप बैग में भरें और बैग की पूरी हवा दबाकर बाहर निकाल दें। इसके बाद उस बंद जिप बैग को किसी एयरटाइट डिब्बे के अंदर बंद करके रखें। यह डबल लेयर तकनीक गुड़ तक सीलन और नमी को पहुंचने से रोकती है। इसके साथ ही, रसोई में गैस स्टोव के पास या भाप उठने वाले स्थानों से गुड़ को दूर रखें, क्योंकि वहां नमी का स्तर हमेशा ज्यादा रहता है। बारिश के दिनों में कभी भी गुड़ को खुले बर्तन या ढीले पैकेट में न छोड़ें।
माइक्रोवेव की मदद से सख्त गुड़ को आसानी से काटने का तरीका
स्टोरेज के दौरान कई बार गुड़ इतना सख्त हो जाता है कि उसका छोटा सा हिस्सा निकालना भी चुनौती बन जाता है। ऐसी स्थिति में पूरे गुड़ को तोड़ने की जरूरत नहीं होती। इसे हल्का सा गर्म करके आसानी से मुलायम बनाया जा सकता है। एक माइक्रोवेव-सेफ बाउल में गुड़ के सख्त टुकड़े को रखें और माइक्रोवेव में केवल 10 से 15 सेकंड के लिए हल्की आंच पर गर्म करें। इतने ही समय में गुड़ हल्का सा नरम हो जाता है, जिससे चाकू या चम्मच की मदद से मनचाही मात्रा काटना बेहद आसान हो जाता है। ध्यान रखें कि गुड़ को 15 सेकंड से ज्यादा गर्म न करें, क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण गुड़ पिघलकर बहने लगेगा और बेहद चिपचिपा हो जाएगा।



















