आज के दौर में जहां कई बार पारिवारिक रिश्तों की अनदेखी देखने को मिलती है, वहीं राजस्थान के टोंक जिले से मातृभक्ति की एक ऐसी सुखद और प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है जिसने सभी का दिल जीत लिया है। टोंक जिले के देवली शहर में दो बेटियों ने अपनी बुजुर्ग मां की इच्छा पूरी करने के लिए एक बेहद कठिन और अनोखा संकल्प लिया। सावन के पवित्र महीने में इन बेटियों ने अपनी मां को एक बड़ी टोकरी में बिठाया और बारी-बारी से अपने सिर पर उठाकर करीब 30 किलोमीटर लंबी कठिन पैदल यात्रा पूरी की। इस भक्तिपूर्ण यात्रा के माध्यम से उन्होंने अपनी मां को प्रसिद्ध लकड़ेश्वर महादेव मंदिर पहुंचाया और भगवान शिव का दर्शन कराकर जलाभिषेक भी संपन्न कराया।
मातृ प्रेम और अटूट भक्ति की अनोखी मिसाल
यह पूरा वाकया टोंक जिले के अंतर्गत आने वाले देवली शहर की तेजाजी कॉलोनी स्थित प्रताप नगर क्षेत्र का है। यहां निवास करने वाली बुजुर्ग महिला बोली देवी वर्मा भगवान भोलेनाथ की परम भक्त हैं। सावन के पवित्र महीने में उनकी हार्दिक इच्छा थी कि वे लकड़ेश्वर महादेव मंदिर जाकर भगवान शिव के दर्शन करें, क्योंकि उन्होंने इसके लिए एक विशेष धार्मिक मन्नत भी मांग रखी थी। हालांकि, बढ़ती उम्र और कमजोर स्वास्थ्य के कारण उनके लिए इतनी लंबी दूरी पैदल तय करना बिल्कुल भी संभव नहीं था। अपनी मां की इस इच्छा और उनके स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी दो बेटियों, नंदू और नोरती ने मां के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का फैसला किया। दोनों बहनों ने तय किया कि वे किसी भी स्थिति में अपनी मां की मन्नत को अधूरा नहीं रहने देंगी। इसके बाद बेटियों ने एक बड़ी टोकरी का इंतजाम किया, उसमें मां को ससम्मान और सुरक्षित बैठाया और फिर दोनों बहनों ने बारी-बारी से टोकरी को अपने सिर पर उठाकर 30 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू की।
भक्तिमय वातावरण और राहगीरों का मिला भरपूर समर्थन
जब नंदू और नोरती अपनी मां बोली देवी को सिर पर टोकरी में बिठाकर लकड़ेश्वर महादेव मंदिर की ओर बढ़ीं, तो पूरा मार्ग शिव भक्ति के रंग में रंग गया। सावन की सुहावनी फुहारों के बीच इस पदयात्रा में शामिल अन्य महिलाएं DJ पर बज रहे सुरीले शिव भजनों की धुनों पर नाचते-गाते आगे बढ़ रही थीं। यात्रा के दौरान रास्ते भर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहे। इस अद्भुत और भावुक कर देने वाले दृश्य को जिसने भी देखा, वह देखता ही रह गया। राहगीरों और स्थानीय निवासियों ने बेटियों के इस असीम मातृ प्रेम, अटूट जज्बे और समर्पण की खुले दिल से प्रशंसा की। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर लोगों ने इन बेटियों पर पुष्प वर्षा करके उनका उत्साह बढ़ाया और इस महान कार्य के लिए उन्हें नमन किया।
लकड़ेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और भावुक क्षण
करीब 30 किलोमीटर की लंबी और कठिन दूरी तय करने के बाद दोनों बेटियां अपनी मां को लेकर सुरक्षित और ससम्मान लकड़ेश्वर महादेव मंदिर परिसर पहुंचीं। मंदिर प्रांगण में प्रवेश करने के बाद बेटियों ने सबसे पहले अपनी मां बोली देवी वर्मा को भगवान भोलेनाथ के दिव्य दर्शन कराए। इसके पश्चात पूरे विधिविधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। नंदू और नोरती ने महादेव के चरणों में हाजिरी लगाकर अपनी मां की लंबी उम्र, बेहतर स्वास्थ्य और पूरे परिवार की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए प्रार्थना की। बेटियों का अपनी मां के प्रति यह अनूठा समर्पण और सेवा भाव देखकर मंदिर में मौजूद हर श्रद्धालु की आंखें नम हो गईं। समाज में बेटियों के मान-सम्मान और उनकी ताकत को दर्शाने वाली यह घटना हर किसी के लिए एक गहरी सीख बन गई है।



















