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रांची की अनिशा ने बनाई सिर्फ 70-80 ग्राम वजन की साड़ी, आधुनिक लड़कियों में भारी क्रेजजीवनशैली
21 अक्तू॰ 2026, 12:41 pm (8 दिन पहले)· 2

रांची की अनिशा ने बनाई सिर्फ 70-80 ग्राम वजन की साड़ी, आधुनिक लड़कियों में भारी क्रेज

रांची की रहने वाली अनिशा ने बेहद हल्की और शिफॉन की डिजाइनर साड़ियां तैयार की हैं, जिनका वजन महज 70 से 80 ग्राम है। युवा पीढ़ी में साड़ी को लेकर झिझक दूर करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस काम को ग्राहकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है।

झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली अनिशा इन दिनों अपने अनोखे साड़ी डिजाइनिंग के काम के लिए काफी चर्चा में हैं। उन्होंने महसूस किया कि आज की युवा पीढ़ी और आधुनिक लड़कियों में भारी-भरकम साड़ियों को संभालने को लेकर एक अलग ही डर या हिचकिचाहट रहती है। इसी समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालते हुए उन्होंने बेहद हल्के वजन की साड़ियों का निर्माण शुरू किया है, जो पहनने में बेहद आरामदायक और आधुनिक फैशन के अनुकूल हैं। उनके इस इन्नोवेटिव प्रयास ने पारंपरिक परिधान को नया रूप दे दिया है, जिससे युवतियां भी अब बड़े चाव से साड़ी पहनने लगी हैं।

केवल 70 से 80 ग्राम वजन की खास शिफॉन साड़ियां

अनिशा द्वारा तैयार की जाने वाली इन खास साड़ियों का वजन मुश्किल से 70 से 80 ग्राम होता है। इन साड़ियों में यशराज फिल्मों के गानों की तर्ज पर खूबसूरत फ्लोरल डिजाइन उकेरे जाते हैं। यह सारा काम पूरी तरह से शुद्ध शिफॉन फैब्रिक पर किया जाता है। अनिशा मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रीमियम फैब्रिक पर काम करती हैं, जिनमें तसर सिल्क, शिफॉन और जॉर्जेट शामिल हैं। उनके यहां इस्तेमाल होने वाला कपड़ा पूरी तरह शुद्ध और मिलावट रहित होता है, जिसके कारण इन साड़ियों की कीमत 3,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक के दायरे में तय की गई है। शिफॉन साड़ियों का यह कलेक्शन इतना हल्का होता है कि पहनने वाले को इसका वजन महसूस तक नहीं होता। इसके अलावा, इन साड़ियों पर की जाने वाली लेस और फ्लोरल पेंटिंग पूरी तरह से हाथ की कारीगरी यानी हैंड वर्क से तैयार की जाती है।

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पारिवारिक पृष्ठभूमि और शांति निकेतन से खास ट्रेनिंग

इस अनूठे सफर की प्रेरणा के पीछे अनिशा का पारिवारिक माहौल और उनकी व्यक्तिगत जरूरतें रही हैं। उनके पति भारतीय सेना में कार्यरत हैं, जिसके कारण आर्मी बैकग्राउंड की वजह से उन्हें विभिन्न आयोजनों और समारोहों के लिए अक्सर साड़ियां पहनने की आवश्यकता पड़ती थी। ऐसे अवसरों पर वह खुद गहराई से सोचती थीं कि साड़ियों का डिजाइन कैसा होना चाहिए और उनका वजन कितना कम होना चाहिए ताकि वे बिल्कुल भी भारी न लगें। इसके अलावा, उन्होंने अपनी मां को भी हमेशा बेहतरीन और एक से बढ़कर एक साड़ियों में तैयार होते देखा था, जिससे उन्हें इस क्षेत्र में कुछ नया करने की प्रेरणा मिली। अपने इस शौक और सपने को पेशेवर रूप देने के लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित शांति निकेतन से इसकी विधिवत ट्रेनिंग भी हासिल की है.

युवतियों की साड़ी से जुड़ी झिझक और आसान समाधान

अनिशा का मुख्य उद्देश्य उन आधुनिक लड़कियों की हिचकिचाहट को दूर करना था जो केवल साड़ी का नाम सुनते ही डर जाती थीं और सोचती थीं कि इतनी भारी-भरकम ड्रेस को कौन संभालेगा। इस टेंशन को खत्म करने के लिए उन्होंने अपनी साड़ियों को इतना लाइटवेट बना दिया कि पहनने वाले को जरा भी अहसास नहीं होता कि उसने कुछ भारी पहना है। उन्होंने शुद्ध शिफॉन पर अपना पूरा फोकस रखा है और इसके साथ ही ग्राहकों की सहूलियत के लिए एक और खास सुविधा जोड़ी है। उन्होंने बताया कि अक्सर लड़कियों की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि साड़ी तो खरीद ली, लेकिन अब उसके साथ मैचिंग डिजाइनर ब्लाउज कहां से और कैसे सिलवाया जाए। इस परेशानी को पूरी तरह हल करने के लिए वह हर साड़ी के साथ पहले से ही कस्टमाइज्ड किया हुआ डिजाइनर ब्लाउज रेडी रखती हैं ताकि ग्राहकों को बुटीक के चक्कर न काटने पड़ें।

शानदार प्रदर्शन और एग्जीबिशन में मिल रही जबरदस्त सफलता

अनिशा के इस इन्नोवेटिव बिजनेस वेंचर को ग्राहकों की तरफ से बेहद शानदार और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। वह अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए रांची के अलावा जमशेदपुर, झारखंड के अन्य प्रमुख शहरों और बिहार के गोविंदपुर जैसी जगहों पर जाकर विशेष प्रदर्शनियों में अपने स्टॉल लगाती हैं। इन सभी जगहों पर उन्हें गजब का रिस्पांस मिल रहा है और लोग उनकी साड़ियों की गुणवत्ता तथा खूबियों की जमकर तारीफ करते हैं। अनिशा का साफ कहना है कि वह यह काम केवल पैसे कमाने के लिए नहीं कर रही हैं, बल्कि यह उनका अपना पैशन है और वह अपने इसी गहरे शौक को पूरा करने के लिए पूरी शिद्दत से यह काम कर रही हैं।

सवाल-जवाब

इन साड़ियों का वजन कितना होता है?
इन विशेष शिफॉन साड़ियों का वजन मुश्किल से 70 से 80 ग्राम होता है।
अनिशा मुख्य रूप से किन फैब्रिक्स पर काम करती हैं?
वह मुख्य रूप से तसर सिल्क, शिफॉन और जॉर्जेट इन तीन प्रीमियम फैब्रिक्स पर काम करती हैं।
इन साड़ियों की कीमत कितनी है?
इन शुद्ध साड़ियों की कीमत 3,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये के दायरे में है।
अनिशा ने साड़ी डिजाइनिंग की ट्रेनिंग कहां से ली है?
उन्होंने कोलकाता के शांति निकेतन से इसकी विधिवत ट्रेनिंग ली है।
साड़ियों के साथ ग्राहकों को और क्या सुविधा मिलती है?
हर साड़ी के साथ ग्राहकों को कस्टमाइज्ड किया हुआ रेडी डिजाइनर ब्लाउज मिलता है।
अनिशा अपनी साड़ियों की प्रदर्शनी कहां-कहां लगाती हैं?
वह रांची के अलावा जमशेदपुर, झारखंड के अन्य शहरों और बिहार के गोविंदपुर में प्रदर्शनियों के जरिए स्टॉल लगाती हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·7 दिन पहले

70-80 ग्राम की साड़ी वाकई कमाल का आइडिया है! आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब शादियों या पार्टियों में भारी कपड़े संभालना मुश्किल हो जाता है, तब ऐसे हल्के और सुंदर विकल्प बहुत राहत देते हैं।

Neha Verma@neha-verma·7 दिन पहले

मुझे आर्मी की पार्टियों में जाने के लिए हमेशा हल्की साड़ियां ढूंढनी पड़ती थीं क्योंकि भारी बनारसी या सिल्क संभालना हर बार मुमकिन नहीं होता। अनिशा की ये 70-80 ग्राम वाली शिफॉन साड़ियां सचमुच उन लड़कियों के लिए वरदान हैं जो साड़ी पहनने से सिर्फ इसलिए कतराती हैं क्योंकि उन्हें संभालना भारी काम लगता है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·7 दिन पहले

नेहा जी, बात तो सही है पर 70-80 ग्राम की साड़ी इतनी नाज़ुक होगी कि एक ही बार में तार-तार न हो जाए, यही सोचकर डर लगता है।

Meera Joshi@meera-joshi·7 दिन पहले

साड़ी का वजन 70-80 ग्राम होना वाकई कमाल है, पर मुझे शक है कि इतनी हल्की शिफॉन की साड़ी रोज़मर्रा की भागदौड़ में ज़्यादा टिक पाएगी। हाथ का काम और पतले फैब्रिक को संभालना हर किसी के बस की बात नहीं होगी।

Nyra Kaif@nyra-kaif·7 दिन पहले

मीरा, बात तो सही है आपकी, पर मुझे लगता है कि रोज़ नहीं तो शादियों या पार्टियों के लिए ये चीज़ एकदम परफेक्ट है।

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