अमेरिकी टेलीविजन इतिहास के चर्चित दौर पर आधारित फिल्म प्राइमटाइम रिव्यू (2026) दर्शकों को मीडिया जगत की उन अंधेरी गलियों में ले जाता है जहां मनोरंजन और फंसाने के बीच की रेखा पूरी तरह मिट चुकी थी। वृत्तचित्र बनाने के लिए पहचाने जाने वाले निर्देशक लांस ओपेनहाइम ने इस फिल्म के जरिए फिक्शन सिनेमा में कदम रखा है। दो हजार के दशक के अमेरिकी टेलीविजन का एक बेहद अजीबोगरीब दौर था, जब एनबीसी का कुख्यात कार्यक्रम 'टू कैच अ प्रेडेटर' प्रसारित होता था। समाचार जैसा दिखने वाला यह कार्यक्रम गुप्त कैमरों से लैस एक मकान में कथित बाल अपराधियों को फंसाता था। हर कड़ी का चरम बिंदु यही होता था जब कार्यक्रम के मुख्य चेहरे क्रिस हैनसेन अचानक सामने आकर चैट लॉग्स पढ़ते थे और उन्हें सीधे पुलिस के हवाले कर देते थे।
रियलिटी टीवी का भ्रम और नैतिक पतन
लांस ओपेनहाइम के लिए ऐसी विवादित और नैतिक रूप से संदेहास्पद पत्रकारिता की पड़ताल करना स्वाभाविक विषय था। हालांकि एक वृत्तचित्र निर्देशक होने के बावजूद उन्होंने इसे सीधे यथार्थ की तरह नहीं, बल्कि एक गहरे अभिनय और ड्रामे के रूप में ढाला है। यह कहानी किसी को बचाने से कहीं ज्यादा शोषण और आत्म-मुग्धता के बारे में है। फिल्म वास्तविकता से बचने के लिए अभिनय को एक ढाल की तरह इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति पर कड़ा प्रहार करती है। वर्ष 2006 की पृष्ठभूमि पर तैयार की गई यह कहानी दिखाती है कि कैसे रेटिंग और टेलीविजन के प्राइमटाइम स्लॉट की भूख ने लोगों की प्राथमिकताओं को विकृत कर दिया था।
रॉबर्ट पैटिनसन का दमदार रूप
फिल्म में क्रिस हैनसेन के किरदार में रॉबर्ट पैटिनसन नजर आते हैं, जो हर पल खुद का ही एक किरदार जीते दिखाई देते हैं। कहानी की शुरुआत में वह अपने नए निशाने के आपत्तिजनक चैट संदेशों को जोर-जोर से दोहरा रहे होते हैं, जो उनके लिए एक अभ्यास भी है और एक पवित्र मंत्र भी। जब शो के एक कुख्यात स्टिंग ऑपरेशन को दोबारा फिल्माया जाता है, तो हैनसेन का पर्दे पर आना किसी भव्य हॉलीवुड ड्रामे जैसा प्रतीत होता है। वह पर्दा हटाकर घुमावदार सीढ़ियों से नीचे उतरते हैं। सुसज्जित सूट और सलीके से बने सुनहरे बालों के साथ वह एक नैतिक योद्धा का भेष धारण किए रहते हैं। नए प्राइमटाइम स्लॉट के लिए दर्शकों की संख्या बटोरने की उनकी यह सनक अंततः बेहद भयानक नतीजों की ओर ले जाती है।
कलाकारों का द्वंद्व और तीखा तनाव
हैनसेन का सबसे बड़ा ढोंग सिर्फ खुद को धोखा देना नहीं है, बल्कि नए और सीधे-साधे जालसाज अभिनेता डैन को यह समझाना भी है कि वह दुनिया को एक प्राचीन बुराई से मुक्त कर रहा है। डैन की भूमिका में स्काइलर जिसोंडो ने उत्कृष्ट काम किया है। वहीं मेरिट वेवर द्वारा अभिनीत चैनल की बेहद सख्त और ठंडी निर्माता एंडी इस तरह के धार्मिक उन्माद से बिल्कुल अप्रभावित रहती हैं। डैन इस मायाजाल में खिंचता चला जाता है। एक भावनात्मक दृश्य संयोजन में दिखाया गया है कि कैसे वह एक अपराधी के सामने कैमरे पर आने के अपने पहले सदमे को दबाकर पूरी तरह तेरह साल के किशोर के किरदार में ढल जाता है।
समीक्षा और प्रभाव
फिल्म में हैनसेन को मुख्य खलनायक के रूप में पेश करने से शायद सनसनी की मांग करने वाले दर्शक अपनी जिम्मेदारी से बच निकलते हैं। इसके अलावा यह फिल्म पिछले साल इसी विषय पर बनी बेहतरीन डॉक्यूमेंट्री 'प्रेडेटर्स' जैसी तीखी पड़ताल करने से कुछ हद तक चूकती है। इसके बावजूद रॉबर्ट पैटिनसन का विचलित कर देने वाला लहजा और शिकारी जैसी नजरें दर्शकों को बांधे रखती हैं। स्काइलर जिसोंडो की खामोश लाचारी और पैटिनसन की उपस्थिति मिलकर इस फिल्म को बेहद सम्मोहक बनाती हैं, जिससे स्क्रीन से नजरें हटाना असंभव हो जाता है।



















