सर्दियों के मौसम में अक्सर घरों की छतों और आंगनों में लगे गार्डनों की रौनक फीकी पड़ने लगती है। ठंड के दिनों में सही देखभाल न मिलने के कारण लॉन ग्रास, गार्डन ग्रास और मैक्सिकन ग्रास की पत्तियां सूखने लगती हैं, जिससे पूरा लॉन बेरंग और सूखा हुआ नजर आने लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए और अपने गार्डन की हरीतिमा को सर्दियों भर बनाए रखने के लिए बोकारो स्थित ठाकुर नर्सरी के विशेषज्ञ अभिषेक ने कुछ महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर आसानी से लॉन को स्वस्थ रखा जा सकता है।
सर्दियों में पानी देने का सही तरीका
नर्सरी के विशेषज्ञ अभिषेक के अनुसार, सर्दियों के दौरान लॉन ग्रास और मैक्सिकन ग्रास को पूरे साल हरा-भरा रखने के लिए सबसे अधिक ध्यान पानी के प्रबंधन पर देना पड़ता है। ठंड के मौसम में जरूरत से ज्यादा या गलत समय पर पानी डालने से घास की जड़ें सड़ सकती हैं और पूरा पौधा खराब हो सकता है। इसलिए हमेशा सुबह के समय ही पौधों में पानी देना चाहिए, खासतौर पर तब जब हल्की धूप खिलने लगे। शाम के वक्त तापमान कम होने के कारण पानी देने से पूरी तरह बचना चाहिए ताकि नमी लंबे समय तक न बनी रहे।
सर्दियों के दौरान घास की कटाई से परहेज
घास की कटाई को लेकर विशेषज्ञ अभिषेक का कहना है कि सर्दियों के महीनों में घास डॉर्मेंसी पीरियड यानी सुप्त अवस्था में चली जाती है। इस अवधि में घास का प्राकृतिक विकास या ग्रोथ काफी हद तक धीमी हो जाती है, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इस दौरान घास की कटाई नहीं करनी चाहिए। हालांकि, यदि घास जरूरत से ज्यादा बढ़ गई है और अत्यधिक लंबी हो गई है, तो उसकी केवल एक से दो इंच तक की हल्की कटिंग या ट्रिमिंग की जा सकती है ताकि पौधे को नुकसान न पहुंचे।
मैक्सिकन ग्रास से मलबा हटाने के उपाय
अभिषेक बताते हैं कि गर्मियों का मौसम बीतने के बाद लॉन ग्रास और मैक्सिकन ग्रास के बीच पुरानी सूखी घास का मलबा या कचरा जमा हो जाता है। यह जमा हुआ मलबा अक्सर नीचे मौजूद हरी घास को सड़ाने का काम करता है। इस मलबे को बाहर निकालने के लिए रेक या खुरपी जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इनकी मदद से सूखी घास आसानी से बाहर निकल जाती है और जमीन की मिट्टी तक पर्याप्त मात्रा में हवा पहुंचने में मदद मिलती है, जिससे पौधे सांस ले पाते हैं।
पाले से बचाव और खाद का सही चयन
सर्दियों के दिनों में गिरने वाला पाला भी लॉन और मैक्सिकन ग्रास को भारी नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में पाले के दुष्प्रभावों से पौधों को बचाना और सही समय पर सिंचाई करना बेहद जरूरी हो जाता है। अभिषेक का सुझाव है कि पाला पूरी तरह सूख जाने के बाद ही घास में पानी डालना चाहिए, जिससे घास को खराब होने और गलने से बचाने में सहायता मिलती है। इसके अलावा, घास की खोई हुई हरियाली को वापस लाने और बनाए रखने के लिए खाद का उपयोग भी आवश्यक है। उनके अनुसार सर्दियों के मौसम में घास के लिए पोटास खाद का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर विकल्प साबित होता है।



















