राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था को पुख्ता करने और सड़क पर होने वाले अपराधों का सफाया करने के लिए पुलिस महकमे ने एक बड़ा और कड़ा अभियान छेड़ा है। नए पुलिस कमिश्नर की ओर से मिले स्पष्ट निर्देशों के आधार पर शुरू की गई इस खास मुहिम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना और अपराधियों के मन में कानून का डर बिठाना है। इस विशेष कार्रवाई के तहत खासकर स्नैचिंग, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त, नशीले पदार्थों की तस्करी और जुआ-सट्टेबाजी जैसी अवैध गतिविधियों पर सीधी चोट की जा रही है। पूर्वी दिल्ली जिले के डीसीपी राजीव कुमार रावल ने इस सिलसिले में जानकारी देते हुए बताया कि 17 से 20 अगस्त 2026 के बीच उनके जिले में लगातार चार दिनों तक सघन चेकिंग और दबिश का दौर चला। इस दौरान पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 85 नए मुकदमे दर्ज किए और कुल 151 बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
वाहन चोरी और लूटपाट के मामलों का खुलासा
सड़क पर बेखौफ घूमने वाले वाहन चोरों और झपटमारों के खिलाफ इस अभियान में खासी सफलता हाथ लगी है। पूर्वी जिला पुलिस ने वाहन चोरी से जुड़ी वारदातों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 16 मामलों को सुलझाने का दावा किया है। इस फेहरिस्त में 9 शातिर आरोपियों को दबोचा गया जिनकी निशानदेही पर कुल 27 चोरी की मोटरसाइकिलें और स्कूटी बरामद की गईं। इसके अलावा राह चलते लोगों को निशाना बनाने वाले अपराधियों पर भी शिकंजा कसा गया। पुलिस ने लूट की 9 और झपटमारी की 9 वारदातों में संलिप्त कुल 8 आरोपियों को धर दबोचा। इलाके में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस ने पुराने और फरार चल रहे बदमाशों पर भी शिकंजा कसा। इस कड़ी में 9 घोषित अपराधियों, 1 पैरोल जंपर और 2 ओवरस्टेइंग जंपर्स को भी दबोचा गया, जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे थे।
अन्य जिलों में भी पहले की गई है ऐसी बड़ी कार्रवाई
अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा यह विशेष अभियान सिर्फ पूर्वी दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी के दूसरे इलाकों में भी इस तरह की सख्त मुहिम पहले चलाई जा चुकी है। इससे पहले दक्षिण-पूर्व जिले में इसी तरह का अभियान अमल में लाया गया था जिसके तहत लगभग 500 लोगों पर कानूनी शिकंजा कसा गया था। उस कार्रवाई में 130 मुख्य आरोपी दबोचे गए थे और कुल 64 बैड कैरेक्टर पुलिस के हत्थे चढ़े थे। इसके अलावा उत्तर-पूर्व जिले के भी कुल 39 संवेदनशील ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई थी, जहां से कई वांछित अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राजधानी में स्ट्रीट क्राइम के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' यानी किसी भी तरह की ढील न देने की नीति अपनाई गई है और यह अभियान आने वाले दिनों में भी इसी तरह पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
हथियार, नशा और सट्टेबाजी के खिलाफ सख्त प्रहार
चलाए गए इस चार दिवसीय विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न प्रकार के अवैध कारोबारों पर भी एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई की। हथियारों के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए आर्म्स एक्ट के तहत कुल 29 मामले दर्ज किए गए और इतने ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से पुलिस ने 2 पिस्तौल, 4 देसी कट्टे, 11 जिंदा कारतूस और 21 धारदार चाकू बरामद किए। जुए और सट्टेबाजी के अवैध धंधे पर सबसे बड़ी चोट करते हुए गैंबलिंग एक्ट के तहत 32 एफआईआर दर्ज की गईं। इन मामलों में कुल 63 सट्टेबाजों को रंगे हाथों पकड़ा गया और उनके पास से 23,131 रुपये की नकद राशि भी जब्त की गई। नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 4 मामले दर्ज कर 4 तस्करों को दबोचा गया, जिनके कब्जे से 1.199 किलोग्राम चरस और 532 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके अलावा अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसते हुए एक्साइज एक्ट के तहत 20 मुकदमे दर्ज किए गए, 20 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई।





















