पिछले सप्ताह दर्ज की गई शानदार तेजी के बाद अब सिल्वर के दाम में सुस्ती देखी जा रही है और खरीदार $70 के स्तर के पास सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद यह कीमती धातु जून के मध्य के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रही है। बाजार में इस समय डॉलर की बढ़ती मजबूती का असर भी दिखाई दे रहा है, क्योंकि निवेशक इस हफ्ते आने वाले अहम अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के नए संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
तकनीकी रुझान और मूविंग एवरेज की स्थिति
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो सिल्वर का तकनीकी दृष्टिकोण अभी भी सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि कीमतें $68 पर मौजूद 100-दिन के मूविंग एवरेज और लगभग $63 पर स्थित बोलिंगर मिडल बैंड से ऊपर टिकी हुई हैं। यह जोड़ी तेजी के साथ $70.86 पर ऊपरी बोलिंगर बैंड की ओर बढ़ रही है, जबकि $72.13 पर मौजूद 200-दिन का मूविंग एवरेज अगली बड़ी बाधा के रूप में सामने खड़ा है। बाजार में गतिशीलता अभी भी रचनात्मक बनी हुई है, जहां रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI लगभग 65 के आसपास है और मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD सकारात्मक क्षेत्र में है। हालांकि लगभग 24 के स्तर पर मौजूद एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स इस बात का संकेत देता है कि ट्रेंड की ताकत आक्रामक होने के बजाय अभी मध्यम बनी हुई है।
महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
ऊपरी स्तरों पर शुरुआती बाधा ऊपरी बोलिंगर बैंड के पास $70 पर है, जिसके बाद $72 के करीब 200-दिन के मूविंग एवरेज का मजबूत प्रतिरोध मौजूद है। दूसरी ओर यदि कीमतों में गिरावट आती है, तो तत्काल समर्थन $68 के पास 100-दिन के मूविंग एवरेज पर दिखाई देता है। इसके बाद $63 के पास बोलिंगर मिडल बैंड पर द्वितीयक मांग देखने को मिल सकती है, जबकि $55 पर मौजूद निचला बोलिंगर बैंड एक दूर का संरचनात्मक आधार है यदि बाजार में कोई गहरा सुधार आता है।
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं का हाल
इस बीच विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। डॉलर सूचकांक में आई मजबूती के चलते अन्य करेंसी जोड़ियों पर भी दबाव देखा जा रहा है। वैश्विक स्तर पर निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं, जिसका असर यूरो और पाउंड जैसी प्रमुख मुद्राओं की चाल पर साफ तौर पर नजर आ रहा है। अमेरिकी राजकोष विभाग द्वारा बॉन्ड बायबैक योजना में बदलाव किए जाने के बाद से मुद्रा बाजारों में हलचल तेज हुई है, और बाजार के खिलाड़ी अब किसी भी नए भू-राजनीतिक घटनाक्रम या नीतिगत फैसले पर बारीकी से नजर गड़ाए हुए हैं।
कमोडिटी और बॉन्ड बाजार की पृष्ठभूमि
व्यापक आर्थिक मोर्चे पर अमेरिकी राजकोष विभाग के हालिया कदमों ने वैश्विक बाजारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विभाग ने 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में तरलता समर्थन बायबैक संचालन के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगा। इस प्रकार के नीतिगत बदलाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा कीमतों से जुड़े घटनाक्रम वैश्विक कमोडिटी बाजार को लगातार प्रभावित कर रहे हैं, जिससे सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के रुझान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।



















