दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। शुक्रवार की दोपहर आलमपुर बाईपास के पास छह लोगों ने एक 33 वर्षीय व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में पीड़ित व्यक्ति का हाथ कटकर पूरी तरह अलग हो गया। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेकर सभी नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
शौच के लिए रुकते ही घात लगाकर किया हमला
पीड़ित की पहचान आलमपुर गांव निवासी 33 वर्षीय गुमान सिंह के रूप में हुई है, जो खेत सिंह के पुत्र हैं। गुमान सिंह खड़ेरी क्षेत्र से अपने गांव आलमपुर बाईपास की ओर मोटरसाइकिल से जा रहे थे। रास्ते में जब वह शौच क्रिया के लिए रुके, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर छह लोग वहां पहुंचे। गुमान सिंह के अनुसार, मुड़ी आदिवासी नाम के व्यक्ति ने अचानक उनके दोनों हाथ कसकर पकड़ लिए। इसके बाद आलमपुर गांव के सरपंच अजुड्डी आदिवासी अपने चार अन्य साथियों के साथ उन्हें जबरन खींचकर पास के जंगल की ओर ले गए। जंगल में ले जाकर अजुड्डी आदिवासी ने कुल्हाड़ी से गुमान सिंह के हाथ के पंजे पर सीधा वार कर दिया, जिससे उनकी हथेली कटकर अलग हो गई।
चिकन खाने और गाड़ियों की टक्कर से शुरू हुआ था विवाद
वारदात के पीछे की वजह बताते हुए पीड़ित गुमान सिंह ने बताया कि गुरुवार को वह गांव के सरपंच अजुड्डी आदिवासी को किसी काम से बिजली कार्यालय लेकर गए थे। वहां से लौटते समय सरपंच ने एक ढाबे पर रुककर चिकन खाने की इच्छा जताई। दोनों ने ढाबे पर खाना खाया और वहां से रवाना हुए। रास्ते में सरपंच के वाहन से गुमान सिंह की गाड़ी में टक्कर लग गई। जब गुमान सिंह ने अपनी गाड़ी के नुकसान की भरपाई और मरम्मत कराने की बात कही, तो सरपंच ने इससे साफ इनकार कर दिया। विवाद बढ़ा तो आरोपी ने गाड़ी पर पत्थर फेंक कर मार दिए। इसी पुरानी रंजिश और गुस्से के कारण अगले ही दिन शुक्रवार दोपहर तीन बजे इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
अस्पताल में भर्ती और पुलिस की कार्रवाई
घटना को अंजाम देने के बाद सभी छह आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित गुमान सिंह केवल दो लोगों मुड़ी आदिवासी और सरपंच अजुड्डी आदिवासी को पहचानते हैं, जबकि बाकी चार अज्ञात लोगों को वह नहीं पहचानते। वारदात की सूचना तत्काल आपातकालीन सेवा डायल 112 को दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल को तुरंत बटियागढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र के ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के दौरान स्थिति गंभीर पाई, क्योंकि अत्यधिक खून बह चुका था और हथेली पूरी तरह अलग हो चुकी थी। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बटियागढ़ थाना प्रभारी रजनी शुक्ला ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के साथ ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगाई गई हैं।



















