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पांच ट्रेनें बदलकर, बिना फोन के 1020 किलोमीटर दूर ग्वालियर पहुंची झारखंड की प्रीति, प्रेमी धीरज से रचाई शादीमध्य प्रदेश
5 सित॰ 2026, 5:33 pm (5 घंटे पहले)· 2

पांच ट्रेनें बदलकर, बिना फोन के 1020 किलोमीटर दूर ग्वालियर पहुंची झारखंड की प्रीति, प्रेमी धीरज से रचाई शादी

झारखंड की प्रीति सोशल मीडिया पर हुए प्यार को निभाने के लिए बिना मोबाइल फोन के पांच ट्रेनें बदलकर 1020 किलोमीटर दूर ग्वालियर पहुंची और प्रेमी धीरज आर्य से आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली, अब दोनों को परिवार से जान से मारने की धमकी मिल रही है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा किस्सा सामने आया है, जिसमें झारखंड की एक युवती अपने प्रेमी से मिलने के लिए अकेले 1020 किलोमीटर का सफर तय करके पहुंच गई। रास्ते में उसने पांच ट्रेनें बदलीं, वह भी बिना किसी मोबाइल फोन के सहारे। मंजिल पर पहुंचकर प्रीति ने प्रेमी धीरज आर्य से आर्य समाज मंदिर में शादी रचा ली, लेकिन शादी के बाद अब दोनों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

सोशल मीडिया से शुरू हुई पहचान, एक साल तक चली बातचीत

साल 2022 में झारखंड की रहने वाली प्रीति और ग्वालियर के धीरज आर्य की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। दोनों ने आपस में नंबर एक्सचेंज किए और धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। यह सिलसिला करीब एक साल तक चलता रहा और इसी दौरान दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया। बातचीत से आगे बढ़कर मुलाकात की बारी आई तो धीरज खुद झारखंड पहुंचा और प्रीति से मिला। लेकिन इस रिश्ते के बीच प्रीति के घरवाले रोड़ा बन गए और उन्होंने दोनों का साथ मंजूर नहीं किया। इसी विरोध के चलते कुछ समय के लिए प्रीति और धीरज की बातचीत भी थम गई, क्योंकि परिजनों ने प्रीति से उसका मोबाइल फोन तक छीन लिया था।

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दूसरा फोन मिला, फिर परिजनों ने की मारपीट

फोन छिनने के बाद धीरज ने प्रीति के लिए एक और मोबाइल का इंतजाम किया, जिससे दोनों की बातचीत दोबारा शुरू हो गई। मगर कुछ ही दिनों में प्रीति के घरवालों को इस दूसरे फोन की भी भनक लग गई। इसके बाद परिजनों ने प्रीति पर तरह-तरह की बंदिशें लगानी शुरू कर दीं और उसके साथ मारपीट भी की। इसी मारपीट और बंदिशों से तंग आकर प्रीति ने बड़ा फैसला लिया, वह बिना किसी की मदद और बिना मोबाइल फोन के झारखंड से सीधे ग्वालियर के लिए निकल पड़ी।

पांच ट्रेनें बदलीं, बिना मोबाइल के ही ढूंढ लिया धीरज का घर

धीरज से मिलने के इरादे से निकली प्रीति ने कुल 1020 किलोमीटर का सफर तय किया। इतनी दूरी तय करने के लिए उसे रास्ते में पांच अलग-अलग ट्रेनें बदलनी पड़ीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उसके पास न तो कोई नक्शा था और न ही मोबाइल फोन, फिर भी वह ग्वालियर पहुंचकर धीरज का घर ढूंढ निकालने में कामयाब रही। ग्वालियर पहुंचने के बाद प्रीति और धीरज ने देर नहीं की और आर्य समाज मंदिर में विधिवत शादी कर ली।

शादी के बाद मिलने लगीं जान से मारने की धमकियां

शादी के बाद प्रीति और धीरज ने बताया कि प्रीति के परिजन अब दोनों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। धमकियों से डरे इस जोड़े ने अकेले जूझने के बजाय पुलिस का सहारा लेने का फैसला किया और सीधे एसपी दफ्तर पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई।

प्रीति और धीरज ने सुनाई अपनी आपबीती

प्रीति ने बताया कि उसकी और धीरज की पहचान सोशल मीडिया से हुई थी और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। उसके मुताबिक उसके घरवाले उसकी शादी किसी और लड़के से करना चाहते थे, इसी वजह से उसने पांच ट्रेनें बदलकर झारखंड के जमशेदपुर से ग्वालियर तक का सफर तय किया और धीरज के घर पहुंचकर आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। प्रीति ने कहा, "मेरे घरवाले अब ग्वालियर आ गए हैं और अब हम दोनों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।" उसने बताया कि इसी वजह से वह और धीरज सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं। वहीं धीरज आर्य ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए प्रीति से उसकी बातचीत तीन साल पहले शुरू हुई थी। धीरज पेशे से एक प्राइवेट टीचर है और बच्चों को कोचिंग पढ़ाकर अपना गुजारा करता है।

सवाल-जवाब

प्रीति और धीरज की मुलाकात कैसे हुई थी?
दोनों की पहचान 2022 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी और नंबर एक्सचेंज होने के बाद बातचीत शुरू हुई थी।
प्रीति ने धीरज से मिलने के लिए कितनी दूरी तय की?
प्रीति ने झारखंड से ग्वालियर तक 1020 किलोमीटर का सफर तय किया।
प्रीति ने रास्ते में क्या-क्या किया?
उसने सफर के दौरान पांच अलग-अलग ट्रेनें बदलीं और बिना मोबाइल फोन के ही धीरज का घर ढूंढ निकाला।
प्रीति और धीरज ने शादी कहां की?
दोनों ने ग्वालियर में आर्य समाज मंदिर में शादी की।
शादी के बाद क्या हुआ?
शादी के बाद प्रीति के परिजन ग्वालियर पहुंच गए और दोनों को जान से मारने की धमकी देने लगे।
धमकी मिलने के बाद दंपती ने क्या किया?
प्रीति और धीरज सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए एसपी ऑफिस पहुंचे।
धीरज क्या काम करता है?
धीरज एक प्राइवेट टीचर है और बच्चों को कोचिंग पढ़ाकर अपना गुजारा करता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·4 घंटे पहले

यह मामला डिजिटल युग में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक विरोध के टकराव का एक गंभीर उदाहरण है। बिना फोन के 1020 किलोमीटर का सफर और पांच ट्रेनें बदलना युवती के दृढ़ संकल्प को दिखाता है, लेकिन यह घटना पुलिस सुरक्षा और ऑनर किलिंग के बढ़ते खतरे जैसे नीतिगत और सामाजिक मुद्दों को भी उजागर करती है। प्रशासनिक स्तर पर ऐसे मामलों में त्वरित सुरक्षा उपायों और पारिवारिक मध्यस्थता की आवश्यकता होती है ताकि संभावित हिंसक परिणामों को रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 घंटे पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह मामला केवल व्यक्तिगत पसंद की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की मांग करता है। जब बालिग जोड़े एसपी दफ्तर पहुंचकर जान का खतरा बताते हैं, तो कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की होती है कि ऑनर किलिंग जैसी वारदातों को रोकने के लिए तुरंत और प्रभावी सुरक्षा प्रदान की जाए। ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस और जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ही संभावित हिंसा को टाल सकती है और न्याय व्यवस्था में नागरिकों का भरोसा कायम रख सकती है।

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