मध्य प्रदेश के सतना जिले में जन्माष्टमी के मौके पर निकाली जा रही एक शोभायात्रा शुक्रवार रात दहशत का सबब बन गई। बाजार क्षेत्र से गुजर रहे इस जुलूस में शामिल डीजे वाहन के साउंड सिस्टम पर करीब 15 फीट की ऊंचाई पर चार युवक सवार थे, तभी खराब सड़क पर वाहन को जोरदार झटका लगा और उनका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते चारों युवक भारी साउंड बॉक्स समेत सीधे सड़क पर आ गिरे। यह हादसा सुभाष पार्क क्षेत्र में उस वक्त हुआ जब जुलूस में शामिल श्रद्धालु उत्साह के साथ जन्माष्टमी का जश्न मना रहे थे।
सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ पूरा हादसा
घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे ने पूरा वाकया कैद कर लिया, जिसका फुटेज बाद में सामने आया। फुटेज में साफ नजर आता है कि डीजे वाहन जुलूस के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और उस पर लगे विशाल साउंड सिस्टम के ऊपर चार युवक बैठे हुए हैं। जैसे ही सड़क पर एक गड्ढा आता है, वाहन को तेज झटका लगता है और युवक अपनी पकड़ खो बैठते हैं। कुछ ही सेकंड में वे भारी साउंड बॉक्स समेत नीचे सड़क पर जा गिरते हैं। यह पूरा घटनाक्रम महज कुछ सेकंड में घटित होता है, लेकिन फुटेज देखने वाला हर शख्स सहम जाता है।
गिरते ही मची भगदड़, दो अब भी अस्पताल में भर्ती
चारों युवकों के सड़क पर गिरते ही जुलूस में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया। भारी साउंड सिस्टम भी उनके ऊपर आ गिरा था, जिससे उन्हें बाहर निकालने में कुछ समय लगा। आसपास मौजूद लोगों ने फौरन डीजे वाहन को रुकवाया और मलबे में दबे युवकों को निकालकर संभाला। इसके बाद उन्हें बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका उपचार शुरू किया। मिली जानकारी के मुताबिक चार में से दो युवकों को जांच और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि बाकी दो का उपचार अब भी अस्पताल में जारी है।
डीजे वाहनों पर खतरनाक सवारी की प्रवृत्ति फिर सुर्खियों में
यह हादसा एक बार फिर शोभायात्राओं के दौरान डीजे वाहनों पर युवकों के जोखिम भरे अंदाज में बैठने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़ा करता है। चलते वाहन पर, वह भी करीब 15 फीट ऊंचे साउंड सिस्टम के ऊपर बैठना अपने आप में बड़े खतरे को दावत देने जैसा माना जाता है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, वरना नतीजा इससे कहीं ज्यादा भयावह हो सकता था। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हादसे की गंभीरता को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है और कई लोग जुलूसों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल उठा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि उत्सव के उत्साह में बरती गई थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।





















