मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में तीन महिलाओं की जान चली गई। जन्माष्टमी का पर्व मनाकर अपने घर पैदल लौट रही महिलाओं को दिल्ली की तरफ जा रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने टक्कर मार दी। यह हादसा घिरोना हनुमान मंदिर के समीप घटित हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में मातम फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला।
हादसे की पूरी जानकारी और घटनास्थल का मंजर
यह दुखद घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हाईवे मार्ग पर हुई। हरफूल का पुरा गांव के सैकड़ों ग्रामीण अपने निवास स्थान से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित घिरोना हनुमान मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का जश्न मनाने एकत्र हुए थे। देर रात धार्मिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद श्रद्धालु समूह बनाकर पैदल ही सड़क के किनारे-किनारे अपने गांव की ओर वापस आ रहे थे। उसी दौरान तेज गति से आ रहे एक बड़े कंटेनर ट्रक का चालक गाड़ी पर से नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित वाहन ने मार्ग पर चल रही श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इसके साथ ही बेकाबू ट्रक सड़क किनारे स्थित कई दुकानों से टकराता हुआ निकला, जिससे दुकानों को भी काफी नुकसान पहुंचा।
पीड़ितों की पहचान और पारिवारिक स्थिति
इस हादसे में जान गंवाने वाली तीनों महिलाएं हरफूल का पुरा गांव की ही रहने वाली थीं। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान 50 वर्षीय कमला कुशवाहा (पत्नी फूल सिंह), 50 वर्षीय कमला कुशवाहा (पत्नी बालकिशन) और 28 वर्षीय पूनम कुशवाहा (पत्नी धर्मवीर) के रूप में हुई है। इस दुर्घटना में मृत कमला (पत्नी बालकिशन) और पूनम के बीच सास-बहू का रिश्ता था, जिससे इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के तुरंत बाद शुरुआती जानकारी में तीनों की मौके पर ही मृत्यु होने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि दो गंभीर रूप से घायल महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कार्रवाई और तकनीकी जांच
स्थानीय निवासियों द्वारा घटना की सूचना दिए जाने के तुरंत बाद सिविल लाइंस थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए यातायात व्यवस्था बहाल कराई और शवों को चिकित्सीय परीक्षण हेतु भेजा। दुर्घटना को अंजाम देने वाले कंटेनर ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस जांच दल इस पहलू की भी बारीकी से पड़ताल कर रहा है कि क्या ट्रक का ब्रेक फेल होने या स्टीयरिंग में किसी तकनीकी खराबी के कारण चालक का नियंत्रण बिगड़ा था। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिसके बाद गांव में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई।
राज्य में लगातार हो रहे सड़क हादसे
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। मुरैना की इस दुखद घटना से ठीक पहले राज्य के रीवा जिले में भी एक भीषण सड़क हादसा देखने को मिला था, जहां एक बस और ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में 5 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 30 अन्य यात्री घायल हुए थे। स्थानीय प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान हाईवे किनारे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चालकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।





















