मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज समझना आसान नहीं रह गया है। राज्य के एक हिस्से में जहां सूरज आग उगल रहा है, वहीं दूसरे इलाके में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश लोगों को राहत दे रही है। आज 24 जून 2026 को यह उलटफेर और भी साफ नजर आएगा। दिन में बादल आते-जाते रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश की फुहारें गर्मी से थोड़ी राहत देंगी, लेकिन कई जिलों में तेज धूप और धूल भरी आंधी एक साथ मुश्किल खड़ी करेगी। यानी एक ही दिन में लोगों को मौसम का दोहरा असर झेलना पड़ सकता है।
41 जिलों के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के ज्यादातर मध्य, दक्षिणी और पूर्वी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कुल 41 जिले इस अलर्ट के दायरे में हैं। इनमें भोपाल, जबलपुर, इंदौर, रीवा, धार, विदिशा, गुना, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, सिंगरौली, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, देवास, शाजापुर, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, सागर, कटनी, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा शामिल हैं।
कहीं आंधी, कहीं लू का सितम
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की प्रबल आशंका है। दूसरी तरफ नरसिंहपुर और सीधी में लू अपना असर दिखाएगी, और उमस के साथ मिलकर यह आम जनजीवन को बेहाल कर सकती है।
ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ राज्य के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी हिस्से आज पूरी तरह सूखे रहेंगे। भिंड, श्योपुर, गुना, मुरैना, शिवपुरी, नीमच और मंदसौर जैसे इलाकों में फिलहाल गर्मी से तुरंत राहत के आसार नहीं दिख रहे।
आंधी-तूफान में इन बातों का रखें ध्यान
मौसम के इस बदलते रुख और आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए भोपाल के मौसम केंद्र ने लोगों के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की हैं:
- गरज-चमक के समय घर के अंदर ही रहें। अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
- बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- तूफान के दौरान खुले मैदान और खेतों में काम करने से बचें। पेड़, बिजली के तार और निर्माण वाली जगहों से दूरी बनाए रखें।
- गाड़ी चलाते वक्त रफ्तार धीमी रखें और स्टीयरिंग पर पकड़ मजबूत रखें।
- कंक्रीट की दीवार के सहारे खड़े होने या कंक्रीट के फर्श पर लेटने से बचें।
पशुओं की सुरक्षा कैसे करें
- पशुओं को खुले मैदान, तालाब, नदी या पानी के स्रोतों के पास न छोड़ें।
- रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित और ढके हुए शेड में रखें।
- दोपहर की तेज गर्मी में पशुओं को खुले में चरने के लिए न छोड़ें।
- पशुओं के लिए पर्याप्त पीने का पानी और छांव वाली जगह का इंतजाम करें।
- बिजली गिरने और तूफान के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे न बांधें।
गर्मी और लू से बचाव के उपाय
- भरपूर पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
- हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
- धूप में निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें।













