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इंदौर कोर्ट ने पत्नी की जान लेने के बाद सांप से डसवाकर सबूत मिटाने वाले पूर्व मैनेजर को सुनाई आजीवन कारावास की सजामध्य प्रदेश
2 जुल॰ 2026, 2:06 am (45 दिन पहले)· 3

इंदौर कोर्ट ने पत्नी की जान लेने के बाद सांप से डसवाकर सबूत मिटाने वाले पूर्व मैनेजर को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

इंदौर की अदालत ने पत्नी शिवानी की तकिये से मुंह दबाकर हत्या करने और शव को कोबरा सांप से डसवाकर सबूत मिटाने के आरोप में पूर्व बैंक मैनेजर अमितेश पटेरिया को उम्रकैद की सजा और 45,000 रुपये जुर्माना लगाया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर की एक जिला अदालत ने पत्नी की हत्या कर उसके शव को कोबरा सांप से डसवाने के मामले में एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 45,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार रघुवंशी ने 24 जून को यह फैसला सुनाते हुए अमितेश पटेरिया उर्फ शालू (43) को भारतीय दंड विधान की धारा 302 यानी हत्या, धारा 201 यानी सबूत मिटाने और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 51 के तहत दोषी करार दिया। धारा 51 संरक्षित वन्य जीव की हत्या से जुड़ी है।

तकिये से मुंह दबाकर की हत्या, फिर सांप से डसवाया शव

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पटेरिया के खिलाफ यह आरोप युक्तियुक्त संदेह से परे साबित होता है कि उसने एक दिसंबर 2019 को अपनी पत्नी शिवानी की तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने अपने अपराध के सबूत मिटाने और सजा से बचने के इरादे से पत्नी के शव को कोबरा सांप से डसवाया, ताकि पुलिस और परिवार यह मान लें कि शिवानी की मौत सांप के काटने से हुई है। जज ने यह भी कहा कि घटना को अंजाम देने के बाद पटेरिया ने उस कोबरा सांप को भी मार डाला था, जिसका इस्तेमाल उसने सबूत मिटाने के लिए किया था।

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28 गवाहों के आधार पर साबित हुआ जुर्म

अपर लोक अभियोजक चंद्रशेखर चौधरी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में पटेरिया के खिलाफ जुर्म साबित करने के लिए कुल 28 गवाह पेश किए। इनमें जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों के अलावा पोस्टमॉर्टम बोर्ड के सदस्य और एक पशु चिकित्सक भी शामिल थे, जिनकी गवाही से अदालत में यह स्थापित हुआ कि शिवानी की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी।

घटनास्थल से मिला मरा हुआ कोबरा सांप

पटेरिया एक निजी बैंक में मैनेजर के पद पर काम कर चुका है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक जब पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, तो वहां बिस्तर, तकिये के कवर और अन्य घरेलू सामान के साथ ही एक मरा हुआ कोबरा सांप भी बरामद हुआ था। हालांकि शिवानी के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ लिखा गया था कि उसकी मौत मुंह दबाए जाने की वजह से दम घुटने से हुई थी, न कि सांप के जहर से। इसी मेडिकल रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी और पुलिस की जांच सीधे पटेरिया की ओर मुड़ गई।

राजस्थान के अलवर से 5,000 रुपये में खरीदा था कोबरा

मामले की जांच करने वाले एक अधिकारी ने अपने बयान में अदालत को बताया कि पूछताछ के दौरान पटेरिया ने कबूल किया था कि उसने राजस्थान के अलवर रेलवे स्टेशन पर एक सपेरे से 5,000 रुपये देकर कोबरा सांप खरीदा था। इसी सांप का इस्तेमाल उसने बाद में पत्नी के शव को डसवाने के लिए किया।

वैवाहिक तनाव और पारिवारिक मतभेद बने वजह

शिवानी के मायके पक्ष के गवाहों ने अदालत में दिए अपने बयानों में दम्पति के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक तनाव और पारिवारिक मतभेदों का जिक्र किया। इन गवाहियों ने भी अदालत को यह मानने में मदद की कि पटेरिया ने सोची-समझी योजना के तहत अपनी पत्नी की हत्या की और फिर उसे हादसा या सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने की कोशिश की।

सवाल-जवाब

पटेरिया को किन धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया?
अदालत ने उसे आईपीसी की धारा 302 (हत्या), धारा 201 (सबूत मिटाना) और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 51 के तहत दोषी ठहराया।
शिवानी की मौत कब और कैसे हुई थी?
शिवानी की मौत 1 दिसंबर 2019 को तकिये से मुंह दबाए जाने के कारण दम घुटने से हुई थी।
कोर्ट ने पटेरिया पर कितने रुपये का जुर्माना लगाया?
कोर्ट ने उस पर 45,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
पटेरिया ने कोबरा सांप कहां से और कितने में खरीदा था?
उसने राजस्थान के अलवर रेलवे स्टेशन पर एक सपेरे से 5,000 रुपये में कोबरा खरीदा था।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कितने गवाह पेश किए?
अभियोजन पक्ष ने जुर्म साबित करने के लिए 28 गवाह पेश किए, जिनमें पुलिस अधिकारी, पोस्टमॉर्टम बोर्ड के सदस्य और एक पशु चिकित्सक शामिल थे।
फैसला किसने और कब सुनाया?
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार रघुवंशी ने 24 जून को यह फैसला सुनाया।
पटेरिया घटना से पहले क्या काम करता था?
वह एक निजी बैंक में मैनेजर के पद पर काम कर चुका था।
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