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जर्जर मकान की दीवार बालाघाट में धसकी, बेसमेंट में दबे तीन मजदूर, एक की हालत गंभीरमध्य प्रदेश
1 जुल॰ 2026, 11:15 pm (45 दिन पहले)· 1

जर्जर मकान की दीवार बालाघाट में धसकी, बेसमेंट में दबे तीन मजदूर, एक की हालत गंभीर

मध्यप्रदेश के बालाघाट में एक निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट में काम कर रहे मजदूरों के ऊपर बगल का जर्जर कच्चा मकान गिर गया, जिसमें तीन मजदूर मलबे में दब गए और एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मध्यप्रदेश के बालाघाट शहर में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन मकान से सटे एक जर्जर कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी। यह घटना बालाघाट मुख्यालय की राम गली मार्ग की है, जहां बेसमेंट का काम कर रहे मजदूरों में से तीन मलबे में दब गए और घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर तीनों मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। इनमें से मानिक नाम के मजदूर को सबसे ज्यादा चोटें आई हैं और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके चलते उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल से गोंदिया रेफर कर दिया गया है।

निर्माण स्थल के पास खड़ा था खंडहरनुमा मकान

जानकारी के मुताबिक, बालाघाट के रामनगर इलाके में स्टेट बैंक के पीछे व्यापारी दिनेश पुगलिया अपने परिवार के साथ मिलकर एक नए भवन का निर्माण करवा रहे हैं। इस भवन में बेसमेंट बनाने का काम चल रहा है। ठीक इसी निर्माणाधीन मकान के बगल में राकेश जैन का एक कच्चा मकान बना हुआ है, जो पहले से ही काफी जर्जर हालत में था। इसी बीच सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे इस पुराने कच्चे मकान की दीवार दिनेश पुगलिया के निर्माणाधीन भवन की तरफ ढह गई। भारी मात्रा में मलबा और मिट्टी सीधे बेसमेंट में जा गिरी। उस वक्त बेसमेंट में कुल 14 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से तीन मलबे की चपेट में आकर उसी में दब गए।

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तीन मजदूर मलबे में दबे, एक की हालत नाजुक

हादसे में घायल हुए मजदूरों के नाम मानिक लोधी, चेतराम सोलखे और निलेश नगपूरे बताए गए हैं। इनमें से चेतराम और निलेश को समय रहते मलबे से निकाल लिया गया और फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। लेकिन मानिक को इस हादसे में सबसे ज्यादा चोटें आईं, क्योंकि वह मिट्टी और मलबे में पूरी तरह दब चुका था और सिर्फ उसका चेहरा ही बाहर नजर आ रहा था। मानिक की हालत गंभीर होने की वजह से उसे जिला अस्पताल से गोंदिया के एक बड़े अस्पताल रेफर किया गया है, ताकि उसे बेहतर इलाज मिल सके। हादसे के फौरन बाद तीनों मजदूरों को समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से बड़ी अनहोनी टलती नजर आई।

तेज आवाज सुनकर दौड़े आए स्थानीय लोग, पुलिस ने चलाया रेस्क्यू

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूरी घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे की है। मजदूर दिनेश पुगलिया के निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट में काम में जुटे थे, तभी बगल की पुरानी दीवार बिना किसी चेतावनी के ढह गई। दीवार गिरने की तेज आवाज आसपास के पूरे इलाके में गूंज उठी, जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके की तरफ दौड़ पड़े। मलबे में दबे मजदूरों की चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस को इसकी सूचना दी और खुद भी मलबा हटाने में जुट गए। कुछ ही मिनटों में दो मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीसरा मजदूर मानिक पूरी तरह मिट्टी में धंस चुका था। ऐसे में बेहद सावधानी के साथ उसे बाहर निकाला गया और तीनों घायल मजदूरों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से मानिक को बाद में गोंदिया रेफर कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू अभियान में पुलिस का पूरा साथ दिया और मलबा हटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिससे मजदूरों को जल्द बाहर निकाला जा सका।

सवाल-जवाब

बालाघाट में यह हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा बालाघाट मुख्यालय की राम गली मार्ग पर सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ।
हादसे में कितने मजदूर घायल हुए?
हादसे में तीन मजदूर घायल हुए, जिनके नाम मानिक लोधी, चेतराम सोलखे और निलेश नगपूरे हैं।
हादसे में सबसे ज्यादा घायल कौन हुआ?
मानिक लोधी की हालत सबसे गंभीर है, क्योंकि वह मलबे में पूरी तरह दब गया था और सिर्फ उसका चेहरा बाहर नजर आ रहा था।
गंभीर घायल मजदूर को कहां रेफर किया गया?
हालत गंभीर होने के चलते मानिक को जिला अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर कर दिया गया है।
हादसा कैसे हुआ?
दिनेश पुगलिया के निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट के पास स्थित राकेश जैन के जर्जर कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई, जिससे भारी मलबा बेसमेंट में जा गिरा।
हादसे के वक्त बेसमेंट में कितने मजदूर काम कर रहे थे?
घटना के वक्त बेसमेंट में कुल 14 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से तीन मलबे में दब गए।
बाकी दो घायल मजदूरों का इलाज कहां हो रहा है?
चेतराम सोलखे और निलेश नगपूरे को समय रहते मलबे से निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
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