न्याय के लिए अदालत की शरण
चेन्नई के व्यवसायी P Dakshinamurthy पिछले एक साल से अपनी 27 वर्षीय बेटी Kavita Nagarjuna की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। जब स्थानीय स्तर पर पुलिस के पास की गई उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने अंततः Madhya Pradesh High Court का रुख किया है। अब परिवार को उम्मीद है कि अदालत में इस याचिका पर जल्द ही सुनवाई होगी और मौत के पीछे के सच का खुलासा हो सकेगा।
शादी में दहेज का बड़ा लेनदेन
TrendKia के अनुसार, 2 मार्च 2025 को Kavita Nagarjuna का विवाह तमिलनाडु निवासी Om Nagarjuna के साथ संपन्न हुआ था। Om Nagarjuna जबलपुर स्थित JKRRC में मेजर के पद पर तैनात हैं। पिता P Dakshinamurthy का दावा है कि उन्होंने अपनी हैसियत के अनुरूप इस शादी में भारी खर्च किया था। ससुराल पक्ष की मांगों को पूरा करने के लिए उन्होंने 100 तोला सोना, 3 करोड़ रुपये नकद, 20 लाख रुपये का हीरे का हार, एक XUV-700 कार और करीब 12 लाख रुपये का कीमती घरेलू सामान दिया था। आरोप है कि इतना दहेज मिलने के बाद भी ससुराल पक्ष की लालसा कम नहीं हुई और वे लगातार प्रताड़ित करते रहे।
संदेह के घेरे में मौत की कहानी
पीड़ित पिता के अनुसार, शादी के बाद Om Nagarjuna ने 2 करोड़ रुपये की और मांग शुरू कर दी थी, जिससे Kavita Nagarjuna के साथ व्यवहार और बिगड़ गया। 10 जून 2025 की सुबह Kavita Nagarjuna की मृत्यु हुई। पिता का कहना है कि उनकी बेटी के सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे। पति Om Nagarjuna ने दावा किया कि 9 जून की रात को ही उनकी तबीयत बिगड़ी थी और बाथरूम में गिरने के कारण हार्ट फेल होने से मौत हुई है। हालांकि, पिता का आरोप है कि उन्हें अस्पताल ले जाने में पति ने जानबूझकर तीन घंटे की देरी की, जो इस पूरी घटना को और अधिक संदिग्ध बनाता है।













