मध्य प्रदेश के आसमान में एक बार फिर से घने बादल डेरा डाल चुके हैं। सूबे का मौसम पूरी तरह से करवट ले चुका है और 21 जुलाई को राज्य के एक विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र में जोरदार बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अब काफी तेज हो गई हैं। इसके चलते आम नागरिकों को उस झुलसा देने वाली भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से एक बड़ी राहत मिलने वाली है, जिससे वे पिछले काफी दिनों से लगातार परेशान हो रहे थे। पूर्वी, मध्य और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों में मौसम का यह बदला हुआ रूप सबसे ज्यादा स्पष्ट रूप से नजर आएगा। इन क्षेत्रों में बारिश का असर व्यापक पैमाने पर देखने को मिलेगा।
इन संभागों में दिनभर बरसेंगे बदरा
मौसम के जानकारों का यह स्पष्ट कहना है कि राज्य के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हो गया है, जो इस वक्त काफी अधिक सक्रिय अवस्था में मौजूद है। इसी विशिष्ट मौसमी सिस्टम की वजह से राजधानी भोपाल के साथ-साथ जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के आसमान में सुबह से लेकर शाम तक काले घने बादल पूरी तरह छाए रहेंगे। इन सभी क्षेत्रों के निवासियों को दिनभर रुक-रुक कर होने वाली बारिश का लगातार सामना करना पड़ सकता है। हालांकि कुछ स्थानों पर सिर्फ छिटपुट बूंदाबांदी से लेकर मध्यम स्तर की फुहारें पड़ सकती हैं, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी साफ किया है कि कुछ अन्य चिन्हित इलाकों में अचानक से मूसलाधार बारिश होने के भी पूरे आसार बन रहे हैं।
तेज आंधी और आकाशीय बिजली का बड़ा खतरा
आने वाले 24 घंटों के दौरान न सिर्फ तेज बारिश अपना कहर बरपाएगी, बल्कि इसके साथ तूफानी हवाएं भी अपना खतरनाक असर दिखाएंगी। मौसम विभाग की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी में बताया गया है कि हवा की गति अचानक बढ़कर 30 से लेकर 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज रफ्तार वाली इन हवाओं के साथ ही बादलों की भयानक गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली गिरने की अनपेक्षित घटनाओं को लेकर भी एक बेहद गंभीर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे हालात में सभी लोगों को बहुत ज्यादा एहतियात बरतने की सख्त आवश्यकता है, खासकर उस वक्त जब वे अपने घरों से बाहर किसी काम के लिए निकले हों।
शहरों के तापमान में दर्ज होगी भारी गिरावट
बारिश के इस नए और मजबूत दौर की वजह से प्रदेश के तमाम प्रमुख शहरों के तापमान का ग्राफ तेजी से नीचे की तरफ लुढ़क जाएगा। यह अनुमान जताया गया है कि राजधानी भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान महज 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच ही सिमट कर रह जाएगा। वहीं, रात के समय का न्यूनतम तापमान भी लगभग 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, औद्योगिक नगरी इंदौर में पारा 30 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है, जबलपुर में यह 28 डिग्री रहेगा, और सांस्कृतिक शहर उज्जैन तथा ग्वालियर में तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने की पूरी उम्मीद जताई गई है। तापमान में होने वाली यह शानदार गिरावट यकीनन लोगों को एक बहुत ही सुखद अहसास देगी।
खराब मौसम को लेकर जारी की गई अहम सावधानियां
मौसम कार्यालय ने बालाघाट, छिंदवाड़ा, छतरपुर, दमोह, दतिया, डिंडोरी, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, राजगढ़, रायसेन, रीवा, सागर, सतना, सीहोर, सिवनी, शहडोल, टीकमगढ़, उमरिया और विदिशा जैसे कई प्रमुख जिलों में भारी बारिश और आंधी का एक विशेष पूर्वानुमान साझा किया है। बिगड़ते मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम जनता के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए हैं। तेज आंधी-तूफान के समय लोगों को खुले मैदानों, बड़े और पुराने पेड़ों तथा बिजली के नंगे तारों और खंभों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके अतिरिक्त, किसानों से विशेष रूप से यह आग्रह किया गया है कि वे अपनी कीमती फसलों को जलभराव से बचाने के लिए खेतों में पानी निकलने की उचित और पक्की व्यवस्था पहले से ही कर लें। नदी-नालों और ऐसे निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को भी जलस्तर के अचानक बढ़ने की स्थिति में पूरी तरह से चौकन्ना रहने को कहा गया है।



















