मध्य प्रदेश में झुलसाने वाली उमस के बाद मौसम ने राहत भरी करवट ली है। रविवार को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलीं, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम खुशनुमा हो गया। हालांकि मानसून की चाल फिलहाल धीमी पड़ी है, फिर भी मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य में एक बार फिर तेज बारिश देखने को मिल सकती है। आज यानी 20 जुलाई 2026, सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि तीन जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है और पांच जिलों में मौसम सामान्य बना रहेगा।
दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज दमोह, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी तक बारिश दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने यहां तेज हवा चलने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई है, इसलिए इन तीनों जिलों के रहवासियों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पांच जिलों में मौसम रहेगा शांत, बाकी जगह आंधी का अलर्ट
नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में आज मौसम सामान्य बना रहेगा और यहां भारी बारिश या आंधी की कोई चेतावनी नहीं है। वहीं राज्य के बाकी सभी जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है क्योंकि तेज हवा और बिजली गिरने से नुकसान होने का खतरा बना रहता है।
आंधी-तूफान के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- गरज-चमक के समय घर के अंदर ही रहें। मजबूरी में बाहर निकलना पड़े तो पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदानों और खेतों में काम करने से बचें और पेड़ों, बिजली की तारों तथा निर्माण स्थलों से दूरी बनाए रखें।
- वाहन चलाते समय रफ्तार धीमी रखें और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ बनाए रखें।
- कंक्रीट की दीवारों का सहारा लेने या कंक्रीट के फर्श पर लेटने से बचें।
पशुओं की सुरक्षा के लिए भी बरतें एहतियात
- पशुओं को खुले मैदान, तालाब, नदी या किसी भी जल स्रोत के पास न छोड़ें।
- रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित और ढंके हुए शेड में रखें।
- दोपहर के समय तेज गर्मी में पशुओं को खुली चराई के लिए न भेजें।
- पशुओं के लिए पर्याप्त पीने का पानी और छायादार जगह की व्यवस्था करें।
- आकाशीय बिजली गिरने और तूफान के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे बांधकर न रखें।




















