बुंदेलखंड के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। मध्य प्रदेश के सागर, दमोह और कटनी जिले के लोगों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक आने-जाने के लिए अब एक नया और बेहतर विकल्प मिलने जा रहा है। यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए रेलवे ने अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इस ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ने से पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधे तौर पर फायदा होगा, विशेष रूप से उन व्यापारियों को जिनका काम के सिलसिले में लगातार दिल्ली आना-जाना लगा रहता है।
अब सप्ताह में दो दिन पटरी पर दौड़ेगी यह ट्रेन
इस क्षेत्र के नागरिक काफी समय से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से लेकर मध्य प्रदेश के सागर और दमोह जैसे जिलों के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मांग को लेकर लगातार रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। जनभावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए अब रेलवे बोर्ड ने गाड़ी संख्या 22407/22408 अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस को सप्ताह में एक दिन के बजाय दो दिन चलाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के विशेष दिशा-निर्देशों के बाद इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिली है। समय सारिणी के अनुसार, यह ट्रेन दिल्ली से रात को 11:00 बजे प्रस्थान करेगी और अगली सुबह 8:30 बजे सागर तथा सुबह 9:30 बजे दमोह पहुंच जाएगी। रात के समय चलने के कारण यात्री सोते हुए आराम से अपना सफर पूरा कर सकते हैं। यह सेवा अब सप्ताह में दो दिन, प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को उपलब्ध होगी।
इन 16 प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
यह एक्सप्रेस ट्रेन अपने सफर के दौरान कुल 16 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव करेगी। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन (NZM) से अपनी यात्रा शुरू करने के बाद यह ट्रेन मथुरा जंक्शन (MTJ), आगरा कैंट (AGC), ग्वालियर जंक्शन (GWL), वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन (VGLJ), सागर (SGO), दमोह (DMO), कटनी मुड़वारा (KMZ), उमरिया (UMR), शहडोल (SDL), अनूपपुर जंक्शन (APR), कोतमा (KTMA), बिजुरी (BJRI), बैकुंठपुर रोड (BRH), सूरजपुर रोड (SJQ) होते हुए छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर (ABKP) स्टेशन तक जाएगी।
क्षेत्रीय विकास और यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
यह निर्णय न केवल यात्रियों के सफर को सुगम बनाएगा, बल्कि बुंदेलखंड के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए, लोग रोजगार के अवसरों की तलाश में और मरीज बेहतर इलाज के लिए दिल्ली जाते हैं। इससे पहले अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस केवल सप्ताह में एक दिन चलती थी, जिसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
यात्रियों को मुख्य रूप से गोंडवाना एक्सप्रेस पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें भीड़ इतनी अधिक होती थी कि सामान्य कोच में पैर रखने की भी जगह नहीं मिलती थी। ऐसी स्थिति में मजबूर होकर लोगों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ता था, जिसके लिए उन्हें भारी-भरकम किराया चुकाना पड़ता था। अब इस ट्रेन के फेरे बढ़ने से यात्रियों को रेलवे की सुरक्षित और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत होगी।













