राजधानी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच का सियासी टकराव अचानक हिंसक मोड़ पर पहुंच गया। लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी के मंत्री प्रवेश वर्मा जब इलाके में नव-निर्मित सड़क का मुआयना करने पहुंचे, तब वहां मौजूद आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के साथ उनकी तीखी बहस छिड़ गई। इस दौरान विधायक नई बनी सड़क की परतें उखाड़कर घटिया निर्माण कार्य का दावा कर रहे थे, जबकि पास खड़ा एक स्थानीय युवक पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर रहा था। निरीक्षण के बीच माहौल इस कदर गरमा गया कि मंत्री ने उस वीडियो बना रहे युवक को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद सड़क पर भारी हंगामा शुरू हो गया।
थप्पड़ कांड के बाद दोनों दलों में तीखी बयानबाजी
इस घटना का वीडियो सार्वजनिक होते ही राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी ने इस फुटेज को साझा करते हुए विरोधी दल पर सरेआम सत्ता के नशे में गुंडागर्दी करने का आरोप मढ़ दिया। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि एक नौजवान सिर्फ सड़क निर्माण में हुई धांधली पर सवाल खड़े कर रहा था और लोकतंत्र में सवाल पूछने पर इस तरह की शारीरिक हिंसा बेहद शर्मनाक है। आम आदमी पार्टी ने पीड़ित युवक को आज की नई पीढ़ी यानी जेन-जी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी तरफ मंत्री प्रवेश वर्मा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए पूरे विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने दावा किया कि विधायक जरनैल सिंह सड़क ठेकेदार से कमीशन की मांग कर रहे थे और बाधा उत्पन्न करने की नीयत से वहां पहुंचे थे। इसके साथ ही उन्होंने थप्पड़ खाने वाले युवक पर सरकारी काम में रुकावट डालने और बेहद अभद्र गालियां देने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष ने उस युवक को आदतन अपराधी करार देते हुए कहा कि वह नगर निगम और सरकारी अफसरों से जबरन धन उगाही करने वाले नेटवर्क से जुड़ा है।
अरविंद केजरीवाल का दौरा और सौरभ शर्मा की हिरासत
सड़क के मुद्दे पर 27 सितंबर को शुरू हुआ यह टकराव अब बड़े सियासी प्रदर्शन की शक्ल ले चुका है। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब इस मामले के विरोध में उतरे आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ शर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अपने विधायक की हिरासत और युवक पर हुए हमले के विरोध में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुद मैदान में उतरने की घोषणा कर दी है।
अरविंद केजरीवाल ने सड़क निर्माण में गड़बड़ी का पर्दाफाश करने वाले युवक पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने ऐलान किया कि वह स्वयं तिलक नगर पहुंचकर उस विवादित सड़क की बनावट और उसकी गुणवत्ता का जमीनी स्तर पर मुआयना करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री के इस दौरे की खबर सामने आते ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ गई है, क्योंकि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के फिर से आमने-सामने आने की संभावना बनी हुई है।
पुलिस के पास पहुंची पांच अलग-अलग शिकायतें
सड़क निरीक्षण के दौरान हुई इस मारपीट और हंगामे को लेकर दिल्ली पुलिस के पास दोनों पक्षों की तरफ से कुल 5 औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। मामले में दोनों ओर से एक-दूसरे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
- विधायक पक्ष की ओर से शिकायत: आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के सहयोगी साहिब सिंह ने मंत्री और उनके सहयोगियों के आचरण को लेकर पुलिस में पहली लिखित शिकायत दी है।
- पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के पत्र: लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों की तरफ से पुलिस को दो अलग-अलग शिकायतें सौंपी गई हैं, जिनमें विधायक जरनैल सिंह तथा उनके समर्थकों पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।
- कार्यकर्ताओं की ओर से पक्ष: भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी थाने में दो अलग-अलग शिकायतें देकर आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई।
क्षेत्राधिकार की उलझन और जांच की स्थिति
यह पूरा कानूनी मामला दिल्ली के दो अलग-अलग थानों के बीच बंटा हुआ है। सभी पांचों शिकायतें विकासपुरी और तिलक मार्ग पुलिस थानों में दी गई हैं। भौगोलिक स्थिति के अनुसार, विवादित स्थल की दोनों तरफ की सड़क विकासपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जबकि सड़क के पास स्थित गुरुद्वारा तिलक नगर थाना क्षेत्र की सीमा में पड़ता है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी सभी प्राप्त आवेदनों के तथ्यों और घटना के वीडियो फुटेज की गहन जांच कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस विभाग ने किसी भी पक्ष की शिकायत पर औपचारिक प्राथमिकी यानी एफआईआर दर्ज नहीं की है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।





















