मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जो भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा प्रकरण की याद दिला रहा है। कोतवाली थाना क्षेत्र के पीछे गुलजारी का बगीचा मोहल्ले में 30 वर्षीय मालती प्रजापति अपने घर में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं। बताया जाता है कि मालती की शादी साल 2021 में श्रवण का बगीचा इलाके के रहने वाले नेपाल प्रजापति से हुई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
ट्विशा शर्मा केस जैसी परिस्थितियां
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना था। उस केस में भी ससुरालवालों ने मौत को आत्महत्या बताया था, जबकि ट्विशा के परिजनों ने इसे हत्या करार दिया था। सीहोर का यह मामला भी उन्हीं परिस्थितियों से मिलता-जुलता है। मालती की मौत की खबर मिलते ही उनके मायके वाले मौके पर पहुंचे और ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मालती के परिजनों ने साफ कहा कि उनकी बेटी को मारा गया है। पिता जमना प्रसाद ने बताया कि मालती की पीठ और शरीर पर मारपीट के स्पष्ट निशान हैं और ससुराल में रोज झगड़ा होता था। परिजनों के मुताबिक मालती के पैरों और दोनों अंगूठों पर भी चोट के निशान मिले हैं।
परिजनों का आरोप है कि ससुराल में मालती का मोबाइल फोन छीन लिया जाता था और फोन में कभी रिचार्ज नहीं करवाया जाता था, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। परिजनों ने सास धनकौर प्रजापति और पति नेपाल प्रजापति दोनों पर मिलकर मालती की हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद सास न तो मौके पर आई और न ही परिजनों को फोन किया।
गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं
परिजनों ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐलान किया कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और घरेलू हिंसा कानून के तहत तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन अपनी मांग से पीछे हटे और अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
पति नेपाल प्रजापति का पक्ष
पति नेपाल प्रजापति ने सभी आरोपों को नकारते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वह सुबह छह या सात बजे घर से निकले थे और उनकी माँ दुकान पर बैठी थीं। थोड़ी देर बाद भतीजी का फोन आया कि घर का गेट नहीं खुल रहा और घर में दादाजी आवाजें लगा रहे हैं। नेपाल प्रजापति के मुताबिक घर में कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ था। उनका कहना है कि मालती को फंदे से उतारते वक्त ही चोट के निशान लगे होंगे। उन्होंने एम्बुलेंस को फोन भी किया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं पहुंची। बड़ी मुश्किल से उन्होंने मालती को खुद फंदे से उतारा और गेट काटकर बाहर निकले।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मृतिका के परिजनों और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













