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सीहोर में स्कूली बच्चों की जान पर बनी जब चलती बस से निकलने लगा धुंआ, खिड़की-दरवाजों से कूदकर बचाई जानमध्य प्रदेश
25 जुल॰ 2026, 2:02 pm (96 दिन पहले)· 2

सीहोर में स्कूली बच्चों की जान पर बनी जब चलती बस से निकलने लगा धुंआ, खिड़की-दरवाजों से कूदकर बचाई जान

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में मनूबेन सांदीपनी सीएम राइज स्कूल की एक बस में अचानक भारी धुंआ उठने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद डरे हुए बच्चों ने खिड़की-दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई।

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां मनूबेन सांदीपनी सीएम राइज स्कूल की एक चलती हुई बस में अचानक भारी धुंआ उठने लगा। बस के भीतर धुंआ फैलते ही उसमें सवार मासूम बच्चों के बीच अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए घबराए हुए बच्चे चलती बस से नीचे की तरफ भागने लगे और खिड़की-दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि इस बेहद खतरनाक हादसे के दौरान कोई भी बच्चा गंभीर रूप से चोटिल नहीं हुआ। लेकिन इस घटना का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद परिजनों और स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

परिवहन विभाग की फिटनेस जांच पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कठघरे में खड़ा कर दिया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना से ठीक तीन दिन पहले, यानी 22 जुलाई 2026 को ही जिला परिवहन कार्यालय में गठित एक विशेष समिति द्वारा इन स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच का दावा किया गया था। इस सरकारी दावे के महज बहत्तर घंटे के भीतर ही बस का इस तरह दुर्घटनाग्रस्त होना और उससे धुंआ निकलना आरटीओ विभाग और जांच कमेटी की विश्वसनीयता पर सीधे सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अधिकारियों ने बिना ठीक से जांच किए ही इन बसों को हरी झंडी दे दी थी, जो बच्चों की जिंदगी के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है।

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जांच में खेल और शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही

स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा विभाग ने जांच के नाम पर दो दिन पहले ही सीहोर जिले के सभी सांदीपनि सीएम राइज स्कूलों की बसों को जिला परिवहन कार्यालय में इकट्ठा होने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एक बड़ा खेल खेला गया। स्कूल प्रबंधन और विभागीय सांठगांठ के तहत केवल नई और अच्छी स्थिति वाली बसों को ही अधिकारियों के सामने फिटनेस जांच के लिए पेश किया गया। जिन बसों में यांत्रिक गड़बड़ियां थीं या जो काफी पुरानी थीं, उन्हें जिला परिवहन अधिकारी के सामने लाया ही नहीं गया और चालाकी से छिपा लिया गया। इस वजह से जर्जर बसें सड़कों पर दौड़ती रहीं और आखिरकार एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा।

खटारा बसों के संचालन से अभिभावकों में रोष

सीहोर के स्थानीय निवासियों और बच्चों के माता-पिता का आरोप है कि पूरे जिले में लंबे समय से बिना सुरक्षा मानकों के खटारा और जर्जर बसें धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं। प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठा है और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। अभिभावकों ने मांग की है कि जिले की सभी स्कूल बसों की तत्काल एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समिति से जांच कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले बस संचालकों, स्कूल प्रबंधन और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मध्य प्रदेश में लगातार हो रहे हैं ऐसे हादसे

मध्य प्रदेश में स्कूली बच्चों के परिवहन में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले राज्य के विदिशा जिले में भी ऐसा ही एक बेहद दर्दनाक हादसा देखने को मिला था, जहां जोहाड़ गांव के नजदीक पच्चीस बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई थी, जिसमें कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा, सतना जिले से भी एक वाकया सामने आया था जहां पानी से भरे एक अंडरपास में स्कूल बस फंस गई थी। उस समय बस के चालक और क्लीनर ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए पांच बच्चों को अपने कंधों पर बिठाकर सुरक्षित बाहर निकाला था। इन लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद परिवहन और शिक्षा विभाग अपनी नींद से जागने को तैयार नहीं हैं।

सवाल-जवाब

सीहोर में स्कूल बस हादसा कहां और किस स्कूल के साथ हुआ?
यह घटना मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में मनूबेन सांदीपनी स्कूल (CM राइज) की बस के साथ हुई।
हादसे के समय बच्चों ने अपनी जान कैसे बचाई?
चलती बस में अचानक भीषण धुंआ भरने के कारण घबराए बच्चों ने खिड़की-दरवाजों और चलती बस से कूदकर अपनी जान बचाई।
क्या इस घटना से कुछ समय पहले बसों की कोई जांच की गई थी?
हां, घटना से ठीक तीन दिन पहले यानी 22 जुलाई 2026 को जिला परिवहन कार्यालय में समिति द्वारा इन बसों की फिटनेस जांच का दावा किया गया था।
स्कूल बस फिटनेस जांच में गड़बड़ी के क्या आरोप लगे हैं?
आरोप है कि शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन ने जांच के लिए केवल नई और अच्छी बसों को भेजा, जबकि पुरानी और खराब बसों को अधिकारियों से छिपा लिया गया।
हाल के दिनों में मध्य प्रदेश में स्कूल बसों से जुड़े कौन से अन्य हादसे हुए हैं?
हाल ही में विदिशा जिले में एक स्कूल बस नदी में गिर गई थी जिससे कई बच्चे घायल हो गए थे, और सतना जिले में पानी से भरे अंडरपास में एक बस फंस गई थी।
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