महाराष्ट्र में मतदाता सूची के दुरुस्तीकरण और सत्यापन के तहत राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 31 अगस्त 2026 को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। राज्य की सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए तैयार की गई इस प्राथमिक सूची में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है, जिसमें 2 करोड़ से भी अधिक मतदाताओं के नाम बाहर हो गए हैं। इस विशेष पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत से पूर्व महाराष्ट्र में पंजीकृत कुल मतदाताओं की संख्या 9,78,54,049 थी। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी संशोधित ड्राफ्ट सूची में केवल 7,71,65,562 मतदाताओं को ही स्थान मिला है, जो कि पुरानी कुल संख्या का 78.86 प्रतिशत है।
ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल आंकड़ों का विवरण
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए संशोधित आंकड़ों के अनुसार, राज्य में इस समय पंजीकृत मतदाताओं का विस्तृत श्रेणीवार ब्योरा उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में शामिल 7,71,65,562 कुल मतदाताओं में पुरुष मतदाताओं की संख्या 3,95,89,905 दर्ज की गई है। वहीं, महिला मतदाताओं की कुल संख्या 3,75,72,570 है। इसके अलावा, थर्ड जेंडर श्रेणी के तहत 3,087 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए हैं। राज्य के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर किए गए एन्यूमरेशन के आधार पर यह सूची तैयार की गई है।
वोटर लिस्ट से 2.06 करोड़ नाम हटने के मुख्य कारण
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 2,06,88,487 मतदाता, जो कि कुल संख्या का 21.14 प्रतिशत हैं, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल होने से वंचित रह गए हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से इन नामों को शामिल न किए जाने के पीछे पांच मुख्य कारण स्पष्ट किए गए हैं
- पते पर अनुपलब्धता: सत्यापन के समय अनेक मतदाता अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं मिले या गैर-मौजूद पाए गए।
- स्थान परिवर्तन: कई मतदाता अपने पुराने पंजीकृत स्थान को छोड़कर किसी अन्य जगह या शहर में स्थानांतरित हो चुके थे।
- मतदाता की मृत्यु: कई मामलों में पंजीकृत व्यक्तियों का निधन हो चुका था, लेकिन उनके नाम पुरानी सूची से हटे नहीं थे।
- दोहरे नाम व डुप्लीकेट प्रविष्टियां: एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने या पुरानी डुप्लीकेट प्रविष्टियों के कारण नाम हटाए गए।
- फॉर्म जमा न होना: कुछ मतदाताओं ने एन्यूमरेशन फॉर्म भरने से मना कर दिया या अन्य कारणों से उनका फॉर्म समय पर जमा नहीं हो सका।
इन सभी छूटे हुए मतदाताओं की जिला-वार सूची और नाम न शामिल किए जाने का विशिष्ट कारण चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइटों पर सार्वजनिक कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली में चलाए गए SIR अभियान के बाद जारी हुई ड्राफ्ट सूची में भी 47.7 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे।
दावे, आपत्तियां और अंतिम सूची प्रकाशन का शेड्यूल
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों के नाम इस ड्राफ्ट लिस्ट में छूट गए हैं या जिन्हें कोई संशोधन कराना है, उनके लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय तय किया गया है। मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 के बीच अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। राज्य के 288 विधानसभा क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए 288 EROs (ईआरओ) और 7,000 से अधिक AEROs (एईआरओ) की तैनाती की गई है।
आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, प्राप्त दावों, आपत्तियों और संबंधित नोटिस जारी करने व उनके निस्तारण की पूरी प्रक्रिया 31 अगस्त से 29 अक्टूबर 2026 के बीच निपटाई जाएगी। इन सभी चरणों को पूरा करने के पश्चात, महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन 4 नवंबर 2026 को किया जाएगा।



















