राजस्थान के जयपुर जिले के जोबनेर थाना अंतर्गत आने वाले खेजड़ावास ग्राम पंचायत में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इस घटना में मरने वाली महिला की पहचान 27 वर्षीय संजू कुमावत के रूप में हुई है, जिसके परिवार वालों ने उसके ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीहर पक्ष का साफ कहना है कि संजू की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि दहेज की मांग पूरी न होने के कारण उसकी हत्या की गई है। इस पूरे मामले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और पुलिस तथा प्रशासनिक अमला स्थिति को संभालने में जुटा हुआ है।
दहेज के लिए लंबे समय से प्रताड़ित करने का आरोप
मृतका के भाई देवेंद्र कुमावत ने पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने अपनी बहन के ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। नहर की ढाणी, आसलपुर बीपीसीएल डिपो के सामने रहने वाले देवेंद्र ने बताया कि संजू की शादी साल 2024 में कुण्डलवालों की ढाणी के रहने वाले जितेंद्र कुमावत के साथ हुई थी। इस जोड़े का एक साल का छोटा बेटा मयंक भी है, जो घटना के बाद से अपनी मां के लिए लगातार रो रहा है। भाई की शिकायत में यह बात सामने आई है कि शादी के महज दो महीने बाद से ही संजू को शारीरिक और मानसिक तौर पर परेशान किया जाने लगा था।
पति और ससुर समेत कई लोगों पर प्रताड़ना का केस
दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, मृतका के पति जितेंद्र कुमावत, ससुर जगदीश कुमावत, सास नांची देवी, बोबास क्षेत्र के रहने वाले ननदोई बनवारी मारोठिया और उनके पिता रामकरण मारोठिया लगातार पैसों और चार पहिया वाहन की मांग कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि जब ये मांगे पूरी नहीं हो सकीं, तो संजू के साथ मारपीट की जाती थी और उसे तरह-तरह की यातनाएं दी जाती थीं। हालांकि, इन सभी गंभीर आरोपों की सत्यता की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है, और जांच पूरी होने तथा अन्य तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि असल में क्या हुआ था।
हार्ट अटैक बताने पर खड़े हुए सवाल और गले पर निशान
घटना वाले दिन जब संजू की तबीयत अचानक बिगड़ी, तो उसे तुरंत राजकीय अस्पताल, हिंगोनिया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों का कहना है कि उन्हें इस अनहोनी की सूचना घटना के लगभग दो घंटे बाद दी गई और शुरुआत में यह बताया गया कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। जब घरवाले अस्पताल और मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने संजू के गले पर रस्सी के निशान देखे, जिसके बाद मामला पूरी तरह पलट गया। इन निशानों को देखने के बाद परिजनों ने मौत के कारणों पर गहरा संदेह जताया और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बनी थी सहमति
मामले की गंभीरता को देखते हुए जोबनेर थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा, जोबनेर एसडीएम रमेश कुमार, तहसीलदार गजेंद्र सिंह राठौड़ और पुलिस उपाधीक्षक पन्नालाल जांगिड़ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई। अधिकारियों की मौजूदगी में चली समझाइश के बाद यह तय हुआ कि मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा और उसके बाद शव ससुराल पक्ष को सौंपा जाएगा। थानाधिकारी ने जानकारी दी कि जोबनेर उपखंड अधिकारी रमेश कुमार इस पूरे प्रकरण के मुख्य जांच अधिकारी होंगे, और प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिया था।
रात होते ही फिर भड़का गुस्सा और अड़े परिजन
प्रशासन के साथ बनी सहमति के बावजूद स्थिति उस समय फिर बिगड़ गई जब रात करीब 7:30 बजे मृतका के परिजन दोबारा आक्रोशित हो गए और थाने के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि एफआईआर में जो कथित गलती हुई है उसे तुरंत सुधारा जाए और नामजद सभी आरोपियों को बिना देरी के गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना था कि जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वे न तो खुद शव लेंगे और न ही ससुराल पक्ष के लोगों को शव ले जाने देंगे। फिलहाल स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस पूरे मामले की गहनता से छानबीन कर रहे हैं, और पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही संजू की मौत के असली कारणों से पर्दा उठ सकेगा।



















