मध्य मुंबई के लालबाग क्षेत्र में प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल के निकट गुरुवार की रात एक अप्रत्याशित हादसा सामने आया, जहां एक वरिष्ठ नागरिक अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों और प्रशासन ने तुरंत उन्हें चिकित्सा सहायता दिलाने के लिए कदम उठाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत पाया। 12 दिनों तक संचालित होने वाले गणेश उत्सव के दौरान इस विशाल पंडाल परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, और उसी हलचल के बीच यह दुखद घटना घटित हुई। प्रशासन इस बात की पड़ताल में लगा है कि उनकी अकस्मात मृत्यु किन चिकित्सकीय कारणों से हुई।
हनुमान मंदिर के समीप बैठे बुजुर्ग अचानक हुए अचेत
कालाचौकी पुलिस थाने से साझा विवरण के अनुसार नगर निकाय के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मृतक की शिनाख्त 68 वर्षीय विजय आनेकर के तौर पर हुई है, जो इसी इलाके के स्थानीय निवासी थे। गुरुवार रात वे लालबागचा राजा पंडाल के पास ही स्थित हनुमान मंदिर के समीप बैठे हुए थे। उसी दौरान वे अचानक बेसुध होकर नीचे गिर पड़े। इस इलाके में उत्सव के दौरान चौबीसों घंटे भक्तों की आवाजाही लगी रहती है, जिसके चलते वहां तुरंत सहायता कार्य शुरू किया गया।
ग्लोबल हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने लाया मृत घोषित किया
अचेत अवस्था में विजय आनेकर को तत्काल परेल स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां उपस्थित चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें अस्पताल लाने से पहले ही मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी जान जाने की सटीक वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिसकी चिकित्सीय जांच कराई जा रही है। लालबाग इलाके में मौजूदा उत्सव अवधि के दौरान जान गंवाने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 17 सितंबर को पुणे के निवासी 25 वर्षीय जयदीप मेघराज नेमाडे की भी इसी लालबागचा राजा गणपति पंडाल में एक मेडिकल इमरजेंसी के चलते असमय मृत्यु हो गई थी।
गणेश प्रतिमा विसर्जन की शुरुआत और सुरक्षा का कड़ा पहरा
इस बीच शुक्रवार से मुंबई सहित समूचे महाराष्ट्र में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला प्रारंभ हो चुका है, जिसके लिए प्रशासनिक मशीनरी ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विशाल विसर्जन शोभायात्राओं को सुगम, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण रखने के उद्देश्य से केवल मुंबई शहर में ही 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी सुनिश्चित की गई है। नगर में वाहनों के आवागमन में बाधा न पहुंचे, इसके मद्देनजर संबंधित महकमे ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी भी लागू की है। राजधानी के अलावा नागपुर में भी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां 8500 पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
नागपुर में कृत्रिम टैंक और आधुनिक तकनीक से निगरानी
पर्यावरण और व्यवस्था दोनों को ध्यान में रखते हुए नागपुर शहर में 225 चुनिंदा स्थानों पर करीब 447 कृत्रिम टैंक तैयार किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सुगमता से बप्पा को विदाई दे सकें। इसके साथ ही प्राकृतिक तालाबों में प्रतिमा विसर्जन पर मुकम्मल पाबंदी आयद कर दी गई है। विसर्जन रैलियों में अवांछित तत्वों और अपराधियों पर नजर बनाए रखने के लिए आधुनिक AI तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सघन भीड़ में भी संदिग्ध चेहरों की पहचान की जा सकेगी। सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने के लिए जमीन से लेकर आसमान तक ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।





















