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आईआईएमयूएन सम्मेलन में डॉ. मोहन भागवत बोले, युवाओं का असंतोष जायज और शिक्षा प्रणाली में सुधार आवश्यकमहाराष्ट्र
6 अग॰ 2026, 7:09 pm (45 दिन पहले)· 0

आईआईएमयूएन सम्मेलन में डॉ. मोहन भागवत बोले, युवाओं का असंतोष जायज और शिक्षा प्रणाली में सुधार आवश्यक

मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने देश के 2,000 से अधिक हाई स्कूल छात्रों से संवाद करते हुए युवाओं की तार्किक सोच और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर बल दिया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने युवाओं की आकांक्षाओं और उनके असंतोष को पूरी तरह जायज करार दिया है। मुंबई के प्रसिद्ध नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में आयोजित आईआईएमयूएन सम्मेलन के दौरान उन्होंने देश की भावी पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित किया। डॉ. भागवत ने कहा कि वर्तमान समय के युवा तार्किक जवाब चाहते हैं और पुरानी मान्यताओं को बिना प्रश्न किए स्वीकार करने के बजाय सवाल पूछते हैं, इसलिए उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

युवाओं के असंतोष को बताया जायज और आंदोलन को संवाद का माध्यम

कार्यक्रम के दौरान बातचीत करते हुए डॉ. मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि जब युवाओं की बात नहीं सुनी जाती है, तो आंदोलन भी अभिव्यक्ति और संवाद का एक माध्यम बन जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को युवाओं से समय रहते चर्चा करनी चाहिए। यदि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुनवाई न हो, तो शांतिपूर्ण आंदोलन तक जाना अनुचित नहीं है। उनका मानना है कि जेन ज़ेड और जेन अल्फा का असंतोष बेबुनियाद नहीं है, बल्कि वह उनकी सजगता और सुधार की मांग को दर्शाता है।

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शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव और तार्किक समाधान की मांग

देश की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुधारों की सख्त जरूरत है। पहले के समय में बड़ों द्वारा कही गई बातों को बिना तर्क मान लिया जाता था, लेकिन आधुनिक दौर में जेन ज़ेड और जेन अल्फा के युवा हर विषय पर स्पष्ट और तार्किक उत्तर की अपेक्षा रखते हैं। शैक्षणिक ढांचे को इस प्रकार तैयार करना होगा कि वह युवाओं की जिज्ञासाओं और आधुनिक आवश्यकताओं का समाधान कर सके।

100 से अधिक शहरों के 2,000 छात्र बने कार्यक्रम का हिस्सा

इस वृहद कार्यक्रम में देश के 100 से ज्यादा शहरों से आए 15 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 2,000 हाई स्कूल विद्यार्थी शामिल हुए। आईआईएमयूएन के मंच से युवाओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर सीधे सवाल पूछे, जिनका उत्तर देते हुए डॉ. मोहन भागवत ने युवाओं को देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

सवाल-जवाब

डॉ. मोहन भागवत ने जेन ज़ेड के असंतोष को लेकर क्या कहा?
डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि जेन ज़ेड का असंतोष जायज है और modern युवा हर विषय पर तर्कसंगत उत्तर चाहते हैं।
आईआईएमयूएन सम्मेलन कहां आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम मुंबई स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में आयोजित हुआ था।
इस सम्मेलन में कितने विद्यार्थियों ने भाग लिया?
देश के 100 से अधिक शहरों से आए 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2,000 हाई स्कूल छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
आंदोलन को लेकर आरएसएस प्रमुख के क्या विचार थे?
उन्होंने कहा कि आंदोलन भी संवाद का ही एक रूप है और यदि सामान्य तरीके से बात न सुनी जा रही हो तो आंदोलन का मार्ग चुनना अनुचित नहीं है।
शिक्षा व्यवस्था के संबंध में क्या सुझाव दिया गया?
डॉ. मोहन भागवत ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत बताई ताकि युवाओं की तार्किक जिज्ञासाओं का सही समाधान हो सके।
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