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मोहन भागवत ने नागपुर में कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को बताया हिंदू संस्कारों का प्रतीकमहाराष्ट्र
20 अक्तू॰ 2026, 1:54 pm (17 मिनट पहले)· 1

मोहन भागवत ने नागपुर में कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को बताया हिंदू संस्कारों का प्रतीक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी रैली में फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का जिक्र करते हुए इसे उनके सांस्कृतिक मूल्यों और संस्कारों का परिणाम बताया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को नागपुर में आयोजित वार्षिक विजयादशमी रैली को संबोधित करते हुए फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान दिखाए गए कैप्टन स्मित मच्छार के असाधारण साहस और प्रतिक्रिया का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संकट के उस नाज़ुक दौर में पायलट द्वारा उठाया गया कदम उनके भीतर निहित सांस्कृतिक जड़ों और संस्कारों का स्वाभाविक विस्तार था। संघ प्रमुख ने स्पष्ट किया कि कैप्टन मच्छार को इस तरह की किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई विशेष या अलग से प्रशिक्षण नहीं मिला था, बल्कि उनके भीतर मौजूद मानवीय मूल्य ही संकट की घड़ी में मार्गदर्शक बने।

संस्कारों और मातृभूमि के प्रभाव पर जोर

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मोहन भागवत ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने जो कुछ भी किया, वह मूल रूप से हिंदू धर्म के शाश्वत मूल्यों और संस्कृति को जीवंत करता है। उन्होंने दोहराया कि ऐसी गंभीर और जानलेवा परिस्थितियों में व्यक्ति की प्रतिक्रिया उसके पालन-पोषण और पारिवारिक संस्कारों पर निर्भर करती है। भागवत के अनुसार, यह उनकी मातृभूमि और उन जीवन मूल्यों का प्रत्यक्ष प्रभाव था जिनके बीच उनका लालन-पालन हुआ था, जिसके कारण वे उस परिस्थिति में वैसा ही कर पाए जो कर्तव्य की दृष्टि से सर्वोपरि था।

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विविधता और वैश्विक सद्भाव का संदेश

संघ प्रमुख ने कैप्टन मच्छार के इस साहसिक कार्य को इस बात के जीवंत उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया कि कैसे गहरे सांस्कृतिक मूल्य किसी को भी किसी भी भीषण संकट के समय सही दिशा में कदम उठाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विस्तार से बताया कि उनकी समझ के अनुसार ऐसे संस्कार समाज में विविधता को न केवल बढ़ावा देते हैं बल्कि उसकी रक्षा भी करते हैं। इसके साथ ही, ऐसे मूल्य राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ संपूर्ण वैश्विक सद्भाव की दिशा में भी अपना अमूल्य योगदान देते हैं।

फ्लाइट FZ1073 में हुई थी भयावह घटना

मोहन भागवत की यह टिप्पणी उस बहुचर्चित घटना के कुछ ही हफ्तों बाद सामने आई है जब दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 हवा में थी। उस दौरान विमान जब सऊदी अरब के ऊपर से गुजर रहा था, तब सह-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी यानी क्रैश एक्स से हमला कर दिया था। इस अचानक हुए हमले में भारतीय कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना विमान और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

सिर और बांहों पर चोट के बावजूद बचाई सबकी जान

शुरुआत में कैप्टन मच्छार को यही लगा कि शायद विमान के बाहरी ढांचे को कोई तकनीकी क्षति पहुंची है, लेकिन चंद पलों में ही उन्हें स्थिति की गंभीरता का अहसास हो गया कि उन पर जानलेवा हमला हो रहा है। अपने सिर और बांहों पर गंभीर चोटें लगने के बावजूद उन्होंने खुद को बचाने, चालक दल के अन्य सदस्यों को सतर्क करने और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया। उस दौरान विमान का संतुलन भी बिगड़ने लगा था और वह तेजी से नीचे की ओर उतरने लगा था।

यात्रियों और क्रू की सूझबूझ से बची उड़ान

इस विकट स्थिति के बीच अन्य पायलटों और विमान में सवार जांबाज यात्रियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया और हमलावर को-पायलट को किसी तरह काबू में किया। इसके बाद विमान को पूरी तरह नियंत्रित किया गया और उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और सैकड़ों लोगों की जान बच गई। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत की थी और उनकी अदम्य साहस तथा कर्तव्य-परायणता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की थी।

सवाल-जवाब

मोहन भागवत ने किस कार्यक्रम में कैप्टन स्मित मच्छार का जिक्र किया?
मोहन भागवत ने नागपुर में आयोजित आरएसएस की वार्षिक विजयादशमी रैली में कैप्टन स्मित मच्छार का जिक्र किया।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट किस रूट पर जा रही थी?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी।
कैप्टन स्मित मच्छार पर किसने हमला किया था?
उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था।
हमलावर ने किस हथियार का इस्तेमाल किया था?
हमलावर सह-पायलट ने क्रैश एक्स यानी कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया था।
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