मुंबई के निवासियों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है। शहर में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश ने महानगर की जीवनरेखा माने जाने वाले जल स्रोतों को फिर से जीवंत कर दिया है। मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों के जल भंडार में बहुत तेजी से उछाल देखने को मिला है। बारिश के इस लगातार दौर ने पानी की संभावित किल्लत की चिंताओं को दूर कर दिया है, जिससे आने वाले महीनों के लिए करोड़ों नागरिकों की जल सुरक्षा मजबूत हुई है।
24 घंटे के भीतर जलस्तर में आया भारी उछाल
ताजा आंकड़ों के अनुसार, इन सातों महत्वपूर्ण झीलों में कुल जल भंडार अब 69.74 प्रतिशत के शानदार स्तर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा बुधवार, 22 जुलाई की सुबह 6 बजे से लेकर गुरुवार, 23 जुलाई की सुबह 6 बजे के बीच हुई जोरदार बारिश के बाद दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, महज पिछले 24 घंटों की अवधि के भीतर ही इन जलाशयों के जलस्तर में 7.84 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। यह तेज उछाल इस बात का सबूत है कि जलग्रहण क्षेत्रों में कितनी भारी बारिश दर्ज की गई है।
ओवरफ्लो होने वाली चौथी झील बनी मोडक सागर
इस बीच, मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाने वाली मोडक सागर झील भी अपनी पूरी क्षमता तक भर चुकी है। गुरुवार तड़के करीब 2:07 बजे इस झील ने ओवरफ्लो होना शुरू कर दिया। मौजूदा मानसून के मौसम में ओवरफ्लो होने वाली यह चौथी झील बन गई है। मोडक सागर से पहले, विहार, तुलसी और तानसा झीलें भी भारी बारिश के कारण पूरी तरह से भरकर ओवरफ्लो हो चुकी हैं, जो शहर के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत है।
बीएमसी ने जताया राहत का अनुमान
इन झीलों की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले मोडक सागर झील की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 1,28,925 मिलियन लीटर (यानी करीब 12,892.5 करोड़ लीटर) है। बीएमसी के अनुसार, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सभी जलाशयों में पानी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन का मानना है कि जलस्तर में हो रही इस लगातार वृद्धि से आने वाले समय में मुंबई के पेयजल भंडार को लेकर स्थिति काफी सुरक्षित और राहत भरी रहेगी।




















