महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से आयोजित किया गया लहरा दो तिरंगा मोर्चा पूरी तरह विफल साबित हुआ है। इस विरोध प्रदर्शन के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय तय किया गया था और इसके लिए आधिकारिक अनुमति भी ली गई थी। हालांकि, तय कार्यक्रम के अनुसार मुंबई के प्रसिद्ध आजाद मैदान में आयोजित इस आंदोलन को जनता का समर्थन बिल्कुल नहीं मिला।
आजाद मैदान में नहीं दिखी भीड़
शुक्रवार को आयोजित किए गए इस मोर्चे में सुबह से लेकर शाम तक केवल गिने-चुने लोग ही नजर आए। स्थिति यह थी कि पूरे कार्यक्रम के दौरान एक भी समय ऐसा नहीं आया जब वहां 50 से 80 लोग भी एक साथ एक जगह पर मौजूद रहे हों। उम्मीद के मुताबिक भीड़ न जुटने के कारण यह पूरा प्रदर्शन कागजी और सीमित होकर रह गया।
अलग-अलग विषयों पर भटकता रहा आंदोलन
मुंबई में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक और बात प्रमुखता से सामने आई कि पूरा आंदोलन किसी एक ठोस और मुख्य मुद्दे पर केंद्रित नहीं रह पाया। दिनभर चले इस कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारी लगातार अलग-अलग विषयों और मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे, जिससे आंदोलन की दिशा और दशा दोनों ही बिखर गईं।
दिल्ली में भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में भी लहरा दो तिरंगा अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया था। हालांकि, दिल्ली में प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस हरकत में आ गई और अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया गया, जिसके कारण राजधानी दिल्ली में भी इस पार्टी के प्रदर्शन का कोई असर देखने को नहीं मिला।





















