केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत खत्म होने में अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं, और इसी वजह से पुणे पुलिस हर जरूरी सबूत जुटाने में जुट गई है. सोमवार को पुलिस टीम सिया गोयल को उसके घर लेकर पहुंची, जहां करीब डेढ़ घंटे तक तलाशी और पंचनामे की कार्रवाई चलती रही.
घर की तलाशी में क्या मिला
पुलिस टीम सिया को साथ लेकर उसके घर गई और वहां हर कमरे की बारीकी से जांच की. इस दौरान अधिकारियों ने घर के कई हिस्सों की तलाशी ली और कुछ अहम सामान जब्त भी किया. हालांकि पुलिस ने अब तक यह खुलासा नहीं किया है कि जब्त सामान में असल में क्या-क्या शामिल है, लेकिन जांच से जुड़े लोगों का मानना है कि यह सामान केस के लिहाज से काफी अहम साबित हो सकता है.
सिया के पिता ने क्या कहा
तलाशी की कार्रवाई खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में सिया के पिता ने साफ किया कि उन्होंने पुलिस के काम में किसी तरह की दखलअंदाजी नहीं की. उन्होंने बताया कि पुलिस अपना काम करने आई थी और करीब सवा घंटे से लेकर डेढ़ घंटे तक घर में मौजूद रही. उनके मुताबिक, इस दौरान वे किसी से नहीं मिले क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है. उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की, वे अपने कमरे में ही रहे और पुलिस अपना काम पूरा करके वापस चली गई. सिया के पिता ने यह भी साफ कर दिया कि उन्होंने न तो अपनी बेटी से कोई बातचीत की और न ही पुलिस कार्रवाई के दौरान उससे मुलाकात हुई.
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल
पुलिस के मुताबिक, लोहागढ़ किले पर दोनों आरोपियों के साथ पहले ही क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया जा चुका है, जिसमें जांच के लिहाज से कई अहम जानकारियां भी सामने आई हैं. इसके बावजूद कुछ सवाल ऐसे हैं जिनका साफ जवाब पुलिस के पास अब तक नहीं है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि हत्या की पूरी साजिश में असल में किसकी भूमिका सबसे ज्यादा अहम रही. क्या पूरा प्लान सिया गोयल ने तैयार किया था या फिर यह सोच चेतन चौधरी की थी, या फिर दोनों ने मिलकर हर कदम की योजना बनाई. पुलिस अभी इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने में जुटी है.
लाई डिटेक्टर टेस्ट की मांग
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कई अहम बिंदुओं पर दोनों आरोपियों के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे हैं. साथ ही कुछ डिजिटल और परिस्थितिजन्य सबूत भी अभी तक पूरी तस्वीर साफ नहीं कर पाए हैं. यही वजह है कि पुणे पुलिस ने अदालत से दोनों आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है. पुलिस का मानना है कि इस वैज्ञानिक जांच के जरिए हत्या की साजिश किसने रची, घटनास्थल पर दोनों की क्या भूमिका थी और हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश किस हद तक हुई, इन सभी सवालों के जवाब मिल सकते हैं.













