महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने राहत कार्यों को गति देने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में संकटग्रस्त ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए. सरकार ने निर्णय लिया है कि राहत अभियानों को केवल दफ्तरों और फाइलों तक सीमित रखने के बजाय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सीधे किसानों के खेतों तथा बांधों तक पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे. इस पूरी राहत प्रक्रिया को कानूनी और प्रशासनिक रूप देने के लिए शनिवार तक प्राथमिक अधिसूचना जारी करने की तैयारी है, ताकि जरूरतमंद अन्नदाताओं को बिना किसी देरी के सीधी आर्थिक और व्यावहारिक मदद उपलब्ध कराई जा सके.
सूखा प्रबंधन के लिए उच्चाधिकार प्राप्त कैबिनेट समिति
सूखे से निपटने की रणनीति के तहत राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के नेतृत्व में एक विशेष कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया गया है. इस समिति को व्यापक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सौंपे गए हैं, जिससे मौके पर ही आपात फैसले लिए जा सकें. समिति को यह छूट दी गई है कि वह फील्ड रिपोर्ट के आधार पर सीधे राहत योजनाओं को लागू कर सके और आवश्यक धनराशि जारी कर सके, जिससे लालफीताशाही के कारण किसानों की मदद में कोई रुकावट न आए.
कृषि विभाग के प्रशासनिक ढांचे पर फैसला
प्रशासनिक पुनर्गठन को लेकर कैबिनेट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कृषि विभाग के संशोधित आकृतीबंध को फिलहाल निरस्त कर दिया है. विभाग में कर्मचारियों की संख्या और प्रशासनिक आवश्यकताओं की समग्र समीक्षा पूरी होने तक वर्ष 2009 का पुराना ढांचा ही लागू रहेगा. इस निर्णय का उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थिरता बनाए रखना है ताकि जमीनी स्तर पर काम प्रभावित न हो.
मेट्रो परियोजना प्रभावित किसानों को विकसित भूखंड
शहरी परिवहन और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के क्रम में सरकार ने मुंबई मेट्रो के विस्तार से जुड़ी भूमि संबंधी बाधाओं को सुलझा लिया है. मुंबई मेट्रो रूट 4, 4A और 10 के कारशेड डिपो निर्माण के लिए मोगरपाड़ा में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उन्हें मालिकाना हक के साथ विकसित भूखंड देने का फैसला किया गया है. नीति के अनुसार विस्थापित किसानों को 22.5 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत विकसित प्लॉट आवंटित किए जाएंगे, जिससे किसानों के अधिकारों की रक्षा के साथ मेट्रो निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा.
आवासीय पुनर्विकास और नगर नियोजन के कदम
शहरी विकास के मोर्चे पर मुंबई के खार पश्चिम स्थित रामकृष्ण नगर में म्हाडा की पुरानी और जर्जर इमारतों के क्लस्टर रिडेवलपमेंट को मंजूरी दे दी गई है. इस सामूहिक पुनर्विकास परियोजना के माध्यम से वहां के निवासियों को आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अतिरिक्त धुले महानगरपालिका क्षेत्र के देवपुर में नगर नियोजन से जुड़ा बदलाव करते हुए खेल के मैदान और बगीचे का पूर्व आरक्षण रद्द कर दिया गया है तथा उस जमीन को सार्वजनिक-अर्धसार्वजनिक श्रेणी में शामिल करने की स्वीकृति दी गई है.























