महाराष्ट्र के सतारा जिले में गैरकानूनी रेत खनन के खिलाफ गश्त कर रहे एक पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमले की गंभीर वारदात सामने आई है। म्हसवड शहर इलाके में रविवार शाम जब पुलिसकर्मी महावीर कोकरे ने बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे एक भारी डंपर को चेकिंग के लिए रोका, तो चालक ने रुकने के बजाय गाड़ी की गति बढ़ा दी। गाड़ी को रोकने के प्रयास में पुलिसकर्मी डंपर के दरवाजे अथवा साइड हिस्से से लटक गए, जिसके बाद आरोपी चालक उन्हें सड़क पर करीब 1 किलोमीटर दूर तक घसीटता ले गया। इस क्रूर घटना में पुलिसकर्मी को गंभीर चोटें आई हैं।
जांच के दौरान बहस और फिर जानलेवा हमला
रविवार शाम को पुलिसकर्मी महावीर कोकरे अपनी दोपहिया बाइक से नियमित सुरक्षा गश्त पर निकले हुए थे। इसी दौरान उनकी नजर म्हसवड शहर के मार्ग पर बिना नंबर प्लेट वाले एक संदिग्ध डंपर पर पड़ी। संदेह गहराने पर उन्होंने अपनी बाइक को डंपर के आगे लगाकर चालक को रुकने का संकेत दिया। डंपर के रुकते ही जब कोकरे ने पिछले हिस्से की जांच की, तो उसमें अवैध रूप से भरी गई रेत पाई गई। इसके फौरन बाद उन्होंने चालक से बालू परिवहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और वैध सरकारी लाइसेंस दिखाने को कहा।
लाइसेंस मांगने की बात सुनते ही चालक तैश में आ गया और पुलिसकर्मी के साथ तीखी बहस करने लगा। विवाद के बीच ही चालक ने अचानक डंपर स्टार्ट किया और तेजी से भागने की कोशिश करने लगा। ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी ने वाहन को भागने से रोकने का भरसक प्रयास किया और डंपर के साइड हिस्से या दरवाजे को मजबूती से पकड़ लिया। लेकिन आरोपी चालक ने जरा भी रहम नहीं दिखाया और वाहन को रोकने के बजाय एक्सीलेटर दबाकर रफ्तार और तेज कर दी। तेज रफ्तार डंपर के साथ पुलिसकर्मी लगभग 1 किलोमीटर तक बेरहमी से घिसटते चले गए।
अस्पताल में भर्ती, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
इस खतरनाक हमले में पुलिसकर्मी महावीर कोकरे बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय सहायता से उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका सघन उपचार शुरू किया गया। अस्पताल में होश में आने और प्राथमिक इलाज मिलने के बाद पुलिसकर्मी के बयान दर्ज किए गए। उनके आधिकारिक बयान के आधार पर म्हसवड पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत औपचारिक मुकदमा दर्ज किया गया।
हमले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने त्वरित दबिश दी और इस जानलेवा वारदात में शामिल दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। अब दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह डंपर किसका है, इसका वास्तविक मालिक कौन है और इलाके में अवैध बालू तस्करी का पूरा सिंडिकेट किस तरह काम कर रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















