भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे परिसर में एक छात्र की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिसके बाद प्रशासन को कड़ा कदम उठाना पड़ा है। परिसर में पिछले तीन दिनों से लगातार धरने पर डटे विद्यार्थियों के भारी दबाव के चलते संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मृत छात्र को मानसिक व शैक्षणिक स्तर पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोपों के घेरे में आने के बाद प्रोफेसर के खिलाफ यह निलंबन की कार्रवाई की गई है।
छात्रों के तीन दिवसीय धरने के बाद झुका प्रशासन
परिसर में छात्र की असमय मौत के बाद से ही साथी विद्यार्थी बेहद आक्रोशित थे और लगातार तीन दिनों से शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों की स्पष्ट मांग थी कि आरोपित शिक्षक पर त्वरित प्रशासनिक कदम उठाया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। छात्रों के बढ़ते आंदोलन और दबाव को देखते हुए संस्थान प्रबंधन ने उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए आरोपी प्राध्यापक को पद से निलंबित करने का आधिकारिक फैसला सुनाया।
परिजनों की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज
इस पूरे घटनाक्रम में कानूनी शिकंजा भी कसता जा रहा है। मृत छात्र के पिता द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। छात्र के माता-पिता का आरोप है कि शिक्षक के उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के कारण ही उनके बेटे को यह आत्मघाती कदम उठाने पर विवश होना पड़ा। पुलिस ने परिजनों की तहरीर को संज्ञान में लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुंबई अपराध शाखा को सौंपी गई जांच की कमान
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मुंबई पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस द्वारा साझा किए गए आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस पूरे आत्महत्या प्रकरण की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच को हस्तांतरित कर दी गई है। अब अपराध शाखा के विशेष जांच अधिकारी घटना से जुड़े सभी पहलुओं, शैक्षणिक तनाव और उत्पीड़न के आरोपों की विस्तृत व गहन पड़ताल करेंगे।



















