पड़ोसी देश बांग्लादेश के सिलहट क्षेत्र से आए मणिपुरी कल्चरल यूथ ऑर्गनाइजेशन के एक दल ने बुधवार को इंफाल पहुंचकर मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह से औपचारिक भेंट की। इस बैठक के दौरान सीमा पार रह रहे मणिपुरी समुदाय के सामाजिक और आर्थिक सरोकारों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
सांस्कृतिक पहचान और प्रवासी समुदाय के सरोकार
प्रतिनिधिमंडल और विधानसभा अध्यक्ष के बीच हुई इस बातचीत का प्रमुख केंद्र बांग्लादेश में बसे मणिपुरी समुदाय की समस्याओं को समझना था। चर्चा के दौरान वहां रहने वाले प्रवासी समुदाय के सामाजिक तथा आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण रखने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, बांग्लादेश में रह रहे मणिपुरी लोगों और मणिपुर के स्थानीय लोगों के बीच आपसी रिश्ते को और अधिक गहरा करने के विभिन्न उपायों पर भी मंथन हुआ।
सत्यब्रत सिंह का सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने पर जोर
विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह ने सिलहट से आए दल का स्वागत करते हुए दोनों क्षेत्रों के मणिपुरी समुदाय के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को विरासत का एक सुंदर आदान-प्रदान बताया और कहा कि चर्चा का मुख्य मकसद सांस्कृतिक संरक्षण और प्रवासी सहायता पर केंद्रित रहा, जिससे बांग्लादेश में मैतेई परंपरा की लौ हमेशा जलती रहे। उन्होंने पड़ोसी देश में समृद्ध मैतेई परंपरा को जीवित रखने की अहमियत भी रेखांकित की।
बांग्लादेश आने का न्योता और साझा विरासत
मुलाकात के दौरान आगंतुक दल ने विधानसभा अध्यक्ष को बांग्लादेश आने का औपचारिक आमंत्रण दिया। थोकचोम सत्यब्रत सिंह ने इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द इस यात्रा को पूरा करने का प्रयास करेंगे। यह संपूर्ण बातचीत भारत और बांग्लादेश के मणिपुरी समुदायों के बीच मौजूद सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करती है, जिससे साझी परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में निरंतर सहयोग को बल मिलेगा।























