कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया का शनिवार को निधन, कई राज्यों में संभाली थी संगठन की कमानआंध्र प्रदेश में रेलवे ट्रैक किनारे असम की छात्रा का शव मिलने के बाद एसआईटी जाँच शुरूचूरू के सूरवास स्कूल में मिड-डे मील में गिरी छिपकली, 36 से ज्यादा मासूम बच्चे अस्पताल में भर्तीदिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के बीच नितिन नवीन का विपक्ष पर बड़ा हमला, विदेशी ताकतों के इशारे पर अशांति फैलाने का लगाया आरोपगाय-भैंस में थनैला रोग के लक्षण पहचानें और आजमाएं असरदार देसी नुस्खेलगातार चार विफलताओं के बाद सेना में भर्ती हुआ बेटा, आंध्र प्रदेश के मुस्लिम दंपति ने पंडाल सजाकर की गणपति पूजाघर पर उगाई जाने वाली प्राकृतिक औषधि: गेहूं के ज्वारे का रस दिलाएगा कई बीमारियों से राहत, जानें उगाने और सेवन का आसान तरीकाबजट फ्रेंडली सेडान की तलाश में हैं तो टाटा एरिस से लेकर मारुति डिजायर तक देखें ये चार विकल्पजोधपुर पहुंचे राजनाथ सिंह ने तरंग शक्ति अभ्यास में विदेशी वायुसेना दलों से की बातचीतराजस्थान में नौ महीने की गर्भवती युवती ने जीवन लीला समाप्त की, पत्र में पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप
गौतम बुद्ध नगर में धारा 163 लागू, बिना मंजूरी जुलूस और पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोकउत्तर प्रदेश
10 अक्तू॰ 2026, 12:08 pm (2 घंटे पहले)· 0

गौतम बुद्ध नगर में धारा 163 लागू, बिना मंजूरी जुलूस और पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोक

गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट ने आगामी त्योहारों, परीक्षाओं और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर 10 से 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू कर कड़ी पाबंदियां लगाई हैं।

गौतम बुद्ध नगर जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। यह निषेधाज्ञा 10 अक्टूबर से प्रभावी होकर 20 अक्टूबर तक लागू रहेगी। इस अवधि के दौरान बिना पूर्व आधिकारिक अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, किसी भी तरह का जुलूस या रैली निकालने, भड़काऊ वक्तव्य देने और अफवाह फैलाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

त्योहारों, परीक्षाओं और प्रस्तावित प्रदर्शनों के कारण फैसला

जिले में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) अर्चना सिंह द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में बताया गया है कि 11 अक्टूबर से नवरात्रि का पर्व प्रारंभ हो रहा है, जिसके बाद 19 और 20 अक्टूबर को महानवमी व दशहरा का उत्सव मनाया जाएगा। त्योहारों के साथ-साथ इस समयावधि में कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी आयोजित होनी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य समूहों द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा सार्वजनिक शांति और सौहार्द बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

ये भी पढ़ें

यह आदेश ऐसे समय में जारी किया गया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस संगठन द्वारा देश की चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। CJP के साथ-साथ कई किसान संगठनों और युवा संगठनों ने भी उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से नागरिकों को इस प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है।

सीमाओं पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध

प्रस्तावित प्रदर्शनों और संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। नोएडा से लगी सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है, जहां स्थानीय पुलिस के अलावा बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) सहित अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

निषेधाज्ञा के प्रमुख दिशा-निर्देश और पाबंदियां

पुलिस प्रशासन द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों के तहत सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े नियम तय किए गए हैं

  • पुलिस कमिश्नर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अथवा डिप्टी पुलिस कमिश्नर की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक सड़कों, मार्गों या टोल प्लाजा पर कोई भी जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा और न ही पांच या अधिक व्यक्ति एक जगह जमा हो सकेंगे।
  • धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले नारों, भड़काऊ भाषणों और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली हर गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी।
  • बिना वैध प्रशासनिक अनुमति के फोटोग्राफी या वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए ड्रोन उड़ाना वर्जित है, जबकि सरकारी कार्यालयों के एक किलोमीटर के दायरे में ड्रोन संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  • सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों, बैरिकेड्स, ड्रोन कैमरों या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ दंडनीय होगी।
  • रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर रोक लगाई गई है। साथ ही सार्वजनिक मार्गों या खुले स्थानों पर बिना इजाजत धार्मिक आयोजनों पर पाबंदी रहेगी।
  • विवादित स्थलों पर अनाधिकृत पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रतीकों का अनादर और तनाव फैलाने वाले प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
  • हथियार लेकर चलने, उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करने, हर्ष फायरिंग, खुले में शराब पीने, भ्रामक सूचनाएं फैलाने और खतरनाक या ज्वलनशील सामग्री एकत्रित करने पर कड़ी रोक रहेगी।
  • जबरन दुकानें या व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद कराने, आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बाधित करने और खतरनाक 'चीनी' मांझे की बिक्री या उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
  • जिले के परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भीड़ जुटाने, फोटोकॉपी की दुकानें संचालित करने और अनधिकृत लाउडस्पीकर बजाने पर रोक रहेगी। परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों और अवांछित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा।

सवाल-जवाब

गौतम बुद्ध नगर में धारा 163 कब से कब तक लागू रहेगी?
यह निषेधाज्ञा 10 अक्टूबर से प्रभावी होकर 20 अक्टूबर तक पूरे जिले में लागू रहेगी।
सार्वजनिक स्थानों पर कितने लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है?
सक्षम पुलिस अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने पर रोक है।
क्या लाउडस्पीकर के प्रयोग पर कोई विशेष पाबंदी है?
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
ड्रोन के संचालन को लेकर क्या नियम तय किए गए हैं?
बिना अनुमति फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी के लिए ड्रोन उड़ाना मना है, और सरकारी दफ्तरों के एक किलोमीटर दायरे में ड्रोन पर पूर्ण प्रतिबंध है।
परीक्षा केंद्रों के आसपास क्या प्रतिबंध लागू किए गए हैं?
परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भीड़ जुटाने, फोटोकॉपी की दुकानों के संचालन और लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·49 मिनट पहले

त्योहारों के नाम पर हर बार ऐसे कड़े नियम लगा देना कौन सा समाधान है? परीक्षाएं और पर्व तो हर साल तय समय पर होते हैं, फिर प्रशासन हर बार इतनी सख्ती क्यों करने लगता है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·49 मिनट पहले

रविकेश जी, बात सही है आपकी, पर इस बार मामला सिर्फ त्योहारों का नहीं, दिल्ली में होने वाले उस प्रदर्शन का भी है जिसकी वजह से नोएडा बॉर्डर पर बीएसएफ तक लगानी पड़ी है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

त्योहारों के वक्त और परीक्षाओं के बीच ऐसी पाबंदियां जरूरी हो जाती हैं, खासकर जब दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन का माहौल हो। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सुरक्षा पहले ही कड़ी कर दी गई है ताकि किसी को परेशानी न हो।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, सुरक्षा के इंतज़ाम अपनी जगह ठीक हैं, पर धारा 163 का दायरा सीधे 20 तारीख तक खींच देना कुछ ज़्यादा ही नहीं लग रहा? त्योहारों और परीक्षाओं के बीच आम जनता को बिना वजह की पाबंदियों से जूझना पड़ेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp