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800% की उड़ान के बाद भी थमने का नाम नहीं, अमेरिका से आई एक खबर ने इस फार्मा शेयर को फिर दौड़ायाबाज़ार
24 जून 2026, 4:10 pm (46 दिन पहले)· 4

800% की उड़ान के बाद भी थमने का नाम नहीं, अमेरिका से आई एक खबर ने इस फार्मा शेयर को फिर दौड़ाया

न्यूलैंड लैबोरेट्रीज का शेयर मंगलवार को 2.87% उछलकर ₹18,621 पर पहुंच गया, जिसमें मुकुल अग्रवाल और विजय केडिया जैसे दिग्गज निवेशकों का पैसा लगा है। अमेरिका में कैंसर की दवाओं की कमी से जुड़ी खबर इस तेजी की बड़ी वजह बनी।

दवा बनाने वाली कंपनी न्यूलैंड लैबोरेट्रीज का शेयर एक बार फिर निवेशकों की उम्मीदों पर खरा उतरा। आज इसमें 2.87% की मजबूती आई और भाव ₹18,621 के स्तर तक पहुंच गया। खास बात यह है कि बीते पांच साल में 800% का शानदार रिटर्न देने के बावजूद यह शेयर रुकने का नाम नहीं ले रहा और अभी भी सरपट दौड़ रहा है। इसमें सिर्फ रिटेल निवेशकों का ही नहीं, बल्कि बाजार के दो जाने-माने पारखी मुकुल अग्रवाल और विजय केडिया का भी पैसा लगा हुआ है। लंबी अवधि में मल्टीबैगर साबित हुए इस शेयर के बुनियादी आंकड़े मजबूत हैं, और बाजार को भरोसा है कि आगे भी यह दमदार रिटर्न देता रहेगा।

इस ताजा तेजी की असली वजह सात समंदर पार अमेरिका से जुड़ी है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US FDA) ने वहां कैंसर की जरूरी दवाओं की भारी किल्लत को दूर करने के लिए सीधे भारतीय दवा कंपनियों से संपर्क किया है। अमेरिका ऐसी भारतीय कंपनियों की मदद लेने की तैयारी में है जिनकी नियामकीय व्यवस्था सख्त और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भरोसेमंद है। इस घटनाक्रम ने पूरे भारतीय फार्मा सेक्टर को लेकर निवेशकों और ट्रेडर्स का जोश बढ़ा दिया है, और इसका सीधा फायदा न्यूलैंड लैबोरेट्रीज के शेयर को मिल रहा है।

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मुकुल अग्रवाल और विजय केडिया की कितनी हिस्सेदारी

मार्च 2026 के ताजा शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक मुकुल अग्रवाल के पास कंपनी के 4 लाख इक्विटी शेयर हैं, जो कुल 3.12% हिस्सेदारी के बराबर बैठते हैं। वहीं देश के मशहूर निवेशक विजय केडिया की फर्म के पास 1.30 लाख इक्विटी शेयर यानी 1.01% की हिस्सेदारी है। इन दिग्गजों के अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के हाथ में कंपनी की 20.46% हिस्सेदारी है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) के पास 15.84% होल्डिंग मौजूद है।

शॉर्ट टर्म से लॉन्ग टर्म तक भर दी झोली

न्यूलैंड लैबोरेट्रीज ने छोटी और लंबी दोनों अवधि में निवेशकों को मालामाल किया है। पिछले एक महीने में यह शेयर 7.94% चढ़ा है और छह महीने में इसने 18.02% का रिटर्न दिया है। बीते एक साल की बात करें तो इसमें 46.97% की तेजी देखने को मिली है। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा पांच साल का है, जहां इस शेयर ने 800% का मल्टीबैगर रिटर्न देकर निवेशकों का पैसा पूरे 9 गुना कर दिया।

दमदार वित्तीय सेहत

₹23,890 करोड़ के मार्केट कैप के साथ यह कंपनी फार्मा सेक्टर की एक मजबूत खिलाड़ी बन चुकी है, और इसके वित्तीय नतीजे भी उतने ही उत्साहजनक हैं। मार्च तिमाही में कंपनी के शुद्ध लाभ में 664.8% का जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है। सालाना आधार पर इसका राजस्व 136.4% की रफ्तार से बढ़ा है। तिमाही आधार पर कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 39.6% के तगड़े स्तर पर है, जबकि रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 19.4% है, जो शेयरधारकों के लिए ठोस कमाई का संकेत देता है।

प्रदर्शन के मामले में भी इस शेयर ने सबको पीछे छोड़ा है। इसने निफ्टी-50 के मुकाबले 54.6% और अपने पूरे फार्मा सेक्टर के मुकाबले 41.2% बेहतर प्रदर्शन किया है।

वैल्यूएशन पर एक नजर जरूरी

इतनी बड़ी तेजी के बाद शेयर का पी/ई (P/E) अनुपात 65.6 और प्राइस-टू-बुक (P/B) अनुपात 12.7 पर पहुंच गया है। यह इस ओर इशारा करता है कि मौजूदा भाव पर वैल्यूएशन थोड़ा महंगा हो चला है। ऐसे में लॉन्ग टर्म नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए किसी भी बड़ी तकनीकी गिरावट (Correction) पर धीरे-धीरे खरीदारी करने की रणनीति सबसे समझदारी भरी साबित हो सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी शेयर के प्रदर्शन पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए पैसा लगाने से पहले किसी प्रमाणित निवेश सलाहकार से राय जरूर लें। किसी भी संभावित नुकसान के लिए जिम्मेदारी निवेशक की अपनी होगी।)

सवाल-जवाब

न्यूलैंड लैबोरेट्रीज का शेयर आज कितना चढ़ा और किस भाव पर पहुंचा?
यह शेयर आज 2.87% की तेजी के साथ ₹18,621 के स्तर पर पहुंच गया।
इस ताजा तेजी की वजह क्या है?
US FDA ने अमेरिका में कैंसर की जरूरी दवाओं की कमी दूर करने के लिए भारतीय दवा कंपनियों से सीधे संपर्क किया है, जिससे फार्मा शेयरों में जोश है।
इस शेयर ने पांच साल में कितना रिटर्न दिया है?
बीते पांच साल में इसने 800% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, यानी निवेशकों का पैसा 9 गुना हो गया।
मुकुल अग्रवाल और विजय केडिया की कितनी हिस्सेदारी है?
मुकुल अग्रवाल के पास 4 लाख शेयर यानी 3.12% और विजय केडिया की फर्म के पास 1.30 लाख शेयर यानी 1.01% हिस्सेदारी है।
कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजे कैसे रहे?
मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 664.8% बढ़ा और सालाना आधार पर राजस्व 136.4% की रफ्तार से बढ़ा है।
क्या मौजूदा भाव पर इस शेयर का वैल्यूएशन महंगा है?
इसका पी/ई 65.6 और प्राइस-टू-बुक 12.7 पर है, जो संकेत देता है कि वैल्यूएशन थोड़ा महंगा हो चुका है।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए क्या रणनीति बेहतर हो सकती है?
किसी भी बड़ी तकनीकी गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करना सबसे समझदारी भरी रणनीति साबित हो सकती है।
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