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अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट से सोने में लगातार दूसरे दिन आई तेजी, 4,187 डॉलर पर पहुंचा भावबाज़ार
17 अक्तू॰ 2026, 6:09 am (11 दिन पहले)· 2

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट से सोने में लगातार दूसरे दिन आई तेजी, 4,187 डॉलर पर पहुंचा भाव

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर इंडेक्स में नरमी के चलते सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन सुधार देखा गया, जहां पीली धातु 4,187 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रही है। हालांकि व्यापक रिकवरी के लिए निवेशकों की नजरें रियल यील्ड पर टिकी हैं।

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तकनीकी विश्लेषण17 अक्टूबर 2026

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GC का RSI 44 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती दर्ज की गई है। मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, अमेरिकी डॉलर और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई नरमी ने सोने को निचली सतह से संभलने का मौका दिया है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि पीली धातु की आगे की मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिकी रियल यील्ड में जारी राहत कितनी टिकाऊ साबित होती है। इस समय बाजार में सोने की चाल सीधे तौर पर आर्थिक आंकड़ों के बजाय उन आंकड़ों पर बॉन्ड मार्केट की प्रतिक्रिया से तय हो रही है।

बॉन्ड यील्ड और डॉलर में नरमी का मिला सहारा

अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट के चलते बहुमूल्य धातुओं में खरीदारी का नया दौर शुरू हुआ है। 17 अक्टूबर 2026 के ताजा कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, सोने का भाव 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,187 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि पिछला बंद स्तर 4,170 डॉलर प्रति औंस था। हालांकि, यह बढ़त अभी भी पिछले दो हफ्तों के सीमित दायरे के भीतर ही बनी हुई है। यदि लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड और डॉलर में कमजोरी का यह सिलसिला आगे भी जारी रहता है, तो सोने की कीमतों को अतिरिक्त आधार मिल सकता है।

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बाजार के भीतर अभी भी अंतर्निहित महंगाई का दबाव काफी ऊंचा बना हुआ है। हाल के दिनों में सरकारी बॉन्ड की यील्ड में आई यह गिरावट बुनियादी तौर पर सुधरती महंगाई की वजह से नहीं, बल्कि मुख्य रूप से जोखिम से बचने की भावना यानी रिस्क अवर्जन के कारण देखी गई है। यही वजह है कि विश्लेषक मौजूदा तेजी को लेकर बहुत अधिक आक्रामक होने के बजाय सतर्कता भरा सकारात्मक नजरिया बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

केविन वॉर्श के बयानों से डॉलर पर बढ़ा दबाव

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले ग्रीनबैक की निगरानी करता है, फिसलकर लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। वाशिंगटन में आयोजित आईएमएफ और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों के दौरान फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की टिप्पणियों ने ब्याज दरों के परिदृश्य में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया। केविन वॉर्श ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि वह मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उन्होंने भविष्य में ब्याज दरों के बदलाव को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया।

फेडरल रिजर्व चेयरमैन की ओर से दरों को सख्त करने के रास्ते पर किसी निश्चित रुख के अभाव ने डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया। इसका सीधा असर अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों पर भी देखने को मिला। शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD की जोड़ी गति पकड़ते हुए 0.6950 की ओर उछल गई। वहीं दूसरी तरफ, USD/JPY की जोड़ी नए बिकवाली के दबाव में आ गई और 158.00 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर नीचे की ओर तोड़ दिया। डॉलर की इस व्यापक कमजोरी का सीधा फायदा सर्राफा बाजार को मिला है।

तकनीकी संकेतक और प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर

तकनीकी मोर्चे पर सोने का दैनिक रुझान किसी एकतरफा दिशा को नहीं दिखा रहा है। हाल ही में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) में आई बढ़ोतरी अब धीमी पड़ चुकी है। 14-दिवसीय आरएसआई 44 के स्तर पर दर्ज किया गया है, जो यह दर्शाता है कि बाजार फिलहाल दोतरफा दायरे यानी कंसोलिडेशन में बना रह सकता है। 52-सप्ताह के कारोबार में सोने ने 3,901 डॉलर का निचला और 5,586 डॉलर का उच्चतम स्तर देखा है। दैनिक औसत ट्रू रेंज (ATR) 83.75 पर है, जो बाजार में सामान्य दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाती है।

मूविंग एवरेज के विश्लेषण में, सोने के लिए तत्काल प्रतिरोध स्तर 4,200 डॉलर (21-दिवसीय डीएमए) पर स्थित है। इसके पार जाने पर 4,240 डॉलर (100-दिवसीय डीएमए) और फिर 4,330 डॉलर (50-दिवसीय डीएमए) पर कड़ा प्रतिरोध देखने को मिलेगा। वर्तमान में 20-दिवसीय ईएमए 4,220 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 4,288 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,438 डॉलर पर बना हुआ है, जबकि 50-दिवसीय और 200-दिवसीय एसएमए क्रमशः 4,375 डॉलर और 4,541 डॉलर पर स्थित हैं। नीचे की तरफ, सोने के लिए पहला मजबूत सपोर्ट 4,100 डॉलर और उसके बाद हालिया निचला स्तर 4,060 डॉलर का बना हुआ है, जो बोलिंजर बैंड के निचले दायरे से भी मेल खाता है।

सवाल-जवाब

सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट आने के कारण सोने में लगातार दूसरे दिन सुधार देखा गया है।
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान का बाजार पर क्या असर पड़ा?
केविन वॉर्श ने ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर कोई स्पष्ट रुख नहीं दिया, जिससे डॉलर में बिकवाली बढ़ गई और सोने को सहारा मिला।
सोने के लिए कौन से प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर बताए गए हैं?
सोने के लिए नीचे की तरफ 4,100 और 4,060 डॉलर पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि ऊपर की ओर 4,200 डॉलर और 4,240 डॉलर पर अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है।
क्या मौजूदा तेजी से सोने का दीर्घकालिक ट्रेंड बदल गया है?
नहीं, सोना फिलहाल पिछले दो हफ्तों के कंसोलिडेशन दायरे में बना हुआ है और आगे की मजबूत रिकवरी रियल यील्ड में लगातार राहत मिलने पर निर्भर करेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·10 दिन पहले

डॉल डॉलर और बॉन्ड के खेल में सोना फिर चमक रहा है। पिछले साल जब न्यूयॉर्क में था, तब भी ऐसी ही उथल-पुथल के बीच लोगों को सर्राफा बाजार में भागते देखा था।

Rohan Gupta@rohan-gupta·10 दिन पहले

डॉलर और बॉन्ड यील्ड गिरने से सोना थोड़ा ऊपर तो आ गया है, पर मुझे नहीं लगता कि यह तेजी टिकने वाली है। महंगाई का जो दबाव बना हुआ है, उसे देखकर लगता है कि यह राहत बस कुछ दिनों की ही है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·10 दिन पहले

रोहन भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछली बार भी जब डॉलर गिरा था, मैंने अपनी ज्वैलरी बेचने की सोची थी पर भाव तुरंत नीचे आ गए थे।

Michael Anderson@michael-anderson·10 दिन पहले

फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान से डॉलर का टूटना और सोने का 4,187 डॉलर पर पहुंचना वाकई दिलचस्प है।

Ravikash Gupta@ravikash·10 दिन पहले

माइकल, बिल्कुल सही पकड़ा आपने। पर क्या यह डॉलर की कमजोरी सच में लंबी टिकेगी या फेड के अगले फैसले से फिर हवा निकल जाएगी?

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