वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर के बढ़ते दबदबे के बीच ब्रिटिश पाउंड में गुरुवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को दर्ज की गई बढ़त को गंवाते हुए जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) करेंसी पेयर फिसलकर 1.3193 के तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और लंबी अवधि के अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले रिटर्न में जोरदार उछाल ने ग्रीनबैक को व्यापक मजबूती प्रदान की है। मध्य पूर्व के गतिरोध से ऊर्जा की कीमतों में लगी आग और बढ़ती वैश्विक महंगाई ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की तलाश में अमेरिकी डॉलर की ओर भागने पर मजबूर कर दिया है।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में 24 साल का नया रिकॉर्ड
अमेरिकी डेट मार्केट में गुरुवार को बॉन्ड यील्ड में लगातार तेजी का रुख देखा गया। मानक 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट की यील्ड 24 साल के नए उच्चतम स्तर पर पहुंचते हुए 5.30% के आंकड़े को पार कर गई। विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया क्षेत्र में बना सैन्य और कूटनीतिक गतिरोध कच्चे तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए बड़ा खतरा बनकर उभरा है। ऊर्जा उत्पादों के लगातार महंगे होने से दुनिया भर में मुद्रास्फीति का दबाव दोबारा गहराने लगा है। यही कारण है कि निवेशक अमेरिकी बॉन्ड पर ऊंचे प्रीमियम की मांग कर रहे हैं, जिससे यील्ड कई दशकों के रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंच गई है।
महंगाई के नरम आंकड़ों के बावजूद ब्याज दरों पर अनिश्चितता
अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा बुधवार को जारी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों से पता चला था कि सितंबर महीने में मुद्रास्फीति का दबाव अपेक्षा से कम बढ़ा है। इसके साथ ही अगस्त महीने के आंकड़ों को भी नीचे की ओर संशोधित किया गया था। इस नरमी के बाद सीएमई के फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। बाजार में अक्टूबर बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना एक हफ्ते पहले के करीब 70% से घटकर 37% रह गई। हालांकि, दरों में ठहराव की बढ़ती उम्मीदों के बावजूद ऊर्जा जनित महंगाई की आशंकाओं ने अमेरिकी डॉलर पर किसी बड़ी गिरावट का असर नहीं होने दिया और बॉन्ड यील्ड का आकर्षण बना रहा।
ब्रिटेन में विनिर्माण क्षेत्र की सुस्त रफ्तार
ब्रिटिश पाउंड पर घरेलू मोर्चे से भी काफी दबाव देखने को मिला। गुरुवार को जारी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) के अंतिम मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़ों को नीचे की ओर संशोधित किया गया। सितंबर के लिए यह सूचकांक प्रारंभिक अनुमान के 52.0 से घटकर 51.9 दर्ज किया गया। इस रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि ब्रिटेन के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर पिछले छह महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि नए ऑर्डर्स और निर्यात में मामूली सुधार देखा गया, लेकिन ऊर्जा की ऊंची लागत के कारण कुल मांग में सुस्ती बनी हुई है, जिससे ब्रिटिश अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
राठोबैंक का विश्लेषण और पाउंड पर सट्टेबाजी का रुख
राबोबैंक (Rabobank) के वित्तीय विश्लेषकों ने पाउंड स्टर्लिंग को लेकर सटोरियों के घटते भरोसे पर विशेष टिप्पणी की है। संस्था के अनुसार, पाउंड के खिलाफ मंदी के दांव यानी नेट शॉर्ट पोजीशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। राबोबैंक ने कहा कि जीबीपी नेट शॉर्ट्स में 40% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अगस्त के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। बैंक के विश्लेषकों ने रेखांकित किया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती के सीधे अनुपात में पाउंड कमजोर हुआ है। यह स्थिति मुद्रा बाजार में स्टर्लिंग के प्रति नकारात्मक और रक्षात्मक रुख को दर्शाती है।
एशियाई और यूरोपीय बाजारों में अन्य मुद्राओं का हाल
अमेरिकी डॉलर के चौतरफा दबदबे ने अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं को भी बैकफुट पर धकेल दिया है। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) दो महीने के निचले स्तर के आसपास 0.6900 के मध्य क्षेत्र में कंसोलिडेट करता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष अगस्त में तेजी से सिकुड़कर 495 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रह गया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव बना रहा। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 158.00 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर अपनी साप्ताहिक सीमा के ऊपरी छोर पर टिका रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित मुद्रा के रूप में डॉलर की मांग बनी हुई है, जिससे बैंक ऑफ जापान की दर बढ़ोतरी की अटकलों और संभावित सरकारी हस्तक्षेप का खतरा भी दब गया है।
यूरोपीय मुद्रा यूरो (EUR/USD) में भी सुस्ती का दौर जारी है। यह करेंसी पेयर गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। बुधवार को यूरो फिसलकर 1.1312 पर पहुंच गया, जो जनवरी के 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे है। यूरोप की अर्थव्यवस्था ऊर्जा के उच्च दामों के प्रति बेहद संवेदनशील है, और मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने साझा मुद्रा के समक्ष चुनौतियां बढ़ा दी हैं। हालांकि बाजार मान रहा है कि यूरोजोन में महंगाई का नया झटका यूरोपीय केंद्रीय बैंक को दरों में कटौती टालने पर मजबूर कर सकता है, जो यूरो के लिए जीवनरेखा साबित हो सकता है।
कमोडिटी और क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर असर
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के चरम पर रहने से गैर-यील्ड वाली संपत्तियों पर असर स्पष्ट दिखाई दिया। सोने की कीमतें यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास मामूली बढ़त बनाने के लिए संघर्ष करती दिखीं और दिन के कारोबार में लगभग सपाट रहीं। महंगाई के नरम आंकड़ों के बावजूद ट्रेजरी यील्ड के बहु-वर्षीय रिकॉर्ड पर होने से बिना ब्याज देने वाले सोने की मांग कमजोर बनी हुई है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी मिला-जुला रुझान देखने को मिला। हाइपरलिक्विड (HYPE) में गुरुवार को 2% की गिरावट आई, जिससे पिछले दिन की 5% बढ़त कम हो गई। संस्थागत निवेशकों की मांग में कमी आई है और बुधवार को 5 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। तकनीकी रूप से हाइपरलिक्विड की कीमत 90 डॉलर के नीचे सीमित बनी हुई है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स सतर्क रुख अपना रहे हैं।

















