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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो की चाल अब इस एक सपोर्ट लेवल पर टिकी हैबाज़ार
9 घंटे पहले· 2

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो की चाल अब इस एक सपोर्ट लेवल पर टिकी है

यूरो अमेरिकी डॉलर के सामने टिका हुआ है, लेकिन इसकी अगली दिशा 1.1405 के सपोर्ट लेवल पर निर्भर करती है। साथ ही एथेरियम, पेपे और नरम CPI आंकड़ों ने बाजार का मूड सतर्क बना रखा है।

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तकनीकी विश्लेषण21 जुलाई 2026

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD का RSI 44 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले फिलहाल अपनी जमीन पर टिका हुआ है, लेकिन इसकी अगली चाल एक ही आंकड़े पर आकर अटक गई है, और वह है 1.1405। यूओबी के विश्लेषण के मुताबिक जब तक यह सपोर्ट लेवल बरकरार रहता है, तब तक यूरो में हल्का तेजी वाला रुझान बना रहेगा। लेकिन अगर यह टूट गया, तो नजरिया फिर से बिना दिशा वाली रेंज ट्रेडिंग की ओर लौट जाएगा।

अगले 24 घंटे की तस्वीर

पिछले शुक्रवार को जब यूरो 1.1445 पर था, तब अनुमान यही था कि भाव 1.1420 और 1.1465 के बीच एक कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। यह आकलन सही साबित हुआ, भले ही जोड़ी उम्मीद से कम दायरे में घूमी और 1.1424 से 1.1452 के बीच कारोबार करती रही।

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आज नरम शुरुआत के बाद यूरो थोड़ा फिसला, लेकिन गिरावट वाले मोमेंटम में जो हल्की बढ़त दिखी है, वह लगातार गिरावट का इशारा देने के लिए काफी नहीं है। ज्यादा संभावना इस बात की है कि यूरो थोड़ा और नीचे जाए, मगर यह गिरावट 1.1405 से 1.1450 के दायरे में ही सिमटी रहेगी।

एक से तीन हफ्ते का नजरिया

मध्यम अवधि का रुख पिछले गुरुवार, यानी 16 जुलाई से जुड़ा है, जब स्पॉट भाव 1.1470 पर था। उस समय सोच यह थी कि यूरो तेजी वाले रुझान के साथ कारोबार कर सकता है, हालांकि यह कहना जल्दबाजी होगी कि उसमें 1.1520 के अहम रेजिस्टेंस तक पहुंचने लायक पर्याप्त दम है। इसके साथ एक शर्त भी जुड़ी थी कि 1.1405 के मजबूत सपोर्ट लेवल का टूटना यह दिखाएगा कि यूरो दोबारा रेंज ट्रेडिंग वाले दौर में लौट आया है।

उसके बाद से यूरो ऊपर की तरफ कोई खास बढ़त नहीं बना पाया है। फिर भी, जब तक 1.1405 साफ तौर पर नहीं टूटता, तब तक तेजी वाला यह नजरिया बरकरार रहेगा। सीधे शब्दों में कहें तो तेजड़ियों ने अभी कुछ कर दिखाया नहीं है, लेकिन वे मैदान से बाहर भी नहीं हुए हैं।

लाइव चार्ट क्या कह रहे हैं

लाइव मार्केट डेटा भी इसी सतर्क और रेंज में फंसे रुझान की पुष्टि करता है। यूरो डॉलर करीब 1.14 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव से 0.09% नीचे यानी लगभग सपाट है, और 52 हफ्ते के करीब 1.13 से 1.20 के दायरे के अंदर है। 14 दिन का RSI 44 पर है, जो हल्के गिरावट वाले झुकाव के साथ एक न्यूट्रल संकेत देता है। 25 पर मौजूद ADX कमजोर ट्रेंड की ओर इशारा करता है, जो किसी मजबूत दिशा के बजाय रेंज ट्रेडिंग से मेल खाता है। भाव अपने EMA50 (1.15) और EMA200 (1.16) से नीचे है और यहां EMA50 के EMA200 से नीचे रहने वाला डेथ क्रॉस बना हुआ है, जिससे छोटी अवधि की तस्वीर भले सिमटी रहे, लंबी अवधि का माहौल नीचे की ओर झुका हुआ है।

एथेरियम में दम, लेकिन मजबूती कमजोर बुनियाद पर

करेंसी बाजार से हटकर देखें तो बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में एथेरियम सबसे अलग चमका है। बीते हफ्ते इसने अपने साथियों के मुकाबले सापेक्ष मजबूती बनाई, पिछले हफ्ते से बुधवार के बीच दो अंकों में बढ़त दर्ज की और बिटकॉइन, XRP तथा सोलाना को पीछे छोड़ दिया। लेकिन सतह के नीचे कुछ अहम आंकड़े बताते हैं कि यह तेजी अभी नाजुक है। गुरुवार को जैसे ही पूरा क्रिप्टो बाजार करेक्शन की ओर मुड़ा, एथेरियम की यह बढ़त फीकी पड़ने लगी।

बढ़ती मांग के सहारे चढ़ता पेपे

वहीं दूसरी ओर पेपे धीरे धीरे ऊपर चढ़ रहा है और पिछले तीन हफ्तों में दिखे रिकवरी वाले रुझान को बनाए हुए है। बड़े वॉलेट वाले निवेशकों की इस टोकन में दिलचस्पी बढ़ रही है, जबकि एक्सचेंजों पर उपलब्ध सप्लाई घट रही है, और यह मेल अक्सर खरीदारी और जमा करने का संकेत देता है। छोटे निवेशकों की मांग भी बढ़ रही है, क्योंकि PEPE फ्यूचर्स का ओपन इंटरेस्ट 24 घंटे में 11% बढ़ गया है।

महंगाई के नरम आंकड़े

बड़े आर्थिक मोर्चे पर भी एक अहम आंकड़ा आया है। जून का CPI महीने दर महीने 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। इसने सालाना दर को मई के 4.2% से घटाकर 3.5% पर ला दिया और महंगाई के लगातार तीन महीने से बढ़ते सिलसिले को तोड़ दिया। अस्थिर चीजों को हटाकर देखी जाने वाली कोर कीमतें महीने में जस की तस रहीं और सालाना आधार पर घटकर 2.6% पर आ गईं, और ये दोनों ही आंकड़े अनुमान से कम रहे।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर

कुल मिलाकर इन बाजारों का संदेश भरोसे से ज्यादा सतर्कता वाला है। यूरो के लिए सब कुछ नीचे की तरफ 1.1405 और ऊपर की तरफ 1.1520 पर टिका है, और जब तक इनमें से कोई एक स्तर नहीं टूटता, यह जोड़ी एक दायरे में ही उतार चढ़ाव करती रहेगी। महंगाई का नरम आंकड़ा इसमें एक और परत जोड़ता है, क्योंकि ठंडी पड़ती कीमतें ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें बदल सकती हैं, और यही दर संबंधी उम्मीदें तय करती हैं कि डॉलर और उसके साथ यूरो आगे किस दिशा में जाएगा।

सवाल-जवाब

यूरो डॉलर के लिए सबसे अहम स्तर कौन सा है?
1.1405 का सपोर्ट लेवल सबसे अहम है; जब तक यह साफ तौर पर नहीं टूटता, यूरो में हल्का तेजी वाला रुझान बना रहेगा।
अगले 24 घंटे में यूरो कहां तक जा सकता है?
यूरो थोड़ा नीचे जा सकता है, लेकिन गिरावट के 1.1405 से 1.1450 के दायरे में सिमटे रहने की संभावना है।
ऊपर की तरफ यूरो के लिए बड़ा रेजिस्टेंस कहां है?
1.1520 का स्तर अहम रेजिस्टेंस है, और अभी यह कहना जल्दबाजी है कि यूरो में वहां तक पहुंचने का दम है या नहीं।
एथेरियम ने बीते हफ्ते कैसा प्रदर्शन किया?
एथेरियम ने पिछले हफ्ते से बुधवार के बीच दो अंकों में बढ़त दर्ज की और बिटकॉइन, XRP तथा सोलाना को पीछे छोड़ा, हालांकि यह तेजी नाजुक बताई जा रही है।
जून के CPI आंकड़े क्या रहे?
जून का CPI महीने दर महीने 0.4% गिरा और सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई, जबकि कोर महंगाई 2.6% रही।
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