वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में सप्ताह की शुरुआत भले ही शांत नजर आ रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों के महत्वपूर्ण फैसलों और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के जारी होने से बाजार में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। निवेशकों और ट्रेडर्स की निगाहें मुख्य रूप से यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति बैठक और अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं। इन दो प्रमुख घटनाक्रमों के कारण हफ्ते के अंत तक करेंसी पेयर्स और कमोडिटी कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है।
यूरो और अमेरिकी डॉलर की चाल पर नीतिगत फैसलों का असर
यूरो और अमेरिकी डॉलर के विनिमय दर में फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है। वित्तीय संस्थानों के विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आगामी बैठक से पहले बाजार में एक ठहराव बना हुआ है। कॉमर्ज़बैंक की बाजार विशेषज्ञ एंत्ये प्रेफके के अनुसार, यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को आगे चलकर कम किया जा सकता है, जिससे यूरो पर दबाव देखने को मिल सकता है।
वर्तमान में वित्तीय बाजार में इस बात की संभावना जताई जा रही है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक चालू वर्ष के अंत में या उसके बाद भी ब्याज दरों में इजाफा कर सकता है। हालांकि, बाजार के जानकारों का एक बड़ा वर्ग इस तर्क से असहमत है। उनका मानना है कि दरों में बढ़ोतरी का मौजूदा चक्र अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यदि यूरोपीय सेंट्रल बैंक अपनी मौद्रिक नीति में दरों को स्थिर रखने का संकेत देता है, तो इससे यूरोपीय मुद्रा में बिकवाली बढ़ सकती है।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर की दिशा अमेरिका के अगस्त महीने के महंगाई आंकड़ों से तय होगी। यदि अमेरिका में महंगाई दर अनुमान से अधिक दर्ज की जाती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना मजबूत हो जाएगी। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें अमेरिकी डॉलर को निचले स्तरों से सहारा दे सकती हैं और डॉलर सूचकांक को मजबूती प्रदान कर सकती हैं।
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन का प्रदर्शन
बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की विनिमय जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन दर्शाती नजर आई। चीन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक के आंकड़े मजबूत रहने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में कोई बड़ी तेजी नहीं देखी गई। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की बढ़ती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे जाने से रोका है।
दूसरी तरफ, जापानी येन में आई मजबूती के कारण अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी में बिकवाली का दबाव देखा गया। रॉयटर्स टंकन व्यापार सर्वेक्षण के सकारात्मक नतीजों ने बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के कदमों को समर्थन प्रदान किया है। इस मजबूत आर्थिक सर्वेक्षण के कारण जापानी येन को गति मिली, जिससे डॉलर के मुकाबले यह जोड़ी मंगलवार को दर्ज किए गए अपने सात महीने के निचले स्तर के करीब बनी रही।
सोने में रिकवरी और डीजल क्रैक स्प्रेड में ऐतिहासिक उछाल
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में बुधवार को सुधार देखा गया। यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर को दोबारा हासिल करने में सफल रहा। पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट पर विराम लगाते हुए सोने ने रिकवरी दर्ज की, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर में बना हुआ दबाव रहा। जापानी येन की तेजी के चलते अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा था, जिसने कीमती धातुओं को समर्थन दिया।
ऊर्जा बाजार की बात करें तो कच्चे तेल के बाजार में पिछले महीनों की तुलना में भले ही शांति दिख रही हो, लेकिन डीजल बाजार से एक अलग तस्वीर सामने आ रही है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई क्रूड के बीच का अंतर, जिसे क्रैक स्प्रेड कहा जाता है, पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। इंट्राडे कारोबार के दौरान डीजल क्रैक स्प्रेड ने 102.00 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया। मध्य पूर्व में तनाव की हालिया घटनाओं के बाद ऊर्जा बाजार में संवेदनशीलता बनी हुई है, और डीजल की रिकॉर्ड कीमतें वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में बनी चुनौतियों को उजागर करती हैं।



















