अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का रुख जारी है, जहां पीली धातु एशियाई सत्र के दौरान मामूली बढ़त को भी बरकरार रखने में संघर्ष करती नजर आई। बहुमूल्य धातु का भाव 4,300 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे बना हुआ है, जो पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए लगभग एक महीने के निचले स्तर के काफी करीब है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय निवेशकों की नजरें दो दिवसीय महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक पर टिकी हैं, जिसके शुरू होने से पहले अधिकांश कारोबारी जोखिम लेने से बच रहे हैं और नई खरीदारी करने से पीछे हट रहे हैं।
ट्रेजरी यील्ड और मजबूत डॉलर से सोने पर बढ़ा दबाव
अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में ट्रेजरी यील्ड लगातार कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है, जिससे बिना ब्याज देने वाले सोने की मांग पर सीधा असर पड़ा है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को दबाने का काम किया है। निवेशक बुधवार को होने वाले नीतिगत फैसले से पहले अपने जोखिम वाले निवेश को घटा रहे हैं। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि नीति निर्माताओं द्वारा सख्त मौद्रिक रुख अपनाने की अधिकांश संभावनाओं को बाजार पहले ही भुना चुका है। फिर भी, यदि बैंक यह संकेत देता है कि ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखा जाएगा, तो सोने की कीमतों में और अधिक गिरावट की आशंका बनी रह सकती है।
ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनाव दे रहे सहारा
सोने पर ब्याज दरों के भारी दबाव के बावजूद कुछ बुनियादी कारक इसे पूरी तरह टूटने से रोक रहे हैं। वैश्विक स्तर पर लगातार बना हुआ भू-राजनीतिक जोखिम निवेशकों को पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं जाने दे रहा है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बढ़ते ऊर्जा खर्च और उसके आर्थिक प्रभाव को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। यह अनिश्चितता पारंपरिक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को आवश्यक सहारा प्रदान कर रही है, जिससे कीमतों में भारी गिरावट पर रोक लगी हुई है।
मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों के रुख
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में भी केंद्रीय बैंकों के आगामी कदमों का व्यापक असर देखा जा रहा है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की बैठक के साथ-साथ तेल के कारण महंगाई बढ़ने के जोखिमों ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को ऊंचा रखा है, जिससे अमेरिकी डॉलर लगातार बढ़त बनाए हुए है। इसका सीधा असर एशियाई सत्र में AUD/USD पर पड़ा, जो मंगलवार को 0.7150 के नीचे कमजोर बना रहा। यह स्तर पिछले दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के पास है। इसके अतिरिक्त, अगस्त महीने के लिए चीन के मिश्रित आर्थिक आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को किसी प्रकार का सहारा नहीं दिया।
जापानी येन और बैंक ऑफ जापान पर टिकी निगाहें
दूसरी तरफ, USD/JPY की जोड़ी मंगलवार की शुरुआत में 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती दिखी, जिसमें आगे भी बढ़त की गुंजाइश तलाशी जा रही है। बाजार प्रतिभागी इस सप्ताह FOMC और बैंक ऑफ जापान यानी BoJ दोनों की बैठकों के निष्कर्षों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें और मजबूत डॉलर जहां इस मुद्रा जोड़ी का समर्थन कर रहे हैं, वहीं बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के सख्त रुख की संभावना भी बढ़ रही है। यदि जापानी केंद्रीय बैंक सख्त संकेत देता है, तो जापानी येन को मजबूती मिल सकती है, जो USD/JPY की ऊपरी तेजी को सीमित कर सकती है।















