भारतीय शेयर बाजार में लगातार सुस्ती और बिकवाली का दौर जारी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है, इसके बावजूद घरेलू बाजार पर दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आज सुबह गिफ्ट निफ्टी के रुझान एक बार फिर से भारी गिरावट का संकेत दे रहे हैं, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
गिफ्ट निफ्टी और बाजार के ताजा रुझान
शेयर बाजार के लिए 21 जुलाई का दिन भी भारी उतार-चढ़ाव भरा रहने की उम्मीद है। सुबह 7:15 बजे के करीब, गिफ्ट निफ्टी 110 अंकों से ज्यादा टूटकर 24,153 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह साफ तौर पर एक कमजोर शुरुआत का इशारा है। इससे एक दिन पहले, 20 जुलाई को भी बाजार में तेज बिकवाली हुई थी। शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 442 अंक लुढ़ककर 77,708 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 भी 95 अंक फिसलकर 24,238 के स्तर पर आ गया था।
कच्चे तेल में नरमी, फिर भी क्यों गिर रहा बाजार?
हैरानी की बात यह है कि ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव नरम होकर 88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, लेकिन इसका फायदा शेयर बाजार को नहीं मिल रहा है। बाजार की ताजा परिस्थितियों के मुताबिक, इसके पीछे कई अहम वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है। इसके अलावा, पिछले दिनों कच्चे तेल में जो भारी उछाल आया था, उसने अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा कर दिया है।
रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई चिंता
शेयर बाजार में इस तेज गिरावट की एक और बड़ी वजह भारतीय मुद्रा में आ रही लगातार कमजोरी है। डॉलर के मुकाबले रुपये का नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसलना विदेशी निवेशकों की बिकवाली को तेज कर रहा है। जब तक रुपया स्थिर नहीं होता और वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका-ईरान विवाद शांत नहीं होता, तब तक बाजार में ऐसा ही भारी दबाव बने रहने की आशंका है।

















