उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र से जुड़ी कंपनी एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयरों में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान तेजी का रुख देखने को मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में छाई सतर्कता के बावजूद इस स्मॉल-कैप शेयर ने अपर सर्किट को छुआ। कंपनी द्वारा अगस्त में अपने निदेशक मंडल और उच्च प्रबंधन ढांचे में किए गए बड़े बदलावों के बाद निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में दोबारा बढ़ती नजर आ रही है।
शेयर बाजार में हलचल और दिन का कारोबार
मंगलवार को दोपहर 1:23 बजे बीएसई पर एलीटकॉन इंटरनेशनल का शेयर 1.6% की बढ़त के साथ 10.82 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र के दौरान शेयर ने 11.18 रुपये का ऊपरी सर्किट स्तर छुआ, जबकि इसका निचला स्तर 10.12 रुपये प्रति शेयर दर्ज किया गया। ट्रेडिंग सत्र में शेयर में लगभग 1.5% का उछाल दर्ज किया गया और कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 1,726.38 करोड़ रुपये पहुंच गया। बाजार में व्यापक बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में भी इस स्टॉक में खरीदारी का रुझान बना रहा।
उच्च प्रबंधन और बोर्ड में किए गए नए बदलाव
शेयर में आई इस हालिया तेजी का मुख्य कारण कंपनी द्वारा हाल ही में घोषित किया गया कॉरपोरेट पुनर्गठन है। एलीटकॉन इंटरनेशनल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 14 अगस्त 2026 को हुई अपनी बैठक में आठ महत्वपूर्ण नियुक्तियों को मंजूरी दी थी। इन सभी नियुक्तियों को उसी तारीख से लागू कर दिया गया था, हालांकि कंपनी अधिनियम के अनुसार सदस्यों की अंतिम मंजूरी ली जानी बाकी है।
कंपनी के नए नेतृत्व ढांचे के तहत कई महत्वपूर्ण पद भरे गए हैं
- प्रबंध निदेशक: पूर्व अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक प्रदीप कुमार को पदोन्नत करके कंपनी का नया मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया है।
- स्वतंत्र निदेशक: गैर-कार्यकारी स्वतंत्र श्रेणी में तीन अतिरिक्त निदेशकों को शामिल किया गया है, जिनमें एक महिला स्वतंत्र निदेशक भी शामिल हैं।
- कार्यकारी निदेशक: बोर्ड में एक नए कार्यकारी निदेशक की नियुक्ति की गई है।
- की मैनेजिंग पर्सनेल (KMP): अनुपालन अधिकारी के रूप में कंपनी सचिव, एक मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) और एक सीक्रेटेरियल ऑडिटर की नियुक्ति की गई है।
वित्तीय आंकड़े और 52-सप्ताह का प्रदर्शन
भले ही मंगलवार को शेयर में तेजी देखी गई हो, लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस शेयर ने भारी गिरावट का सामना किया है। एलीटकॉन इंटरनेशनल का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 1 सितंबर 2025 को 311.60 रुपये प्रति शेयर रहा था। वहीं, 1 सितंबर 2026 को शेयर ने अपना 52-सप्ताह का निचला स्तर 10.12 रुपये प्रति शेयर छुआ।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में कंपनी के शेयर मूल्य में 66% की गिरावट आई है, जबकि छह महीनों की अवधि में इसमें लगभग 88% की कमी दर्ज की गई है। इन भारी गिरावटों के बावजूद, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 280.45% के उच्च स्तर पर बना हुआ है, जो इसके मौलिक वित्तीय प्रदर्शन का संकेत देता है।



















