वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण काफी हलचल देखी जा रही है। आईएनजी के वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि न्यूजीलैंड डॉलर (NZD) में निकट भविष्य में और गिरावट देखने को मिल सकती है। मुद्रा बाजार में जून 2027 तक 95 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की जो उम्मीद जताई जा रही थी, वह अत्यधिक आक्रामक प्रतीत होती है। रिजर्व बैंक ऑफ न्यू जीलैंड (RBNZ) के मौजूदा अनुमानों में अगले तीन तिमाहियों के लिए केवल 25 बेसिस प्वाइंट की एक और बढ़ोतरी शामिल है। कच्चे तेल की घटी हुई कीमतों के कारण मुद्रास्फीति (CPI) अनुमानों में संशोधन नीचे की ओर हो सकता है, जिससे NZD/USD का स्तर गिरकर 0.5900 के नीचे जा सकता है। फिलहाल लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार NZD/USD 0.5902 के आसपास कारोबार कर रहा है।
प्रमुख मुद्रा जोड़ों पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती का प्रभाव
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर में आई तेजी से प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बढ़ गया है। जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) जोड़ी 1.3550 के स्तर से नीचे मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रही है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावनाओं ने डॉलर को सहारा दिया है। कारोबारी अब आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
दूसरी ओर, यूरो/यूएसडी (EUR/USD) में भी सुस्ती का रुख बना हुआ है। यह मुद्रा जोड़ा यूरोपीय कारोबारी घंटों में 1.1600 के करीब बना हुआ है और रातों-रात हुई रिकवरी को बरकरार रखने में असमर्थ रहा है। निवेशक अब नई दिशा के लिए यूरोज़ोन के सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (HICP) के प्रारंभिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।
फेड चेयरमैन के बयान से सोने की कीमतों में गिरावट
कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमत 4,430 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है, जो पिछले कारोबारी दिन के डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर के बेहद करीब है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉरश द्वारा दिए गए बयानों के बाद बाजार में जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। बिना ब्याज देने वाली संपत्ति होने के कारण सोने के प्रति निवेशकों का आकर्षण कम हुआ है, जिससे इसकी कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा है।
ऊर्जा बाजार और डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी
वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कच्चे तेल और ऊर्जा की ऊंची कीमतें, केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीति के कयास और उच्च राजकोषीय जोखिम प्रीमियम इस रुझान के प्रमुख कारण हैं। मध्य पूर्व में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें $90 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
तेल बाजार में सबसे बड़ा उछाल डीजल के सेगमेंट में देखा गया है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड (अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI के बीच का अंतर) पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है और इसने $102.00 का नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। यह दर्शाता है कि रिफाइनिंग और आपूर्ति श्रृंखला में तनाव बना हुआ है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तकनीकी कमजोरी
डिजिटल एसेट बाजार में पिछले हफ्ते हुई भारी बिकवाली के बाद रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और डॉजकॉइन (DOGE) जैसे प्रमुख टोकन कमजोर बने हुए हैं। ये सभी क्रिप्टोकरेंसी अपनी महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) पर तकनीकी समर्थन की तलाश कर रहे हैं। चार्ट्स पर बुलिश मोमेंटम सुस्त पड़ने के कारण आने वाले दिनों में इन टोकन में और गिरावट की चेतावनी दी जा रही है।



















