बेंगलुरु के खुदरा सर्राफा बाजार में सोने के भाव में जोरदार तेजी दर्ज की गई है, जिससे खरीदारों और निवेशकों दोनों का ध्यान इस कीमती धातु पर टिक गया है। घरेलू बाजार में यह उछाल वैश्विक सर्राफा बाजारों में जारी व्यापक उतार चढ़ाव के बीच देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की चाल अमेरिकी ब्याज दरों के अनुमान और डॉलर की मजबूती के चलते दबाव में रही है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय हाजिर सोना गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, क्योंकि कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर रुख का गहराई से मूल्यांकन कर रहे हैं। इसी दौरान चांदी के वैश्विक भाव में भी नरमी देखी गई।
बेंगलुरु में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की ताजा दरें
स्थानीय स्तर पर आभूषणों और खुदरा खरीदारी में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत में जोरदार बढ़त दर्ज की गई। 100 ग्राम 22 कैरेट सोने का भाव 8500 रुपये उछलकर 14,97,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। इसी तरह शुद्धता के मानक 24 कैरेट सोने की कीमतों में भी भारी तेजी आई। 24 कैरेट सोने की दर प्रति 100 ग्राम 9300 रुपये बढ़कर 16,33,100 रुपये पर पहुंच गई। खुदरा स्तर पर आई इस बढ़त ने स्थानीय आभूषण कारोबारियों और ग्राहकों के बीच खरीदारी के रुझान को प्रभावित किया है।
चांदी की खुदरा कीमतें स्थिर
सोने में आई इस जबरदस्त तेजी के विपरीत बेंगलुरु में चांदी की कीमतें पिछले दिन के स्तर पर ही टिकी रहीं। बाजार में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 2,90,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित दर्ज की गई। वहीं खुदरा स्तर पर 100 ग्राम चांदी का भाव 29,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के अनुपात पर बना हुआ है। हाजिर बाजार में चांदी में स्थिरता रहने से औद्योगिक और खुदरा खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा कारोबार की स्थिति
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अनुबंधों में मिला जुला और दबाव भरा रुख देखा गया। 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोने का वायदा अनुबंध 0.37 प्रतिशत गिरकर 1,62,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इसी प्रकार 5 मई की समाप्ति वाला चांदी का वायदा अनुबंध 1.07 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,74,855 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।
भारतीय सर्राफा निवेशक बुधवार के कारोबारी सत्र में सोने के कंसोलिडेशन और चांदी की मजबूत गति के बीच दाखिल हुए हैं। MCX पर मंगलवार को अक्टूबर महीने का सोना अनुबंध 0.25 प्रतिशत फिसलकर 1,52,716 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इसके विपरीत दिसंबर अनुबंध वाली चांदी 0.24 प्रतिशत की मामूली बढ़त लेकर 2,39,888 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
साप्ताहिक प्रदर्शन और तकनीकी स्तर
साप्ताहिक आधार पर बाजार का आकलन करें तो स्थिति और अधिक स्पष्ट होती है। 15 सितंबर के बाद से सोने में 1.26 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। इसकी तुलना में चांदी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 3.35 प्रतिशत की छलांग लगाई है। चांदी का यह बेहतर प्रदर्शन इसकी मजबूत गति को दर्शाता है, हालांकि इसके साथ ही निवेशकों को इसमें मौजूद अतिरिक्त जोखिम को भी समझना होगा। मंगलवार के कारोबारी सत्र में चांदी के अनुबंध में लगभग 4,840 रुपये प्रति किलोग्राम का भारी उतार चढ़ाव देखा गया।
तकनीकी मोर्चे पर बुधवार के लिए सोने को 1,51,500 रुपये के करीब त्वरित सपोर्ट मिलता दिख रहा है, जबकि अगला अहम स्तर 1,50,000 रुपये पर स्थित है। ऊपर की तरफ सोने के लिए 1,53,500 रुपये के आसपास प्रतिरोध बना हुआ है, जिसके बाद अगला रुकावट स्तर 1,54,600 रुपये है। चांदी के लिए 2,35,500 रुपये से 2,36,000 रुपये के दायरे में सहारा है। यदि चांदी 2,40,500 रुपये के ऊपर टिकने में सफल रहती है, तो यह 2,43,000 रुपये की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
फेडरल रिजर्व की नीति और अंतरराष्ट्रीय हाजिर कीमतें
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले सप्ताह अपनी नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 3.75-4 प्रतिशत के दायरे में कर दिया था। केंद्रीय बैंक के ताजा अनुमान इस वर्ष एक और संभावित बढ़ोतरी की गुंजाइश छोड़ते हैं। बांड यील्ड में बढ़ोतरी आमतौर पर बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग को सीमित करती है। हालांकि भू राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से बाजार को निचली सतह पर सहारा मिलना जारी है।
ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार हाजिर सोना 0.43 प्रतिशत गिरकर 4345.19 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया। वहीं हाजिर चांदी 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.7 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। वैश्विक मैक्रो संकेत और अमेरिकी दरों की दिशा आने वाले दिनों में घरेलू बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

















