अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत रुख बनाए हुए है और मासिक शिखर के पास 1.3410 के स्तर पर टिका हुआ है। ब्रिटेन में महंगाई के ताजा आंकड़ों के बाद केंद्रीय बैंक द्वारा मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त किए जाने की संभावनाओं ने पाउंड को मजबूत सहारा दिया है। वैश्विक स्तर पर डॉलर पर बने दबाव और निवेशकों द्वारा आगामी महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा के बीच पाउंड स्टर्लिंग में यह तेजी देखने को मिल रही है। बाजार के विश्लेषक और निवेशक अब ब्रिटेन के खुदरा बिक्री आंकड़ों और ब्रिटेन तथा अमेरिका के संयुक्त पीएमआई आंकड़ों पर नजरें गड़ाए हुए हैं।
ब्रिटेन में महंगाई का दबाव और बैंक ऑफ इंग्लैंड का रुख
नोमुरा के विश्लेषकों के आकलन के अनुसार ब्रिटेन में हालिया मुद्रास्फीति रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव फिर से बढ़ रहा है। सितंबर की रिपोर्ट में हेडलाइन और सेवा क्षेत्र दोनों की मुद्रास्फीति आम सहमति के अनुमानों से काफी ऊपर दर्ज की गई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय सेवाओं की कीमतों में लगातार बनी हुई मजबूती है। विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक का सेवा मुद्रास्फीति से जुड़ा मुख्य पैमाना पिछले कुछ महीनों से लगातार जिद्दी बना हुआ है और इसमें अपेक्षित नरमी देखने को नहीं मिल रही है।
उत्पादन और थोक स्तर की कीमतों में भी तेजी के संकेत मिले हैं, जिसने आने वाले समय के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं। आपूर्ति श्रृंखला में अपस्ट्रीम कीमतें उम्मीद से अधिक तेज रही हैं। हालांकि थोक वस्तुओं की कीमतों में हुई वृद्धि में ऊर्जा लागत की बढ़ोतरी का सबसे बड़ा हाथ रहा है, लेकिन मुख्य कीमतें भी मध्यम गति से बढ़ी हैं। इसके साथ ही सेवा क्षेत्र की अपस्ट्रीम कीमतें उपभोक्ता स्तर पर आगे और अधिक महंगाई का संकेत दे रही हैं। यदि लागत का यह भार आम परिवारों पर डाला जाता है, तो ब्रिटेन में खुदरा महंगाई के दोबारा भड़कने का गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है।
इन सभी आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नोमुरा ने बैंक ऑफ इंग्लैंड के प्रति अपने दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव किया है। एजेंसी का मानना है कि जिद्दी महंगाई, मजबूत श्रम बाजार, सतत आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के संयुक्त प्रभाव ने केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में कटौती के बजाय बढ़ोतरी की दिशा में सोचने पर विवश किया है। विश्लेषकों का नया अनुमान है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड नवंबर और फरवरी में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। यह अनुमान वित्तीय बाजारों में पहले से आंकी जा रही स्थिति की तुलना में अधिक सख्त नीति का संकेत देता है।
तकनीकी स्तर और महत्वपूर्ण आंकड़े
करेंसी चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से पाउंड कई महत्वपूर्ण बाधाओं और समर्थन स्तरों का सामना कर रहा है। ऊपर की तरफ पहला तात्कालिक प्रतिरोध 1.3409 पर स्थित 50.0 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर पर मौजूद है। यदि पाउंड इस स्तर से ऊपर बना रहता है, तो अगला बड़ा प्रतिरोध 1.3472 के 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर पर देखा जाएगा। इसके बाद 78.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 1.3562 पर आता है, जबकि हालिया उच्च स्तर 1.3677 एक बड़े और दूरगामी अवरोध के रूप में काम करेगा।
गिरावट की स्थिति में पाउंड के लिए पहला अहम समर्थन 1.3345 पर मौजूद 38.2 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो 1.3267 पर स्थित 23.6 प्रतिशत स्तर अगला सहारा बनेगा। बाजार में अधिक गहरी गिरावट आने की दशा में 1.3140 के पास स्थित ढांचागत समर्थन स्तर का परीक्षण हो सकता है। कारोबारियों का पूरा ध्यान अब शुक्रवार को जारी होने वाले सितंबर के ब्रिटिश खुदरा बिक्री आंकड़ों और अक्टूबर के शुरुआती ब्रिटेन-अमेरिका एसएंडपी ग्लोबल पीएमआई आंकड़ों पर टिका हुआ है।
बैंक ऑफ इंग्लैंड की मुख्य जिम्मेदारी ब्रिटेन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित हेडलाइन मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब बनाए रखने की है। इसी वजह से हर महीने जारी होने वाले महंगाई के आंकड़ों का मुद्रा बाजार पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जब महंगाई दर में तेजी आती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को जल्दी और तेजी से बढ़ाने पर विचार करता है या बांड खरीद कार्यक्रम में कटौती करता है। इस प्रक्रिया से बाजार में पाउंड की तरलता कम होती है, जो ब्रिटिश मुद्रा को मजबूती प्रदान करती है। इसके विपरीत जब महंगाई की गति धीमी पड़ती है, तो मौद्रिक नीति में ढील दी जाती है, जिससे पाउंड पर दबाव बनता है।
अन्य वैश्विक मुद्राओं की चाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में कमजोरी दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर डॉलर के मुकाबले अपने मासिक उच्च स्तर से फिसलकर 0.7000 के स्तर पर आ गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम वाली संपत्तियों के प्रति धारणा को प्रभावित किया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव पड़ा। इसके बावजूद रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों की हालिया सख्त टिप्पणियां ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को गिरावट से बचाने में मददगार साबित हो सकती हैं। साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि के दांवों के बीच डॉलर पर जारी बिकवाली का रुख भी नुकसान को सीमित रखेगा।
दूसरी ओर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर गुरुवार को एक हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया। मंदी के रुझान वाले कारोबारी अब नए सौदे करने से पहले डॉलर-येन जोड़ी के 157.00 के मध्य स्तर पर मौजूद कई हफ्तों के समर्थन को टूटने का इंतजार कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने के दांव और पश्चिम एशिया के संकट के बावजूद अमेरिकी बांड प्रतिफल में आई गिरावट ने डॉलर को तीन हफ्ते के निचले स्तर के करीब दबाए रखा है। इसके अतिरिक्त बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति सख्त किए जाने की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया है।
सोने, क्रिप्टोकरेंसी और अमेरिकी शेयर बाजार का हाल
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और पीली धातु यूरोपियन सत्र में 4,100 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसलकर एक हफ्ते के नए निचले स्तर पर पहुंच गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने के जोखिम ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को बल दिया है, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग कमजोर हुई है। अमेरिकी बांड यील्ड में गिरावट के बावजूद सोने में यह सुस्ती बरकरार रही।
डिजिटल एसेट बाजार में डॉगकॉइन दबाव में बना हुआ है और सप्ताह की शुरुआत में हल्की बढ़त के बावजूद 0.081 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है। सेंटिमेंट के आंकड़ों से टोकन के संचय के संकेत मिलते हैं और डॉगकॉइन लैब्स तथा डॉगकॉइन फाउंडेशन की हालिया साझेदारी से बाजार में हल्की तेजी की उम्मीद बंधी है। हालांकि डेरिवेटिव्स बाजार के मिले-जुले आंकड़ों और कमजोर तकनीकी संकेतकों ने मीम कॉइन की रिकवरी की रफ्तार को धीमा रखा हुआ है।
अमेरिकी शेयर बाजार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ने बुधवार को 52,800 के करीब पहुंचकर सितंबर की शुरुआत के बाद का अपना उच्चतम स्तर दर्ज किया। इस बढ़त का बड़ा श्रेय एक प्रमुख बैंक गोल्डमैन सैक्स और बुलडोजर निर्माता कैटरपिलर को गया। अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रमुख कंपनी स्पेसएक्स ने अपने राजस्व में 161 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई। डाउ जोंस की मूल्य-भारित संरचना के कारण गोल्डमैन सैक्स और कैटरपिलर के शेयरों में आई मजबूती ने सूचकांक को नए मुकाम पर पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।



















