वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच केंद्रीय बैंकों की रणनीतियों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बैंक इंडोनेशिया ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 5.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक ने घरेलू आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंचाए बिना इंडोनेशियाई रुपिया को स्थिरता देने के उद्देश्य से अपने नीतिगत मिश्रण में महत्वपूर्ण फेरबदल किए हैं। वित्तीय स्थितियों को व्यापक रूप से कड़ा किए बिना मुद्रा के बचाव के लिए रिज़र्व आवश्यकताओं में कटौती की गई है और डोमेस्टिक नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड यानी डीएनडीएफ हेजिंग प्रोत्साहनों को बढ़ाया गया है। इसके बावजूद बाजार विश्लेषक रुपिया के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
इंडोनेशियाई रुपिया पर बढ़ता दबाव और केंद्रीय बैंक के कदम
बैंक इंडोनेशिया की हालिया मौद्रिक समीक्षा का मुख्य केंद्र बिंदु मुद्रा की विनिमय दर में आ रही गिरावट को थामना और घरेलू विकास की गति को सहारा देना रहा। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने अपनी मुख्य दर को 5.75 प्रतिशत पर स्थिर रखकर यह संकेत दिया है कि वे विकास को अवरुद्ध करने वाली आक्रामक ब्याज दर वृद्धि से बचना चाहते हैं। इसके बजाय तरलता प्रबंधन और मुद्रा बचाव के वैकल्पिक उपकरणों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। रिज़र्व आवश्यकताओं में ढील देने से बैंकिंग प्रणाली में आवश्यक तरलता बनी रहेगी, जबकि डीएनडीएफ उपकरणों के जरिए डॉलर की मांग को प्रबंधित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार, बैंक इंडोनेशिया के इन कदमों से रुपिया में आ रही तेज गिरावट की रफ्तार धीमी तो हो सकती है, लेकिन पूरी प्रवृत्ति का रुख पलटना बेहद कठिन नजर आता है। एमयूएफजी के विश्लेषक लॉयड चान ने स्थिति का मूल्यांकन करते हुए स्पष्ट किया है कि बाहरी दबाव और इक्विटी बाजार से लगातार हो रही विदेशी पूंजी की निकासी मुद्रा पर भारी पड़ रही है। इस परिदृश्य को देखते हुए एमयूएफजी ने अपने मुद्रा अनुमानों को यथावत रखा है, जिसमें साल 2026 के अंत तक यूएसडी/आईडीआर विनिमय दर के 18,350 और 2027 की पहली तिमाही में इसके 18,500 तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन के कारोबार में उठापटक
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्रा युग्मों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने महीने के उच्च स्तर से पीछे हटते हुए गिरावट दर्ज की और एयूडी/यूएसडी गिरकर 0.7000 के स्तर पर आ गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव के कारण जोखिम से जुड़ी संपत्तियों से निवेशकों ने दूरी बनाई, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव बढ़ गया। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों की हालिया सख्त और आक्रामक टिप्पणियों से मुद्रा को कुछ बुनियादी सहारा मिल सकता है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में लगातार बनी बिकवाली की धारणा भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नुकसान को एक सीमित दायरे में बांध सकती है।
दूसरी ओर जापानी मुद्रा के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी यूएसडी/जेपीवाई फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। मंदी के कारोबारी अब मध्य-157.00 के आसपास बने बहु-सप्ताह के समर्थन स्तर के टूटने का इंतजार कर रहे हैं ताकि नए सौदे तय किए जा सकें। हालांकि दिसंबर में फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दर में वृद्धि की उम्मीदों और पश्चिम एशिया के तनाव ने जोखिम बढ़ाया है, फिर भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई हालिया गिरावट ने डॉलर को तीन सप्ताह के निचले स्तर के करीब दबाकर रखा है। साथ ही बैंक ऑफ जापान की ओर से नीतिगत सख्ती की संभावनाओं और जापानी अधिकारियों द्वारा विनिमय दर में हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को मजबूती प्रदान की है।
सोने की कीमतों में सुस्ती और कच्चे तेल का असर
कीमती धातुओं के बाजार में सोने के भाव में कमजोरी का दौर जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे लुढ़क कर एक सप्ताह के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से उपजे मुद्रास्फीति के खतरों ने अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलों को फिर से हवा दे दी है। यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत तक बुलियन पर यह दबाव साफ तौर पर देखा गया। आम तौर पर बॉन्ड यील्ड में गिरावट गैर-यील्ड वाली संपत्तियों जैसे सोने के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल घटने और डॉलर के कमजोर रहने के बावजूद सोने को कोई खास सहारा नहीं मिल सका, जिससे कीमतों में और गिरावट की संभावना बन रही है।
क्रिप्टोकरेंसी और मीम कॉइन का दायरा
डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में डॉगकॉइन पर दबाव बरकरार रहा और यह 0.081 डॉलर के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखा, हालांकि सप्ताह की शुरुआत में इसमें मामूली सुधार देखा गया था। ब्लॉकचेन डेटा विश्लेषण मंच सेंटिमेंट के आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि निवेशक निचले स्तरों पर खरीदारी और संचय कर रहे हैं। इसके साथ ही डॉगकॉइन फाउंडेशन और डॉगकॉइन लैब्स के बीच घोषित साझेदारी ने बाजार में थोड़ा सकारात्मक माहौल तैयार किया है। इसके बावजूद डेरिवेटिव्स बाजार के मिले-जुले संकेतक और तकनीकी मोमेंटम संकेतकों की कमजोरी के कारण इस मीम कॉइन की वापसी सीमित दायरे में ही अटकी हुई है।
अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी और कॉर्पोरेट नतीजे
वॉल स्ट्रीट पर प्रमुख शेयर सूचकांकों में बुधवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की तेजी का व्यापक प्रभाव दिखा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 52,800 के स्तर के पास बंद हुआ, जो सितंबर की शुरुआत के बाद का इसका उच्चतम बंद स्तर है। दिलचस्प तथ्य यह रहा कि मूल्य-भारित डॉव इंडेक्स को यह ऐतिहासिक उछाल एक बड़े बैंक और भारी मशीनरी निर्माता कंपनी से मिला, जिसमें गोल्डमैन सैक्स और कैटरपिलर के शेयरों की बढ़त सबसे आगे रही। प्रौद्योगिकी क्षेत्र के सूचकांक नैस्डैक कंपोजिट में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं निजी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने अपने वित्तीय प्रदर्शन में 161 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की सूचना दी, जिसने उद्योग जगत में भारी उत्साह पैदा किया।



















