वैश्विक मुद्रा बाजारों में ब्रिटिश पॉउंड की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि बाजार बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आगामी 12 महीनों में ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए बैठा है। ब्याज दर स्वैप कर्व से संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में 75 आधार अंकों का इजाफा कर इसे 4.50 प्रतिशत तक ले जा सकता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनुमान जरूरत से ज्यादा आक्रामक है और यदि बैंक ऑफ इंग्लैंड नरम रुख अपनाता है, तो स्टर्लिंग को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यूके की मौजूदा आर्थिक स्थिति और राजकोषीय दबाव को देखते हुए इतने सख्त मौद्रिक फैसलों की गुंजाइश काफी कम नजर आती है।
ब्रिटिश पॉउंड पर दबाव और बैंक ऑफ इंग्लैंड का रुख
यूके की अर्थव्यवस्था वर्तमान में नकारात्मक आउटपुट गैप का सामना कर रही है, जो आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती को दर्शाता है। इसके अलावा, मौजूदा नीतिगत दर बैंक ऑफ इंग्लैंड के 2 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के तटस्थ दायरे के अनुमानित मध्य बिंदु से ऊपर बनी हुई है। इन परिस्थितियों में ब्याज दरों को और तेजी से बढ़ाना आर्थिक वृद्धि को और धीमा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंक का नरम रुख अपनाना स्वाभाविक होगा, जिससे बाजार में पॉउंड के मूल्य का पुनर्मूल्यांकन हो सकता है।
इसके साथ ही, आगामी बजट को लेकर बनी अनिश्चितता भी मुद्रा पर असर डाल रही है। सरकार द्वारा सख्त राजकोषीय नीतियां अपनाए जाने की संभावना है, जिससे अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
जॉन हीली का 28 अक्टूबर का बजट और राजकोषीय चुनौतियां
यूके के चांसलर जॉन हीली 28 अक्टूबर को आने वाले बजट में अनिश्चितता से निपटने के लिए एक मजबूत राजकोषीय बफर बनाने की तैयारी में हैं। उधार लेने की बढ़ती लागत के कारण सरकार की राजकोषीय क्षमता आधी घटकर लगभग 12 अरब पाउंड रह गई है। इस स्थिति को संभालने के लिए सरकार करों में वृद्धि और सार्वजनिक खर्च में कटौती का मिला-जुला रास्ता चुन सकती है।
राजकोषीय नीतियों में यह सख्ती आर्थिक गतिविधियों को सीमित कर सकती है। यही कारण है कि विश्लेषक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा दरों में कम आक्रामक बढ़ोतरी की वकालत कर रहे हैं, ताकि अर्थव्यवस्था पर दोहरा दबाव न पड़े।
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार: AUD, USD और JPY का रुख
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) मई के मध्य के बाद के अपने उच्चतम स्तर के ठीक नीचे 0.7200 के आसपास कारोबार कर रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन दे रही हैं। दूसरी ओर, अमेरिका के मजबूत गैर-कृषि रोजगार (NFP) आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने की संभावनाओं को बल दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है, जिससे AUD/USD की बढ़त सीमित हो गई है।
वहीं, जापानी येन में मजबूती के कारण USD/JPY जोड़ी यूरोपीय सत्र के दौरान 156.00 के स्तर से नीचे बनी हुई है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा सख्त रुख अपनाने की उम्मीदों से येन को बल मिल रहा है। इसके विपरीत, अमेरिकी कर्ज की चिंताओं और आगामी अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ों से पहले फेड की नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण अमेरिकी डॉलर दबाव में है।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार: सोना, डीजल और बिटटेंसर
कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने में लगातार दूसरे दिन बिकवाली का रुझान देखा गया है और यह 4,400 डॉलर के स्तर के आसपास बना हुआ है। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद शुक्रवार को सोने में आई गिरावट के बावजूद, यह अपने निचले स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिससे कारोबारी सतर्क रुख अपना रहे हैं।
तेल बाजार में शांति के बावजूद डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल देखा जा रहा है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI क्रूड के बीच का अंतर यानी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और इसने 102.00 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छुआ है।
दूसरी ओर, क्रिप्टो बाजार में बिटटेंसर (TAO) में तेजी जारी है। पिछले पांच दिनों में 25 प्रतिशत की बढ़त के साथ यह हरे निशान में कारोबार कर रहा है। सोलाना ब्लॉकचेन पर एक नए मीम कॉइन की लॉन्चिंग और ChatGPT-6 एस्ट्रा के रिलीज से बिटटेंसर की चर्चा बढ़ी है। तकनीकी रूप से, खरीदार इसे 300 डॉलर के ब्रेकआउट स्तर की ओर ले जाने का लक्ष्य बना रहे हैं।



















