अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड (GBP) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले मजबूती दर्ज करते हुए 1.3525 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। ग्रीनबैक में हल्की नरमी के कारण पाउंड को सहारा मिला है। हाल ही में जारी हुए अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के आंकड़े उम्मीद से कहीं बेहतर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी डॉलर ऊपरी स्तरों पर बढ़त को बरकरार रखने में संघर्ष करता नजर आ रहा है। वर्तमान में बाजार की निगाहें ब्रिटेन के चांसलर जॉन हीली के आगामी भाषण पर टिकी हैं, जिसे अगले महीने पेश होने वाले राष्ट्रीय बजट के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इसी बीच, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.10 के आसपास सुस्त कारोबार कर रहा है। हालांकि, यह सूचकांक बीते शुक्रवार के कारोबारी दायरे के भीतर ही बना हुआ है। वित्तीय बाजारों के भागीदार अब अपना ध्यान शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिका के अगस्त महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ों की तरफ मोड़ रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की भावी दिशा तय करने में बेहद अहम भूमिका निभाएंगे।
ब्रिटिश पाउंड का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) की जोड़ी 1.3533 के आसपास बनी हुई है। यह मुद्रा जोड़ी अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.3533 के बिल्कुल करीब टिकी हुई है। कीमत का इस पिवट स्तर के इर्द-गिर्द घूमना यह दर्शाता है कि निकट अवधि में बाजार का रुझान तटस्थ बना हुआ है। जब तक कीमत स्पष्ट रूप से इस स्तर से ऊपर या नीचे नहीं निकलती, तब तक कोई बड़ा एकतरफा रुझान बनना मुश्किल है।
तकनीकी परिदृश्य में पूर्व में 1.3435 के स्तर के पास टूटी हुई ऊपर की ओर झुकी ट्रेंड-लाइन अभी भी व्यापक तेजी के ढांचे को सहारा दे रही है। दूसरी ओर, लगभग 52 के स्तर पर मौजूद रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) यह संकेत देता है कि हाल ही में ओवरबॉट क्षेत्र से आई गिरावट के बाद बाजार में गति अब संतुलित हो चुकी है। गिरावट की स्थिति में, पहला मुख्य समर्थन 1.3533 के ईएमए पिवट पर ही है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो 1.3435 का पुराना ट्रेंड-लाइन ब्रेकआउट क्षेत्र एक गहरे संरचनात्मक सपोर्ट फ्लोर के रूप में काम करेगा। किसी भी स्पष्ट दिशात्मक चाल के लिए 20-दिवसीय ईएमए से दूरी बनाना आवश्यक होगा।
यूके का वित्तीय परिदृश्य और चांसलर जॉन हीली की घोषणाएं
यूके की राजकोषीय स्थिति को लेकर बाजार में काफी सुगबुगाहट है। ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन (BBH) के रणनीतिकारों के अनुसार, चांसलर जॉन हीली का आगामी भाषण मुख्य रूप से करों में बढ़ोतरी और सरकारी खर्चों में कटौती पर केंद्रित हो सकता है। यह कदम देश में बढ़ते राजकोषीय जोखिमों को उजागर करता है। 28 अक्टूबर को आने वाले बजट से पहले चांसलर ने अनिश्चितता के खिलाफ एक मजबूत राजकोषीय बफर बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।
वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार को सख्त नीतियां अपनानी होंगी। उच्च उधार लागतों के कारण यूके सरकार का राजकोषीय हेडरूम घटकर लगभग £12 अरब रह गया है, जो कि पिछले अनुमानों का आधा है। यह गिरावट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि सार्वजनिक वित्त को संभालने के लिए सरकार के पास बेहद सीमित विकल्प बचे हैं। इसी कारण से आगामी बजट में टैक्स दरों में वृद्धि और खर्चों में कटौती का मिश्रण देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था, जॉब्स डेटा और फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिका में शुक्रवार को जारी हुए रोजगार आंकड़ों ने बाजार को चौंकाया था। आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 162K नए रोजगार जुड़े, जो कि 56K के अनुमानित आंकड़े से काफी अधिक थे। इसके अतिरिक्त, जुलाई महीने के एनएफपी डेटा को भी संशोधित कर -23K से बढ़ाकर +21K कर दिया गया। हालांकि, इन मजबूत आंकड़ों के बाद भी डॉलर में वैसी तेजी नहीं दिखी जैसी उम्मीद थी।
आगामी अगस्त सीपीआई रिपोर्ट से पहले फेडरल रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। न्यू यॉर्क फेड बैंक के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स और गवर्नर क्रिस्टोफ़र वॉलर ने कहा कि मुद्रास्फीति से जुड़े हालिया आंकड़े काफी उत्साहजनक रहे हैं और महंगाई की प्रत्याशाएं नियंत्रण में हैं। इससे यह उम्मीद मजबूत हुई है कि केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति को लेकर अधिक आक्रामक रुख नहीं अपनाएगा।
नॉन-फार्म पेरोल (NFP) का वैश्विक बाजारों पर प्रभाव
नॉन-फार्म पेरोल अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (BLS) की मासिक रोजगार रिपोर्ट का एक मुख्य हिस्सा है। यह कृषि क्षेत्र को छोड़कर अमेरिका में पिछले महीने के दौरान नियोजित लोगों की संख्या में हुए बदलाव को मापता है। यह आंकड़ा फेडरल रिजर्व के फैसलों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है, क्योंकि फेड का मुख्य जनादेश पूर्ण रोजगार हासिल करना और मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य पर रखना है।
जब एनएफपी के आंकड़े उम्मीद से अधिक आते हैं, तो इसका मतलब होता है कि अर्थव्यवस्था में अधिक लोग काम कर रहे हैं और खर्च बढ़ा रहे हैं। इससे मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा रहता है, जिसे रोकने के लिए फेड ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। यही कारण है कि उच्च एनएफपी डेटा आमतौर पर अमेरिकी डॉलर को मजबूती देता है। इसके विपरीत, जब आंकड़े कमजोर आते हैं, तो डॉलर पर दबाव बनता है।
एनएफपी का सोने की कीमतों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। मजबूत पेरोल डेटा के कारण डॉलर मजबूत होता है और बॉन्ड यील्ड बढ़ती है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अमेरिकी डॉलर में आंका जाता है, इसलिए मजबूत डॉलर के कारण सोने की मांग में कमी आती है। इसके अलावा, ऊंची ब्याज दरें नकद परिसंपत्तियों को अधिक आकर्षक बनाती हैं, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोने में बिकवाली देखने को मिलती है।
हालांकि, केवल एनएफपी हेडलाइन नंबर ही बाजार की दिशा तय नहीं करता। औसत प्रति घंटा कमाई (Average Weekly Earnings), श्रम बल भागीदारी दर (Participation Rate) और औसत साप्ताहिक घंटे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, यदि एनएफपी नंबर ज्यादा आए लेकिन वेतन वृद्धि उम्मीद से कम रहे, तो बाजार इसे मुद्रास्फीति के बजाय अपस्फीति (deflationary) के रूप में देखता है और डॉलर में गिरावट आ सकती है।
अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों और करेंसी पेअर्स की हलचल
वैश्विक बाजार के अन्य हिस्सों में भी मिश्रित रुझान देखने को मिल रहा है
- AUD/USD: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मई के मध्य के बाद के अपने उच्चतम स्तर के ठीक नीचे 0.7200 के आसपास समेकित हो रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दे रही हैं, जबकि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग इसकी बढ़त को सीमित कर रही है।
- USD/JPY: यूरोपीय सत्र के दौरान जापानी येन में मजबूती के कारण USD/JPY घटकर 156.00 के नीचे बना हुआ है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं से येन को बल मिला है, जबकि अमेरिकी कर्ज की चिंताओं ने डॉलर को बैकफुट पर धकेल दिया है।
- गोल्ड (Gold): सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन हल्की गिरावट देखी गई और यह $4,400 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि, शुक्रवार के निचले स्तर से ऊपर बने रहने के कारण बिकवालों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
- बिटटेंसर (TAO): क्रिप्टो बाजार में बिटटेंसर लगातार पांचवें दिन तेजी दर्ज करते हुए सोमवार को हरे निशान में कारोबार कर रहा है। पिछले पांच दिनों में इसमें 25% की बढ़त हुई है। सोलाना नेटवर्क पर इसी नाम से लॉन्च हुए मेम कॉइन और चैटजीपीटी-6 एस्ट्रा की चर्चाओं से इसे गति मिली है। तकनीकी विश्लेषक $300 के ब्रेकआउट स्तर को लक्षित कर रहे हैं।
- डीजल क्रैक स्प्रेड: कच्चे तेल के बाजार में शांति के बावजूद डीजल बाजार में भारी तेजी देखी जा रही है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई का अंतर) पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकलकर $102.00 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।


















