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चंडीगढ़ में अपराध पर लगाम कसने की तैयारी, 19 नई चेकपोस्ट और 2000 नए सीसीटीवी कैमरों से मजबूत होगा सुरक्षा चक्रहरियाणा
7 सित॰ 2026, 3:01 pm (56 मिनट पहले)· 2

चंडीगढ़ में अपराध पर लगाम कसने की तैयारी, 19 नई चेकपोस्ट और 2000 नए सीसीटीवी कैमरों से मजबूत होगा सुरक्षा चक्र

चंडीगढ़ में बढ़ते गोलीकांड और रंगदारी के मामलों के बीच पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का बड़ा फैसला किया है। इसके तहत शहर की सीमाओं पर 19 नई चेकपोस्ट बनाई जाएंगी और शहर में 2000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

खूबसूरत शहर चंडीगढ़ में हाल के दिनों में गोलीबारी की वारतादें और संपन्न लोगों से रंगदारी वसूलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इन गंभीर मामलों के बाद अब चंडीगढ़ पुलिस ने शहर की सीमाओं पर सुरक्षा का एक मजबूत और दोहरा घेरा तैयार करने की ठोस रणनीति बनाई है। इस नई योजना के तहत पंजाब और हरियाणा से सटी चंडीगढ़ की सीमाओं पर कुल 19 नई पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी, जिन्हें अगले डेढ़ महीने के भीतर पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा शहर के भीतर और बाहरी हिस्सों में करीब 2000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए विशेष स्थानों को चिह्नित किया जा चुका है।

इन नए सुरक्षा उपायों का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध लोगों, वाहनों और असामाजिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखना है। इसके साथ ही, यदि शहर में कोई आपराधिक वारदात होती है, तो आरोपियों के भागने वाले रास्तों को तुरंत ट्रैक करने और उन पर शिकंजा कसने में इन कैमरों और चेकपोस्ट की मदद ली जाएगी। पिछले शुक्रवार को हुई फॉसवेक की बैठक में शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को लेकर स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने खुलकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं, जिसके बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है।

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चंडीगढ़ की भौगोलिक सीमाएं पंजाब और हरियाणा राज्यों से सटी हुई हैं और इन रास्तों से रोजाना अनगिनत वाहन शहर के अंदर और बाहर आते-जाते हैं। किसी भी आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद अपराधियों के आसानी से शहर की सीमा पार कर फरार हो जाने की आशंका हमेशा बनी रहती है, यही वजह है कि पुलिस के लिए बॉर्डर एरिया बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन नई चेकपोस्ट पर आने-जाने वाले हर वाहन और संदिग्ध हरकतों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत चेकिंग और सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इन नई चौकियों का मकसद आम नागरिकों की सामान्य आवाजाही में बाधा डालना कतई नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखना है। विशेष तौर पर रात के वक्त सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की सक्रियता और मौजूदगी बढ़ने से वहां की सुरक्षा व्यवस्था कहीं अधिक चाक-चौबंद हो जाएगी।

दो हजार नए कैमरों से बढ़ेगा निगरानी का दायरा

चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने इस बात की जानकारी दी है कि शहर में लगभग 2000 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए महत्वपूर्ण पॉइंट्स को चिन्हित कर लिया गया है। इन स्थानों में वे इलाके शामिल हैं जहां लोगों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है या फिर जो अपराध की दृष्टि से काफी संवेदनशील माने जाते हैं। इन कैमरों के लग जाने से संदिग्ध वाहनों और असामाजिक तत्वों की हरकतों को ट्रैक करने में बहुत आसानी होगी। किसी भी बड़ी वारदात के बाद पुलिस की जांच-पड़ताल में ये सीसीटीवी फुटेज एक बेहद मजबूत और निर्णायक कड़ी साबित होंगे।

अपराध रोकने के साथ वारदात के बाद ट्रैकिंग पर जोर

हाल ही में हुई बैठक के दौरान होम सेक्रेटरी मनदीप बराड़ ने भी शहर की ओवरऑल सुरक्षा व्यवस्था और अपराध पर लगाम लगाने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। 19 नई चेकपोस्ट और 2000 नए कैमरों के इस प्रस्ताव को इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। इससे न केवल शहर के प्रवेश और निकास के मुख्य रास्तों पर निगरानी सख्त होगी, बल्कि भीतरूनी इलाकों में भी सुरक्षा का दायरा काफी हद तक मजबूत हो जाएगा।

गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कुछ समय में चंडीगढ़ में कई बड़ी आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। कुछ समय पहले शहर के सेक्टर 11 इलाके में एक मेडिकल स्टोर के कैशियर की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा सेक्टर 26 के एक क्लब में बम फेंके जाने की घटना भी सामने आई थी। ठीक इसी तरह सेक्टर 37 में स्थित भाजपा दफ्तर पर भी ग्रेनेड से हमला किया गया था। इस प्रकार की वारदातों और गैंगस्टर्स द्वारा लगातार रंगदारी मांगे जाने के कारण शहर के व्यापारी वर्ग और आम लोग काफी परेशान हैं, जिसके चलते पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे।

सवाल-जवाब

चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या योजना बनाई है?
चंडीगढ़ पुलिस ने शहर की सीमाओं पर 19 नई चेकपोस्ट बनाने और शहर में 2000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई है।
नई चेकपोस्ट कहां और क्यों बनाई जा रही हैं?
ये नई चेकपोस्ट चंडीगढ़ की पंजाब और हरियाणा से लगती सीमाओं पर बनाई जा रही हैं ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और अपराधियों को भागने से रोका जा सके।
नई चेकपोस्ट तैयार होने में कितना समय लगेगा?
इन नई चेकपोस्ट को तैयार करने की योजना करीब डेढ़ माह की है।
शहर में हाल ही में कौन सी प्रमुख आपराधिक घटनाएं हुई हैं?
हाल ही में सेक्टर 11 में एक मेडिकल स्टोर के कैशियर की हत्या, सेक्टर 26 के क्लब में बम फेंकना और सेक्टर 37 स्थित भाजपा दफ्तर पर ग्रेनेड फेंकने जैसी घटनाएं हुई हैं।
चंडीगढ़ में हालिया बैठकों की अध्यक्षता किसने की?
फॉसवेक की बैठक और सुरक्षा समीक्षा बैठकों में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ होम सेक्रेटरी मनदीप बराड़ और एसएसपी कंवरदीप कौर शामिल रहे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·20 मिनट पहले

चंडीगढ़ प्रशासन का यह सुरक्षा खाका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब और हरियाणा से सटी सीमाओं पर 19 नई चेकपोस्ट और 2000 सीसीटीवी कैमरे अपराधियों के लिए भागने के रास्ते बंद कर सकते हैं। हालांकि, सिर्फ हार्डवेयर बढ़ाने से बात नहीं बनेगी; अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय और खुफिया तंत्र को मजबूत करना होगा ताकि रंगदारी और गोलीबारी जैसी वारदातों पर स्थायी अंकुश लग सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 मिनट पहले

चंडीगढ़ प्रशासन की यह पहल शहर की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए जरूरी कदम है, खासकर तब जब सीमावर्ती इलाकों से अपराधियों के भागने की आशंका लगातार बनी रहती है। हालांकि, केवल भौतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से संगठित अपराधों पर पूरी तरह लगाम नहीं कसी जा सकती। इसके लिए सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के साथ त्वरित सूचना साझा करने की प्रणाली और जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को बेहद सक्रिय करना होगा, तभी इस सुरक्षा चक्र का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।

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